











































लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के सर्जरी विभाग में लेप्रोस्कोपी सर्जरी दिवस पर मिनिमल एक्सेस सर्जरी प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा आरंभ किए गए इस प्रोग्राम का प्रमुख ध्येय मरीजों के हितार्थ दूरबीन विधि के प्रयोग के साथ ही अपने तथा अन्य संस्थानों के प्रशिक्षु चिकित्सकों को ट्रेनिंग प्रदान करना भी है। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences) इस दिशा में उच्च स्तरीय मिनिमली इनवेसिव सर्जरी सेंटर स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।
ज्ञात हो कि वर्ष 1990 में आज ही के दिन डॉक्टर टी उडवडिया द्वारा देश का पहला लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन (laparoscopic operation) संपन्न किया गया था। लेप्रोस्कोपिक विधि से की जाने वाली सर्जरी के अनेक फायदे हैं। कम चीरे तथा जल्दी काम पर लौटना उनमें से प्रमुख हैं। शल्य चिकित्सा विज्ञान में लेप्रोस्कोपी (laparoscopy in surgical science) का ज्ञान वर्तमान समय में विशेष महत्व रखता है। विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे चिकित्सक भी इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहते हैं तथा उनके कौशल में यह एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

इस कार्यक्रम के दौरान सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ प्रियंका राय द्वारा एंडोस्कोपी सुविधाओं तथा मेटाबॉलिक एवं बेरियाट्रिक सर्जरी क्लीनिक (metabolic and bariatric surgery clinics) के आरंभ की घोषणा भी की गई।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं कानपुर के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शल्य चिकित्सक प्रोफेसर शिवाकांत मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद, डीन प्रोफेसर नुजहत हुसैन, रजिस्ट्रार प्रोफेसर ज्योत्सना अग्रवाल, सीएमएस प्रोफेसर राजन भटनागर तथा एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष एवं पूर्व निदेशक प्रोफ़ेसर दीपक मालवीय ने दीप प्रज्वलित कर के किया।
डॉक्टर विकास सिंह, प्रोफेसर जनरल सर्जरी विभाग के द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में डॉक्टर शिवाकांत मिश्रा ने लेप्रोस्कोपी को जनरल सर्जरी का भविष्य बताया तथा इसके समस्त फायदों के विषय में जानकारी प्रदान की।
उक्त कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों के अतिरिक्त डॉक्टर रोहित श्रीवास्तव, डॉ सुनील कुमार सिंह, डॉक्टर रूद्रमणि, डॉक्टर मोहित सिन्हा तथा विभिन्न विभागों के प्रशिक्षित चिकित्सक तथा मेडिकल छात्र उपस्थित रहे।

निदेशिका प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने इन उपलब्धियों पर तथा मिनिमल एक्सेस सर्जरी प्रोग्राम के सफल संपन्नता तथा उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की।







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