













































प्रतीकात्मक
लखनऊ। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोई पहचान पत्र न रखने वाले लोगों का टीकाकरण करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक ऐसे लोगों को कोविन ऐप में पंजीकृत किया जाएगा और उनके टीकाकरण के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी जिला शासन की होगी।
मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेशन कराने के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर कार्ड या पेंशन पेपर में से किसी एक पहचान पत्र का होना जरूरी है लेकिन अगर किसी के पास यह पहचान पत्र नहीं हैं तो उन्हें वैक्सीनेशन से वंचित नहीं रखा जा सकता। इसी के मद्देजनर मंत्रालय ने ऐसे लोगों का टीकाकरण कराने के लिए गाइलाइन जारी की है। इस श्रेणी में बुजुर्ग, साधु-संत, जेल में बंद कैदी, मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज, वृद्धाश्रम के लोग, भिखारी, पुनर्वास केन्द्रों में रह रहे मरीज शामिल होंगे।
ऐसे लोगों को ढूंढने का काम जिले की टास्क फोर्स करेगी। वह अल्पसंख्यक विभाग, सामाजिक न्याय विभाग व समाज कल्याण विभाग के सहयोग से ऐसे लोगों की पहचान कर सकती है। इन लोगों का कोविन ऐप में पंजीकरण कराया जाएगा जिसमें लाभार्थी का नाम, जन्म का साल और लिंग दर्ज कराया जाएगा। मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं होगी। इसका सत्यापन फैसिलिटेटर करेंगे जिसके बाद इन लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा।
गाइडलाइन के मुताबिक जिले की टास्क फोर्स जिलास्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगी जो अलग-अलग समूह के लोगों की पहचान के लिए फैसीलिटेटर नियुक्त करेगा। यह फैसीलिटेटर लाभार्थियों की पहचान करेगा। नोडल अधिकारी उपलब्ध डेटा के मुताबिक इन लोगों के लिए विशेष वैक्सीनेशन सत्र का आयोजन कराएंगे।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1176
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1015
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 840
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 651
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 588
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6545
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1477
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1463
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1435
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1330
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1176
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10234
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6545
एस. के. राणा February 01 2026 0 6454
एस. के. राणा January 20 2026 0 6307
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5873
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5761
एस. के. राणा January 13 2026 0 5313
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87652
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35911
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38825
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36309
लेख विभाग March 19 2022 0 35889
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73897
फाइलेरिया एक परजीवी कीड़े से होने वाली बीमारी है, जिसे आम भाषा में हाथीपाँव भी कहा जाता है। यह बीमार
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष, डॉ स्मृति अग्रवाल ने कहा कि अब से डॉ राम मनोहर लोहिया
हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (एचसीसी) व्यस्कों में पाया जाने वाला सबसे आम लिवर कैंसर है। भारत में हर साल
विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने गर्भाशय के कैंसर (uterine cancer) और स्तन कैंसर को खत्म करने के लिए क
नगरों की साफ-सफाई, संचारी रोग एवं डेंगू, मलेरिया की रोकथाम के लिए फॉगिंग, एण्टीलार्वा का छिड़काव, जलभ
कोविड-19 संक्रमण के कारण, जिन बच्चों के कई अंग एक साथ प्रभावित होते हैं और उनमें सूजन व जलन होती है
पिछले 24 घंटों के दौरान देश में 6,358 नए मामले सामने आए हैं, 293 लोगों की जान गई है जबकि 6,450 लोग इ
‘‘हम पूरे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रहे हैं।’’ एनएमसी के गठन से इस
जून माह में करीब एक करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है और जिस रफ़्तार से टीकाकरण हो रहा है, उससे प्रत
बारिश के मौसम में अस्थमा के मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्थमा

COMMENTS