देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

लीवर फेलियर का 50 से 60 प्रतिशत कारण शराब का सेवन है: डॉ अभिषेक

अपोलोमेडिक्स की व्यापक लिवर सेवाएं उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में हर उम्र के लोगों‌ के  साथ-साथ बच्चों के लिए भी उन्नत लिवर इलाज और ट्रांसप्लांट की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
January 29 2026 Updated: January 29 2026 19:18
0 2156

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही हैं। इसी बीच मरीजों और उनके परिवारों की सोच में एक साफ बदलाव दिख रहा है। अब लोग लिवर ट्रांसप्लांट (liver transplant) को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हैं। समय पर जांच, सही सलाह और लिविंग लिवर डोनेशन को लेकर बढ़ती स्वीकार्यता के कारण मरीज ट्रांसप्लांट के लिए पहले पहुंच रहे हैं और निर्णायक उपचार की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

इलाज की इस बड़ी जरूरत को देखते हुए अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (Apollinaris specialist Hospital), लखनऊ ने लिवर से जुड़ी सभी सेवाओं, विशेषज्ञों और आधुनिक सुविधाओं को एक ही छत के नीचे एकजुट किया है। यहां जांच से लेकर दवाओं द्वारा इलाज, जटिल हेपेटो-पैंक्रियाटो-बिलियरी सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांट तक की पूरी सुविधा उपलब्ध है।

देश में हर साल करीब 2.5 से 3 लाख लोगों की मौत लिवर रोग और सिरोसिस के कारण होती है। यह बीमारी अब देश में मौत का 8वां बड़ा कारण बन चुकी है, जबकि एक दशक पहले यह 10वें स्थान पर थी। उत्तर प्रदेश में स्थिति और भी चिंताजनक है। देश की करीब 17% आबादी यहां रहती है, लेकिन हर साल अनुमानित 50,000 से 60,000 लोगों की मौत लिवर से जुड़ी बीमारियों से हो जाती है। इसके मुकाबले पूरे प्रदेश में सालाना केवल 200 से 250 लिवर ट्रांसप्लांट ही हो पाते हैं, जिनमें से अधिकांश एनसीआर में होते हैं। प्रदेश में गिने-चुने ही लिवर ट्रांसप्लांट सेंटर हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में मरीजों (patients) को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है।

डॉ. अभिषेक यादव, सीनियर डायरेक्टर और प्रमुख, लिवर ट्रांसप्लांट व एचपीबी सर्जरी, अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल ने बताया, समस्या को और गंभीर बनाती है फैटी लिवर डिजीज, जो अब 30 से 35% आबादी को प्रभावित कर रही है और कुछ क्षेत्रों में यह आंकड़ा 50% तक पहुंच चुका है। यह बीमारी अक्सर बिना लक्षणों के धीरे-धीरे सिरोसिस (cihrrosis) और लिवर फेल्योर तक पहुंच जाती है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अब एक सकारात्मक बदलाव भी दिख रहा है। मरीज पहले की तुलना में जल्दी सलाह ले रहे हैं और लिवर ट्रांसप्लांट को सुरक्षित और असरदार इलाज के रूप में स्वीकार कर रहे हैं।

अपोलोमेडिक्स उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा अस्पतालों में शामिल है, जहां बच्चों के लिए भी लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा है। इसके अलावा अस्पताल में आपातकालीन लिवर ट्रांसप्लांट के लिए भी विशेष सेट-अप, प्रशिक्षित टीम और चौबीसों घंटे तैयारी रहती है। अचानक होने वाले एक्यूट लिवर फेल्योर ( Acute liver failure) के मामलों में यह सुविधा कई बार जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है। यहां के इलाज के नतीजे देश के बड़े केंद्रों के बराबर हैं और कुल सफलता दर 95% से अधिक है।

डॉ. जयेंद्र शुक्ला, कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ने कहा, "लिवर रोग चुपचाप भारत की सबसे घातक बीमारियों में शामिल हो चुका है। उत्तर प्रदेश में चुनौती केवल बीमारी का बोझ नहीं, बल्कि देर से रेफरल और ट्रांसप्लांट की सुविधाओं तक सीमित पहुंच भी है। अच्छी बात यह है कि अब लोग लिवर ट्रांसप्लांट से उतना डरते नहीं हैं। जागरूकता बढ़ी है, परिवार लिविंग डोनेशन के लिए आगे आ रहे हैं और मरीज पहले ट्रांसप्लांट सेंटर तक पहुंच रहे हैं। बच्चों और आपातकालीन ट्रांसप्लांट की सुविधा से गंभीर मरीजों की जान बचने की संभावना और बढ़ जाती है, जहां हर घंटे का महत्व होता है।"

डॉ. राजीव रंजन सिंह, डायरेक्टर, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, ने लिवर कार्यक्रम के बारे में बताया, "लिवर कार्यक्रम एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसमें गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, लिवर ट्रांसप्लांट और एचपीबी सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, इंटेंसिविस्ट, पीडियाट्रिक विशेषज्ञ और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर शामिल हैं। इसी समन्वित प्रयास का परिणाम है कि पिछले तीन महीनों में ही यहां 7 से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए हैं, जो इस क्षेत्र में किसी भी अस्पताल द्वारा किए गए प्रमुख आंकड़ों में शामिल हैं।"

