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देवरिया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज अपने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान जनपद देवरिया के पुलिस लाइन में कृषि एवं विकास पर आधारित प्रर्दशनी का अवलोकन किया। इसके पूर्व उन्होंने वहां लगाये गये स्टाल एवं प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस लाइन स्थित नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय आजीविका मिशन, प्रगतिशील कृषकों, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के लाभार्थियों से संवाद किया तथा आकांक्षा समिति, कृषि, एन0आर0एल0एम0, प्रधानमंत्री आवास शहरी एवं ग्रामीण व क्षय रोग से जुड़े विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने कार्यों का प्रस्तुतिकरण भी किया गया।
उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चे का जन्म न हो, इसके लिये भी लोगों में जागरुकता लायी जाए। राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा इसके लिये 5 हजार रुपये गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार देने के लिये उपलब्ध कराया जाता है, जिसके लिये वे महिलाओं को बतायें और उसका उपयोग करायें।
राज्यपाल ने कहा कि देश को 2025 तक क्षय रोग मुक्त किये जाने हेतु सभी लोग जागरुक हों। क्षय ग्रस्त बच्चों को गोद लें और उनका समुचित इलाज कराये। उन्हें पौष्टिक आहार के तहत मूंगफली, चना और फल दें। उन्होंने कहा कि अधिकारी सहित सभी प्रबुद्वजन इस कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि हमें सोच बदलनी चाहिये। बच्चो व रोगियों को पौष्टिक आहार में हम क्या खिलाते है यह देखना चाहिये। सबसे ज्यादा ऐसे रोगियों को प्रेम की आवश्यकता होती है। अगर चिकित्सक ऐसे रोगियों के घर जायेगे तो घर वाले भी इनका ध्यान रखने के लिये प्रेरित होगें। इस अवसर पर राज्यपाल ने 28 रोगियों को कंबल व दवा किट आदि भी दिया।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है, आगनवाड़ी केन्द्रों को गोद लेने के लिये भी लोगो को आगे आना चाहिये। इसके लिये कालेजों को अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिये। वे आंगनवाड़ी केन्द्रों को गोद लें और बच्चों के लिये जो आवश्यकता है उसे उपलब्ध करायेे। उन्होंने 40 वर्ष से ऊपर की महिलाओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इसके लिये कैम्प लगाये जाये, महिला चिकित्सक आदि भी उनका अनुश्रवण करें और ऐसी महिलाओं की जो कठिनाइयां हो उसे अस्पतालो में लाकर दूर भी करायें।







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