











































डा. आर.एन. सिंह
गोरखपुर। मिशन सेव इन इंडिया के संयोजक तथा वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. आरएन सिंह ने कहा है कि देश के लाखों चिकित्सकों को सम्मान देना सभ्य समाज की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल (corona period) में जो हमारे साथी चिकित्सक (doctors) और फ्रंटलाइन वारियर (frontline warriors) लोगों का इलाज करते हुए मृत्यु को प्राप्त हुए, उनके परिजनों के लिए हम समुचित आर्थिक सहयोग नहीं कर पाए, न ही उनके परिजनों को कोई नौकरी मिल सकी। मरणोपरांत उन हजारों फ्रंटलाइन वारियर्स को हम किसी राष्ट्रीय सम्मान से नवाज भी नहीं सके। हां, जब जरूरत थी तो उनकी हौसला अफजाई की गई। प्रधानमंत्री के कहने पर थालियां बजीं, तालियां बजीं, फूल बरसाये गये, रौशनी भी की गई पर जब वो नहीं रहे पूरे देश में उनके हित में कोई बोलने को तैयार नहीं हुआ। मुझे लगता है कि अब लोगों को बोलना चाहिए।
डा. सिंह ने कहा कि रोगी (patient) कोई भी हो, कहीं भी हो, इलाज (treatment) चिकित्सक ही करेगा। बावजूद इसके आज यह वर्ग आज भी देश में उपेक्षित है। आज चिकित्सक व चिकित्साकर्मियों की मानसिक व सामाजिक सुरक्षा भी बहुत बड़ा मुद्दा है। दौसा की डा. अर्चना शर्मा (Dr Archana Sharma) केस को देख लें। अगर व्यवस्था सही होती तो आज अर्चना जिंदा होतीं।







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3619
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
जिन लोगों में हृदय, श्वसन और किडनी की बीमारी और डायबिटीज होती है उन्हें गर्मी से संबंधित बीमारी का ख
यूपी समेत कई प्रदेशों में लंपी वायरस की चपेट में आने से गोवंशीय मारे गए हैं।
विश्व में बीते दिन जहां कोरोना के 35.13 लाख नए संक्रमितों की पहचान हुई वहीं 10,316 लोगों की मौत भी ह
चिकित्सा शिक्षा विभाग में फिलहाल करीब 24 हजार बेड उपलब्ध हैं। इनमें 7700 आईसीयू बेड भी शामिल हैं। को
संक्रमण की भयावहता से जूझ रहे यूरोप में अब हालात सुधरने लगे हैं। डब्ल्यूएचओ ने भी दावा किया है कि क
इन्फ्लूएंजा टीकों (influenza vaccines) में निहित वायरसों का समय-समय पर अद्यतन करना आवश्यक है, ताकि ट
सर्दियों के खरबूजे, पेठा में मौजूद यह विटामिन त्वचा पर ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है। क्या आप जानते है
वैक्सिंग करके एक ही बार में काफी बड़े हिस्से से अनचाहे बालों को हटाया जा सकता है। वैक्सिंग करने से ब
डॉ. हैदर अब्बास के मुताबिक घायलों को तय समय में इलाज मुहैया कराकर जान बचाई जा सकती है। अफसोस की बात
आर्थराइटिस ना हो इसके लिए सबसे पहले खुद की दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।

COMMENTS