डॉ. उत्कर्ष श्रीवास्तव, कंसल्टेंट, लिवर ट्रांसप्लांट और गैस्ट्रो सर्जरी, ने कहा, "लिवर रोग का इलाज जटिल होता है, ऐसे में समय पर सटीक निर्णय लेना बेहद ज़रूरी हो जाता है। पहले जानकारी की कमी और झिझक के कारण कई मरीज समय रहते इलाज से वंचित रह जाते थे। अब बेहतर काउंसलिंग और सही जानकारी से मरीज और उनके परिवार समझ पा रहे हैं कि लिवर ट्रांसप्लांट एक साबित और सुरक्षित इलाज है। एक ही कार्यक्रम के तहत बच्चों और बड़ों सभी के लिए आपातकालीन ट्रांसप्लांट की सुविधा होने से फैसले तेजी से लिए जा सकते हैं और नतीजे भी बेहतर होते हैं।

डॉ. मयंक सोमानी, एमडी और सीईओ, अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लिवर ट्रांसप्लांट और लिविंग डोनेशन को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव साफ नजर आ रहा है। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह जरूरी हो जाता है कि बच्चों और आपातकालीन लिवर ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत और समय-संवेदनशील सेवाएं मरीजों को उनके घर के पास मिलें। देश भर में अपोलो के 75 से अधिक अस्पतालों के नेटवर्क के सहयोग से अपोलोमेडिक्स इस बदलते स्वास्थ्य परिदृश्य में मरीजों और उनके परिवारों का आर्थिक और मानसिक बोझ कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

लखनऊ एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। ऐसे में अपोलोमेडिक्स की व्यापक लिवर सेवाएं उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में हर उम्र के लोगों‌ के  साथ-साथ बच्चों के लिए भी उन्नत लिवर इलाज और ट्रांसप्लांट की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

सर्दियों के दौरान उम्र दराज़ महिलाओं में मूत्र असंयम की बढ़ती है समस्या।

सर्दियों के दौरान उम्र दराज़ महिलाओं में मूत्र असंयम की बढ़ती है समस्या।

हुज़ैफ़ा अबरार December 02 2021 32918

प्रारंभिक अवस्था में मूत्र असंयम के इलाज के लिए कीगल एक्सरसाइज करके पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की

सीएम नीतीश ने किया मानसिक आरोग्यशाला का उद्घाटन

सीएम नीतीश ने किया मानसिक आरोग्यशाला का उद्घाटन

आरती तिवारी September 16 2022 36637

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के कोईलवर के इकलौती मानसिक आस्पताल का उद्घाटन किया है। इस दौरान डिप्टी

संचारी रोग नियंत्रण अभियान का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया शुभारंभ

संचारी रोग नियंत्रण अभियान का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया शुभारंभ

आरती तिवारी April 02 2023 27004

हरदोई में संचारी रोगों से बचाव को लेकर संचारी नियंत्रण रोग अभियान का आगाज हो गया है। डिप्टी सीएम ब्र

जिले में पांच वर्ष की उम्र के 52 हजार से अधिक बच्चों को 12 बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत

जिले में पांच वर्ष की उम्र के 52 हजार से अधिक बच्चों को 12 बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत

अनिल सिंह January 11 2023 27949

जिले में पांच वर्ष की उम्र के 52 हजार से अधिक बच्चों को 12 बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण महाअभिया

चीन की लैब से लीक हुआ कोरोना !

चीन की लैब से लीक हुआ कोरोना !

हे.जा.स. February 28 2023 31427

व्हाइट हाउस और अमेरिकी संसद के प्रमुख सदस्यों को सौंपी गई एक खुफिया रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई

स्वास्थ्य शिविर में मुफ्त इलाज और दवाओं का वितरण हुआ

स्वास्थ्य शिविर में मुफ्त इलाज और दवाओं का वितरण हुआ

रंजीव ठाकुर September 27 2022 27575

राजधानी के गोमतीनगर स्थित पूर्वांचल किंग्स कोर्ट अपार्टमेंट में मुफ्त चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर आयोजि

देश में फिर फिर बढ़ कोरोना संक्रमण का ख़तरा 

देश में फिर फिर बढ़ कोरोना संक्रमण का ख़तरा 

एस. के. राणा June 03 2022 35163

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के हिसाब से बीते 24 घंटे में भारत में 4,041 नए कोरो

फेफड़ों में दुर्लभ बीमारी पैदा करने वाले जीन का वैज्ञानिकों ने लगाया पता

फेफड़ों में दुर्लभ बीमारी पैदा करने वाले जीन का वैज्ञानिकों ने लगाया पता

हे.जा.स. February 07 2022 30697

जीन में गड़बड़ियों की वजह से बच्चों या नवजात के फेफड़ों की स्थिति लगातार खराब होती जाती है। उनके फेफ

मारवाड़ी युवा मंच द्वारा नि:शुल्क कैंसर जांच एवं रक्तदान शिविर आयोजित
होली के रंगों का आध्यात्मिक महत्व

होली के रंगों का आध्यात्मिक महत्व

लेख विभाग March 29 2021 37680

होली का त्यौहार एवं उससेे जुड़ी बसंत ऋतु दोनों ही पुरुषार्थ के प्रतीक हैं। इस अवसर पर प्रकृति सारी खु

Login Panel