देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

भ्रामक मार्केटिंग के ज़रिये फ़ॉर्मूला दुग्ध पदाथों की बिक्री से घट रही हैं स्तनपान की प्रवृति, ऐसे विज्ञापनों पर विराम लगाना होगा: डब्ल्यूएचओ 

विश्व स्वास्थ्य संगठन में पोषण और खाद्य सुरक्षा विभाग में निदेशक ने कहा कि फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थ बनाने वाली कम्पनियाँ, अपनी बिक्री बढ़ाने के लिये अब पहले से कहीं अधिक प्रभावी और छलपूर्ण मार्केटिंग तकनीकें अपना रही हैं, जो किसी भी तरह से सही नहीं है और इसे रोका जाना होगा। 

हे.जा.स.
April 30 2022 Updated: April 30 2022 23:46
0 31104
भ्रामक मार्केटिंग के ज़रिये फ़ॉर्मूला दुग्ध पदाथों की बिक्री से घट रही हैं स्तनपान की प्रवृति, ऐसे विज्ञापनों पर विराम लगाना होगा: डब्ल्यूएचओ  प्रतीकात्मक चित्र

जेनेवा। शिशुओं के लिये फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थ बनाने वाली कंपनियों का वार्षिक व्यवसाय 55 अरब डॉलर मूल्य का है। बेबी फ़ॉर्मूला उद्योग में लिप्त कंपनियां ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिये अभिभावकों, विशेष रूप से माताओं को भ्रमित करके अपने व्यापार को अंजाम दे रहीं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ऐसे शोषणकारी विज्ञापनों के ज़रिये व्यापार पर विराम लगाना होगा।  

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक नए अध्ययन में बताया है कि शिशुओं के लिये फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थ बनाने वाली कम्पनियाँ, गर्भवती महिलाओं व माताओं तक सीधी पहुँच बनाने के लिये, सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म (social media platforms) व प्रभावशाली हस्तियों को धन का भुगतान कर विज्ञापन करा रहीं हैं। इसके तहत ऑनलाइन (online) सामग्री तैयार करके प्रचारित किया जाता है। जिसको विज्ञापन के तौर पर पहचान पाना अक्सर कठिन होता है। 

रिपोर्ट के मुताबिक़ इस व्यापार में मोबाइल ऐप, वर्चुअल समर्थन समूह या ‘बेबी क्लब’, प्रसार व प्रतिस्पर्धाएँ, परामर्श फ़ोरम व सेवाओं जैसे तौर-तरीक़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रकार के भ्रम फैलाने वाले प्रचार के कारण स्तनपान की प्रवृति (breastfeeding tendency) घट रही है और स्तन-दुग्ध विकल्पों (Breast milk alternative) की ख़रीद बढ़ रही है।  

विश्व स्वास्थ्य संगठन में पोषण और खाद्य सुरक्षा विभाग में निदेशक डॉक्टर फ़्रैन्सेस्को ब्रान्का (Dr. Francesco Branka ) ने बताया कि, “व्यावसायिक दुग्ध फ़ॉर्मूलों के प्रचार-प्रसार का दशकों पहले अन्त कर दिया जाना चाहिये था।” 

उन्होंने कहा कि फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थ बनाने वाली कम्पनियाँ, अपनी बिक्री बढ़ाने के लिये अब पहले से कहीं अधिक प्रभावी और छलपूर्ण मार्केटिंग तकनीकें (marketing techniques) अपना रही हैं, जो किसी भी तरह से सही नहीं है और इसे रोका जाना होगा। 

उस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि किस तरह दुनिया भर में माता-पिता, अभिभावक और गर्भवती महिलाएँ (pregnant women), बेबी फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थों की आक्रामक मार्केटिंग का आसान शिकार बन रहें हैं। 

शुक्रवार को जारी की गई इस श्रृंखला की दूसरी रिपोर्ट में, 40 लाख सोशल मीडिया सन्देशों का विश्लेषण किया गया है, जोकि जनवरी व जून 2021 के दौरान प्रकाशित किये गए।  

इन सन्देशों के ज़रिये लगभग ढाई अरब लोगों तक पहुँचा गया, एक करोड़ 20 लाख लोगों ने इन सन्देशों को पसन्द व साझा किया (like, share) या फिर उन पर टिप्पणी की। 

बताया गया है कि फॉर्मूला कम्पनियाँ प्रति दिन अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिये 90 सन्देश भेजती हैं, और 22 करोड़ 90 लाख यूज़र्स तक अपनी पहुँच बनाती है। ग़ैर-व्यावसायिक अकाउंट से स्तनपान सम्बन्धी जानकारीपरक सन्देशों की तुलना में यह आँकड़ा तीन गुना अधिक है। 

विशेषज्ञों के अनुसार भ्रामक मार्केटिंग के ज़रिये स्तनपान, स्तन-दुग्ध (breast-milk) के सम्बन्ध में मिथकों को फैलाया जाता है और सफलतापूर्वक स्तनपान करा पाने की महिलाओं की क्षमता व आत्मविश्वास के प्रति सन्देह पैदा किया जाता है। 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने शिशुओं के लिये भोजन तैयार करने वाले उद्योग से, शोषणकारी फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थों की मार्केटिंग का अन्त करने का आग्रह किया है।साथ ही देशों की सरकारों से बच्चों व परिवारों की रक्षा सुनिश्चित किये जाने का आहवान किया गया है।  

