देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

भारी नितंब और जाँघ अच्छे स्वास्थ्य की निशानी: शोध

ब्रिटेन के डॉक्टरों का कहना है कि भारी नितंब हानिकारक रसायनों को पिघलाने में मदद करते हैं और उनमें ऐसे रसायन एजेंट भी मौजूद होते हैं जो दिल तक पहुँचने वाली रक्त वाहिनियों में खून जमने से रोकते हैं।

लेख विभाग
February 27 2022 Updated: February 27 2022 15:55
0 38243
भारी नितंब और जाँघ अच्छे स्वास्थ्य की निशानी: शोध

भारतीय सौंदर्य शास्त्रों में भारी नितंब और भरी-भरी जाँघों को आकर्षक कहा जाता है। अब इन सौंदर्य मानकों का स्वास्थ्य महत्व भी नज़र आने लगा है। अलग-अलग शोध में ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन के डॉक्टर्स इस पर सहमति जताते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त शोध पत्रिका इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ओबीसिटी ने तो एक शोध के माध्यम से इसकी पुष्टि कर दी है।

ब्रिटेन के डॉक्टरों की राय   

ब्रिटेन के डॉक्टरों का कहना है कि जिन महिलाओं के नितंबों (hips) और जाँघों (thighs) पर ज़्यादा वज़न होता है यानी वे भारी होते हैं तो यह उनके अच्छे स्वास्थ्य (good health) की निशानी है क्योंकि ये दिल की बीमारियों (heart diseases) से बचाते हैं। साथ ही, भारी नितंब और भरी-भरी जाँघें पाचन क्रिया (digestion) और शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने में भी मदद करते हैं।

इन डॉक्टरों (doctors) का कहना है कि भारी नितंब हानिकारक रसायनों (harmful chemicals) को पिघलाने में मदद करते हैं और उनमें ऐसे रसायन एजेंट भी मौजूद होते हैं जो दिल तक पहुँचने वाली रक्त वाहिनियों में खून जमने (clotting of blood) से रोकते हैं।

ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का मत 

ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय (University of Oxford) के वैज्ञानिकों के एक दल ने प्रयोग के बाद कहा है कि महिलाओं की कमर के आसपास जो वज़न इकट्ठा हो जाता है उसके मुक़ाबले नितंबों पर इकट्ठा होने वाला वज़न स्वास्थ्य की दृष्टि से ज़्यादा अच्छा होता है क्योंकि कमर के आसपास वाली चर्बी (fat) से कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं होता है।

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ओबीसिटी का शोध 

यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ओबीसिटी (International Journal of Obesity) में प्रकाशित हुआ है। इस निष्कर्ष के बाद यह क़यास लगाया जाने लगा है कि भविष्य में डॉक्टर महिलाओं (women) को इस तरह के तरीक़े बताने लगेंगे जिनके ज़रिए चर्बी कमर के आसपास इकट्ठी होने देने के बजाय नितंबों पर इकट्ठी की जाए जिससे दिल की बीमारियाँ और डॉयबटीज़ (diabetes) जैसी व्याधियाँ ना हों।

शोधकर्ताओं का कहना है कि नितंबों पर बहुत कम वज़न होने की वजह से अनेक गंभीर बीमारियाँ (serious diseases) होने का भी ख़तरा हो सकता है।

वज़न नहीं आकार - weight not size
प्रयोगों से पता चलता है कि नितंबों और जाँघों पर इकट्ठा हुई चर्बी को हटाना मुश्किल होता है, जबकि कमर के आसपास इकट्ठा हुई चर्बी को आसानी से हटाया जा सकता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जब चर्बी को तेज़ी से पिघलाने या कम करने की कोशिश की जाती है तो इससे ख़ास रासायनिक तत्व निकलते है जो शरीर में कुछ झनझनाहट सी पैदा करता है। इन रासायनिक तत्वों का दिल से संबंधित बीमारियों और डायबटीज़ और इंसुलिन (insulin) से होता है।

शोधकर्ता टीम के मुखिया डॉक्टर कोन्सटेन्टिनोस मैनोलोरॉलोस (Dr Konstantinos Manoloroulos) का कहना था कि यह बहुत ज़रूरी है कि पेट और कमर के आकार को महत्व दिया जाए कि कहाँ और किस तरह से चर्बी इकट्ठी होती है, "नितंबों और जाँघों पर चढ़ी चर्बी तो आपके लिए ठीक है लेकिन पेट के आसपास चढ़ी चर्बी ख़राब है।"

नितंबों की चर्बी हिलने से एक तरह का रसायन बनता है जो दिल की धमनियों (arteries of the heart ) को जमने से बचाता है और ब्लड शुगर (blood sugar) को क़ाबू में रखने में मदद करता है।

जिन लोगों के कमर और पेट के चारों ओर चर्बी इकट्ठी हो जाती है उन्हें दिल की बीमारियों और डायबटीज़ होने का ज़्यादा ख़तरा रहता है। ऐसे लोगों में पेट और कमर के चारों ओर चर्बी इकट्ठी हो जाती है जिससे उसका आकार सेब जैसा दिखता है।

