देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

कम पानी पीने से होता है किडनी स्टोन।

किडनी की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनटों या घंटो तक बना रह सकता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
January 22 2021 Updated: January 22 2021 03:33
0 22630
कम पानी पीने से होता है किडनी स्टोन। डाक्टर आदित्य के. शर्मा और डाक्टर राहुल यादव

लखनऊ। पेशाब करने में दर्द होना या यूरीन अक्सर लाल-भूरे रंग का आना खतरनाक हो सकता है। इसे बिलकुल भी नजर अंदाज न करें। गलत खान-पान और जरुरत से कम पानी पीने के  कारण आजकल ज्यादातर लोग किडनी स्टोन का शिकार हो रहे है। किडनी स्टोन से पीड़ित लोग अक्सर दर्द के साथ यूरीन आने की शिकायत करते हैं। ऐसा तब होता है जब किडनी स्टोन मूत्रमार्ग से मूत्राशय में चले जाते है।

अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हाँस्पिटल के डाक्टर राहुल यादव सीनियर कंसलटेंट यूरोलाँजी एन्ड रेनल ट्रान्सप्लांट ने बताया कि  किडनी की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनटों या घंटो तक बना रह सकता है। पाचन क्रिया सही न रहना या मचली आना किडनी स्टोन के शुरूआती संकेतों में से एक है। उल्टियां होने के मुख्यतः  दो कारण होते है। पहला स्टोन के स्थानांतरण के कारण तथा दूसरा किडनी शरीर के भीतर की गंदगी (टॉक्सिक) को बाहर करने में मदद करते हैं। किडनी स्टोन के कारण रोगी को बैठने में परेशानी होती है।

वहीं अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशयलटी हाँस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट यूरोलाँजी एन्ड रेनल ट्रान्सप्लांट डाक्टर आदित्य के. शर्मा ने बताया कि किडनी रोग होने की आशंका महिलाओं व पुरुषों में बराबर होती है। इसका पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देर तक असर रहा है। किडनी प्रत्यारोपण के प्रकरणों में 70 से 80 प्रतिशत डोनर महिलाएं होती हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर के इस अत्यंत महत्वपूर्ण अंग की कार्यप्रणाली व इसमें हो सकने वाली समस्याओं की जानकारी होनी चाहिए। महिलाओं में किडनी इनफेक्शन की संभावना अधिक होती है। इसलिए उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

किडनी स्टोन के पीड़ितों को अक्सर तेज बुखार और ठंड लगने की समस्या बनी रहती है। इसका कारण मूत्र पथ के संक्रमण (या यूटीआई) की संभावना बढ़ जाती है। इस अवस्था में रोगी को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। अगर आप ज्यादा मात्रा में कोल्ड ड्रिंक्स या शराब पीते हैं तो यह आदत पूरे शरीर  के लिए ही हानिकारक है। शराब या सोडा के अधिक सेवन से आपके शरीर का प्रोटीन मूत्र के द्वारा बाहर निकल जाता है, और जिसका सीधा असर आपकी किडनी पर पड़ता है जब हम सोते हैं तो हमारी किडनी के उतकों का नवनिर्माण होता हैं। इसलिए हमें पूरी और अच्छी नींद की बेहद जरूरत होती हैं। कुछ लोगों को ज्यादा नमक खाने की आदत होती है जिसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है। शरीर में सोडियम की मात्रा अधिक होने पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जिसकी वजह से किडनी पर ज्यादा जोर पड़ता है। इसके अलावा अधिक मिठाई का सेवन करने से भी यूरिन से प्रोटीन निकलने लगता है, जिससे किडनी खराब होने लगती हैं। किडनी स्टोन न हो इसके लिये हमें दिनभर में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीने जरूर पीना चाहिये। धूम्रपान एवं तम्बाकू के सेवन से बचना चाहिये। सुबह उठते के पश्चात सर्वप्रथम पेशाब करने जाना चाहिये न कि आलस की वजह से देर तक उसे रोके रहें। मधुमेह के शिकार लगभग तीस प्रतिशत लोगों को किडनी की बीमारी हो ही जाती है और किडनी की बीमारी से ग्रस्त एक तिहाई लोग मधुमेह से पीड़ित हो जाते हैं। इसलिये खून में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित रहना आवश्यक होता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दुकान से पेनकिलर दवाएं खरीदकर उनका सेवन किडनी के लिये खतरनाक हो सकता है। नॉनवेज में प्रचुर मात्रा में विटामिन और प्रोटीन होते हैं। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए नॉनवेज का सेवन जरूरी है। लेकिन अधिक मात्रा में नॉनवेज का सेवन करने से किडनी डैमेज हो जाती है। दरअसल अधिक मात्रा में प्रोटीन डाइट लेने से किडनी पर मेटाबॉलिक लोड बढ़ जाता है, जिससे किडनी स्टोन की संभावना बढ़ जाती है।

