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खिलाड़ियों को मानसिक दबाव से उबारने के लिए साई ले रहा मनोवैज्ञानिक का सहारा

एनसीओई लखनऊ के महिला खिलाड़ियों विशेषकर भारोत्तोलको को टूर्नामेंट के दौरान पड़ने वाले मानसिक दबाव से उबरने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सेंटर में मनोवैज्ञानिक प्रेरक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

रंजीव ठाकुर
September 06 2022 Updated: September 07 2022 03:54
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खिलाड़ियों को मानसिक दबाव से उबारने के लिए साई ले रहा मनोवैज्ञानिक का सहारा भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा महिला खिलाड़ियों को मानसिक दबाव से उबारने के लिए आयोजित प्रेरक संगोष्ठी में प्रतिभागी

लखनऊ। आम जिंदगी के साथ-साथ खेलों में भी मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। दर्शकों के लिए ये रोमांचक मुकाबला होता है लेकिन खिलाड़ी हार-जीत के लिए मानसिक दबाव के बीच प्रदर्शन करते है। खिलाड़ियों को मानसिक दबाव से उबारने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण मनोवैज्ञानिक का सहारा ले रहा है।

 

भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India), क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ में एनसीओई लखनऊ के महिला खिलाड़ियों (women players) विशेषकर भारोत्तोलको (weightlifters) को टूर्नामेंट के दौरान पड़ने वाले मानसिक दबाव से उबरने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सेंटर में मनोवैज्ञानिक (Psychological) प्रेरक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस संगोष्ठी में केंद्र के 60 से अधिक महिला खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया जिन्हें वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक (psychologist) डॉ अंजुमन बैन्स ने टिप्स दिए। वहीं खिलाड़ियों ने भी अपनी समस्याएं (mental pressure) उन्हें बतायी और डॉ अंजुमन बैन्स ने उन समस्याओं के निराकरण के लिए सहज व सरल उपाय बताए। खिलाड़ियों ने उनके सुझाव की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि ये हमारे खेल संबंधी मनोबल को बढ़ाने में काफी सहायक सिद्ध होगा।

 

डॉ अंजुमन बैन्स वर्तमान में वरिष्ठ भारोत्तोलकों को मनोवैज्ञानिक सहायता (psychological support) दे रही है। साई लखनऊ के कार्यकारी निदेशक संजय सारस्वत ने बताया कि प्रशिक्षकों ने ऐसी संगोष्ठी निश्चित समय के अंतराल पर कराने का अनुरोध किया गया जिसका अनुमोदन मुख्यालय से कराने का प्रयास किया जा रहा है।

 

इसके साथ भविष्य में मनौवैज्ञानिक सहायता (Psychological fitness) के लिए शीघ्र नियमित व्यवस्था व प्रशिक्षुओं को व्यक्तिगत रूप से भी मनोचिकित्सकीय सहायता (psychological assistance) दिलाने की कार्यवाही की जा रही है।

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