इसके तहत, ज़रूरी क़ानून बनाये जाने व उन्हें लागू करने, और फ़ॉर्मूला दुग्ध उत्पादों के सभी प्रकार के विज्ञापनों की निगरानी व उन्हें रोके जाने पर बल दिया गया है। 

रिपोर्ट के अनुसार, फ़ॉर्मूला दुग्ध पदार्थ की वैश्विक डिजिटल मार्केटिंग (global digital marketing) से खुले तौर पर, स्तन-दुग्घ विकल्पों की मार्केटिंग पर महत्वपूर्ण अन्तरराष्ट्रीय कोड का भी उल्लंघन होता है, जिसे 40 वर्ष पहले तयार किया गया था। 

इस समझौते के ज़रिये आक्रामक मार्केटिंग तौर-तरीक़ों से आम जनता व माताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। 

संगठन ने कहा कि ये भ्रामक प्रचार डिजिटल मार्केटिंग के जरिये किये जा रहें हैं। इस कारण राष्ट्रीय निगरानी व स्वास्थ्य प्राधिकरण की नज़ से बच जातें हैं। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

डीएम ने किया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण

डीएम ने किया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण

आरती तिवारी August 31 2022 27810

देवरिया जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैतालपुर का औचक निरीक्षण कि

जुलाई में रोज़ आ सकतें हैं 22 से 25 हजार कोरोना संक्रमण के मामले, यूपी रहेगा सुरक्षित: प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल

जुलाई में रोज़ आ सकतें हैं 22 से 25 हजार कोरोना संक्रमण के मामले, यूपी रहेगा सुरक्षित: प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल

विशेष संवाददाता June 25 2022 24896

प्रोफेसर मणींद्र के गणितीय सूत्र मॉडल के आधार पर यूपी सबसे सुरक्षित रहेगा। यहां संक्रमण के मामले नही

Global burden of type 2 diabetes in adolescents and young adults, 1990-2019: systematic analysis of the Global Burden of Disease Study 2019

Global burden of type 2 diabetes in adolescents and young adults, 1990-2019: systematic analysis of the Global Burden of Disease Study 2019

British Medical Journal December 09 2022 25802

Early onset type 2 diabetes is a growing global health problem in adolescents and young adults, espe

साइकिल चलाने से बढ़ती है सुंदरता, आईये जानते हैं कैसे ?

साइकिल चलाने से बढ़ती है सुंदरता, आईये जानते हैं कैसे ?

सौंदर्या राय February 17 2022 43349

स्टेनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग नियमित रूप से साइक्लिंग करते हैं। उनकी त्

विश्व में एक दिन में कोरोना से दस हजार से ज्यादा मौतें, 35.13 लाख नए संक्रमितों की हुई पहचान

विश्व में एक दिन में कोरोना से दस हजार से ज्यादा मौतें, 35.13 लाख नए संक्रमितों की हुई पहचान

हे.जा.स. January 28 2022 32295

विश्व में बीते दिन जहां कोरोना के 35.13 लाख नए संक्रमितों की पहचान हुई वहीं 10,316 लोगों की मौत भी ह

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

राजधानी में पहली बार बच्चों को मिलेंगी विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

रंजीव ठाकुर April 29 2022 50321

राजधानी के मेदांता अस्पताल में आज से नियोनेटल विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है। इसमें बच्चों को विश

मेरठ : दिव्यांगों को कैम्प में उपकरण वितरित किये गए

मेरठ : दिव्यांगों को कैम्प में उपकरण वितरित किये गए

अबुज़र शेख़ October 07 2022 26677

जिले के परिषदीय विद्यालयों के दिव्यांग बच्चों को पुलिस लाइन प्राथमिक विद्यालय और खरखौदा ब्लॉक संसाधन

सीटी स्कैन पर एम्स डायरेक्टर का बयान अवैज्ञानिक और गैर-जिम्मेदाराना- IRIA

सीटी स्कैन पर एम्स डायरेक्टर का बयान अवैज्ञानिक और गैर-जिम्मेदाराना- IRIA

एस. के. राणा May 07 2021 22935

डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि एक सीटी से 300 एक्सरे के बराबर रेडिएशन होता है। इससे कैंसर का खतरा बढ़ जा

वैक्सीन और कोविड-उपयुक्त व्यवहार ही ओमीक्रॉन संक्रमण से बचा सकतें हैं: डॉ रणदीप गुलेरिया 

वैक्सीन और कोविड-उपयुक्त व्यवहार ही ओमीक्रॉन संक्रमण से बचा सकतें हैं: डॉ रणदीप गुलेरिया 

एस. के. राणा December 22 2021 26071

ओमीक्रॉन से सुरक्षा के लिए मौजूदा टीकों में बदलाव किया जा सकता है। वर्तमान टीके प्रभावी हैं, लेकिन न

डीडीयू में योग के पाठ्यक्रम में दाखिले का आज अंतिम दिन

डीडीयू में योग के पाठ्यक्रम में दाखिले का आज अंतिम दिन

अनिल सिंह November 03 2022 38550

पीजी डिप्लोमा इन योग के समन्वयक डॉ. संजय कुमार राम ने बताया कि पीजी डिप्लोमा में इच्छुक अभ्यर्थी 3

Login Panel