रोगी को प्रोटीन के साथ-साथ मिश्रित आहार लेने की भी आवश्यकता होती है।  रोगी को रेड मीट खाने से बचना चाहिए और ढेर सारा पानी पीना चाहिए, साथ ही चाय, कॉफी व् शराब का  सेवन  भी  सीमित रूप से करना चाहिए

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

चिरायु योजना बच्चों के लिए बनीं वरदान

चिरायु योजना बच्चों के लिए बनीं वरदान

विशेष संवाददाता September 20 2022 25866

छत्तीसगढ़ में चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही। बाल स्वास्थ्य योजना जिसे चिरायु योजना क

डेल्टा स्वरूप बहुत खतरनाक है और लगातार बदल रहा है : डब्ल्यूएचओ प्रमुख

डेल्टा स्वरूप बहुत खतरनाक है और लगातार बदल रहा है : डब्ल्यूएचओ प्रमुख

हे.जा.स. July 04 2021 30885

‘डेल्टा जैसे स्वरूप अधिक संक्रामक है और कई देशों में यह फैल रहा है। इसी के साथ ही हम इस महामारी के ब

उत्तराखंड के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज की नहीं बढ़ेगी फीस

उत्तराखंड के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज की नहीं बढ़ेगी फीस

विशेष संवाददाता October 12 2022 34896

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित शुल्क नियामक समिति की ओर से निजी मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेज में एमब

आगरा पर मंडरा रहा चौथी लहर का खतरा, 10 लाख लोग फैला सकते हैं कोरोना संक्रमण

आगरा पर मंडरा रहा चौथी लहर का खतरा, 10 लाख लोग फैला सकते हैं कोरोना संक्रमण

रंजीव ठाकुर April 27 2022 27964

आगरा सीएमओ ने कहा कि जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली, उनके परिजन उन्हें जबरन टीका ल

एम्स में सीनियर रेजीडेंट पदों पर निकली भर्ती

एम्स में सीनियर रेजीडेंट पदों पर निकली भर्ती

विशेष संवाददाता September 22 2022 35565

आवेदन करने के लिए जनरल और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को एप्लीकेशन फीस के रूप में 1500 रुपए देने हो

प्रदेश में इन्फ्लूएंजा से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

प्रदेश में इन्फ्लूएंजा से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

आरती तिवारी March 11 2023 27580

सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सक अधीक्षक आरपी सिंह ने इन्फ्लूएंजा वायरस बचाव और रोकथाम को लेकर बताया

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी मिलेगी

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी मिलेगी

अबुज़र शेख़ November 22 2022 34265

नेशनल हेल्थ मिशन की तरफ से इसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।जिसमें गर्भवती महिलाओं को जांच समेत

पूरे विश्व में 19 फ़ीसदी कम हुए कोरोना संक्रमण के मामले

पूरे विश्व में 19 फ़ीसदी कम हुए कोरोना संक्रमण के मामले

एस. के. राणा February 17 2022 31282

पूरी दुनिया में कोरोना महामारी से फिलहाल राहत मिलने की खबर है। कई देशों में कोरोना संक्रमित घट गए है

जन स्वास्थ्य सरकार की वरीयता: केन्‍द्रीय वित्त मंत्री

जन स्वास्थ्य सरकार की वरीयता: केन्‍द्रीय वित्त मंत्री

एस. के. राणा February 02 2023 23590

वित्त मंत्री ने अमृतकाल के विजन के अनुरूप 2014 के बाद से स्थापित 157 मौजूदा मेडिकल कॉलेजों के साथ सह

मोतियाबिन्द आपरेशन हर मौसम में आसान व कारगर।

मोतियाबिन्द आपरेशन हर मौसम में आसान व कारगर।

लेख विभाग January 18 2021 27772

आंखों के प्राकृतिक लेंस के धुंधले पडऩे को ही कैटरेक्ट या आम बोलचाल की भाषा में मोतियाबिंद कहा जाता ह

Login Panel