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कानपुर। संकरा आई हॉस्पिटल की अकादमिक शाखा, संकरा एकेडमी ऑफ विज़न (एसएवी) को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन, नई दिल्ली द्वारा नेत्र विज्ञान में डिप्लोमेट इन नेशनल बोर्ड (डीएनबी) पाठ्यक्रम की मान्यता दी गई है। संकरा आई हॉस्पिटल यह मान्यता प्राप्त करने वाला कानपुर का पहला और एकमात्र आई हॉस्पिटल है। इसके अलावा अस्पताल को पहले से ही एनएबीएच की मान्यता प्राप्त है।
देश में प्रशिक्षित नेत्र देखभाल पेशेवरों की कमी को ध्यान में रखते हुए, संकरा आई हॉस्पिटल्स (Sankara Eye Hospital) पिछले कुछ दशकों से संरचित पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से डॉक्टरों, ऑप्टोमेट्रिस्ट (optometrists) और ऑप्थैल्मिक नर्सों (ophthalmic nurses) के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
मान्यता प्राप्ति पर टिप्पणी करते हुए संकरा आई फाउंडेशन के संस्थापक और प्रबंध ट्रस्टी पद्मश्री पुरस्कार विजेता डॉ आरवी रमानी (Padma Shri awardee Dr. RV Ramani) ने कहा, हमें बहुत गर्व है कि संकरा आई हॉस्पिटल, कानपुर (Sankara Eye Hospital, Kanpur) को डीएनबी (Diplomate in National Board) से मान्यता मिली है। यह हमारे द्वारा बनाए गए शानदार अकादमिक रिकॉर्ड का सिलसिला है और छात्रों को इस स्नातकोत्तर डिग्री से अत्यधिक लाभ होगा। हमारे पास योग्य और प्रख्यात फैकल्टी हैं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जरूरतों के लिए उचित बुनियादी संरचना भी मौजूद है। शिक्षा, क्षमता निर्माण और अनुसंधान के माध्यम से सामाजिक समानता लाने और अंधेपन को खत्म करने की हमारी प्रतिबद्धता अटल रहेगी।
पुनीत जौहरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, संकरा आई हॉस्पिटल ने इस मान्यता प्राप्ति पर आभार व्यक्त करते हुए कहा, हमें यह मान्यता प्राप्त करने वाला कानपुर (Eye Hospital in Kanpur) का पहला आई हॉस्पिटल बनते हुए बेहद सम्मानित और विनम्र महसूस हो रहा है। हमारे शानदार अकादमिक रिकॉर्ड और संकाय सदस्यों का समर्पण इस पाठ्यक्रम की सफलता की बुनियाद रही है। विश्व स्तरीय सुविधाओं के संयोजन के साथ शिक्षण में हमारी विशेषज्ञता, हमें विशेष रूप से योग्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण नेत्र शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में मदद करेगी।
नेत्र विज्ञान में डीएनबी पाठ्यक्रम (DNB course in Ophthalmology) तीन साल का पीजी डिग्री कोर्स है और छात्रों को एनबीई दिशानिर्देशों के अनुसार वजीफा दिया जाता है। नए शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश जल्द ही शुरू होगा।पूरे भारत के सभी संकरा आई हॉस्पिटल्स में 80:20 मॉडल की प्रथा का पालन किया जाता है, जिसमें 80% लाभार्थी ग्रामीण गरीब होते हैं, जिनका मुफ्त में आंखों का इलाज किया जाता है, जबकि शेष 20% समाज के वह वर्ग हैं जो अपने इलाज का खर्च उठा सकते हैं, जिससे संस्था आत्मनिर्भर बनती है।







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