डॉक्टर कोन्सटेन्टिनोस मैनोलोरॉलोस का कहना था कि अगर महिलाओं का पेट पतला रहता है यानी उस पर कोई चर्बी इकट्ठी नहीं होती है तो जाँघों पर चर्बी इकट्ठी होना वाक़ई अच्छा होता है।

उनका कहना है,"मुश्किल ये है कि जब जाँघों पर चर्बी आती है तो पेट पर भी चर्बी जमती है इसलिए भारी जाँघों के साथ पतला पेट रख पाना मुश्किल काम ज़रूर है। "

ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन (British Heart Foundation) के फ़ोटिनी रोज़ाकीज़ का कहना था, "इस शोध से यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर में चर्बी किस तरह से काम करती है और कहाँ की चर्बी अच्छी या बुरी होती है। इससे दिल की बीमारियों को समझने में और ज़्यादा मदद मिल सकती है।"

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

अमेरिका ने भारतीय मूल के डॉक्टर को डब्ल्यूएचओ में कार्यकारी बोर्ड में प्रतिनिधि के तौर पर नामित किया

अमेरिका ने भारतीय मूल के डॉक्टर को डब्ल्यूएचओ में कार्यकारी बोर्ड में प्रतिनिधि के तौर पर नामित किया

हे.जा.स. October 06 2022 46410

हाइट हाउस ने बयान में कहा, 21वें ‘सर्जन जनरल’के पद पर रहते हुए डॉ. मूर्ति ने स्वास्थ्य संबंधी गलत सू

मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला: स्वास्थ्य मेला में किया गया 2120 मरीजों का उपचार

मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला: स्वास्थ्य मेला में किया गया 2120 मरीजों का उपचार

विशेष संवाददाता May 23 2023 59531

मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में गर्मी अधिक होने के बाद भी 2120 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। स्वास्थ्य

देश में पहली बार एनिमल और हेल्थ पोलिंग बूथ

देश में पहली बार एनिमल और हेल्थ पोलिंग बूथ

विशेष संवाददाता November 05 2022 29761

जूनागढ़ जिले में दो अनोखे पोलिंग बूथ बनाए जा रहे हैं। यहां कोई भी मतदाता आकर अपना हेल्थ चेकअप करवा स

आयुष्मान भारत योजना के तहत पहला किडनी ट्रांसप्लांट, नाजिश को मिला ईद का तोहफा

आयुष्मान भारत योजना के तहत पहला किडनी ट्रांसप्लांट, नाजिश को मिला ईद का तोहफा

आरती तिवारी June 30 2023 30526

यशोदा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट के जरिए मेरठ जनपद की 28 वर्षीय नाजिश को ईद के मौके पर नई जिंदगी

फिर पहले की तरह सेमिनार में शामिल हो सकेंगे चिकित्सक

फिर पहले की तरह सेमिनार में शामिल हो सकेंगे चिकित्सक

आरती तिवारी August 08 2023 32098

केजीएमयू के डॉक्टरों को अब सरकारी खर्च पर देश-विदेश में होने वाले सेमिनारों में शामिल होने के लिए ज्

गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फल एवं कम्बल वितरण।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फल एवं कम्बल वितरण।

हुज़ैफ़ा अबरार January 29 2021 28296

पयामे इंसानियत फोरम द्वारा विभाग के रोगियों को फल वितरण किया गया। इस संस्था से अब्दुल कासिम एवं अन्य

लखनऊ में हुई टोमैटो फ्लू की इंट्री, एसजीपीजीआई में मिले दर्जन भर मामले

लखनऊ में हुई टोमैटो फ्लू की इंट्री, एसजीपीजीआई में मिले दर्जन भर मामले

रंजीव ठाकुर August 25 2022 32468

एसजीपीजीआई में अचानक टोमैटो फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। एक महीने पहले तक जहाँ दो हफ्ते में इक्का-दुक

वाराणसी में डॉक्टरों ने सीएचसी पर किया बच्चेदानी का पहला जटिल ऑपरेशन

वाराणसी में डॉक्टरों ने सीएचसी पर किया बच्चेदानी का पहला जटिल ऑपरेशन

श्वेता सिंह August 21 2022 43477

दुर्गाकुंड CHC पर डॉक्टरों ने एक 40 साल की महिला गुड्डी का कंप्लीट एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टोमी का ऑपरेश

पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस से घर बैठे नज़र रखें अपने हार्ट पर

पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस से घर बैठे नज़र रखें अपने हार्ट पर

एस. के. राणा January 25 2022 31796

अब पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस भी बाज़ार में आ गयी है। इससे घर में बैठकर ही दिल की धड़कन पर 24 घण्टे नजर र

रेलवे चिकित्सालय में लगायी गयी एक्सरे मशीन

रेलवे चिकित्सालय में लगायी गयी एक्सरे मशीन

अनिल सिंह November 01 2022 31978

सोमवार को एक्सरे मशीन को लगा दिया गया है। रेल कर्मचारियों व उनके परिजनों के लिए ये अच्छी खबर है।

Login Panel