देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

इंटरव्यू

वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे: लक्षण, कारण, निदान और उपचार जानिए न्यूरो सर्जन डॉ सुनील कुमार सिंह से

हर साल 8 जून को जागरुकता बढ़ाने के लिए वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे का आयोजन किया जाता है। आज इस अवसर पर हेल्थ जागरण ने अपोलो अस्पताल में न्यूरो सर्जन डॉ सुनील कुमार सिंह (एमबीबीएस, एमएस, एमसीएच) से खास बातचीत की।

रंजीव ठाकुर
June 08 2022 Updated: June 08 2022 18:56
0 41385

लखनऊ। हर साल 8 जून को जागरुकता बढ़ाने के लिए वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे का आयोजन किया जाता है। आज इस अवसर पर हेल्थ जागरण ने अपोलो अस्पताल में न्यूरो सर्जन डॉ सुनील कुमार सिंह (एमबीबीएस, एमएस, एमसीएच) से खास बातचीत की।

डॉ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस दिन की शुरुआत जर्मनी से हुई थी और आज यह दिन पूरी दुनिया में मनाया जाता है। भारत की बात करें तो लगभग 30 हजार मरीज ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित हैं जबकि यह आंकड़ा ज्यादा भी हो सकता है। कारण की बात करें तो जेनेटिक कारण भी हो सकते हैं या फिर अपने आप भी हो सकता है। लक्षण की बात करें तो मस्तिष्क के अलग अलग हिस्सों में ब्रेन ट्यूमर होने के अलग अलग लक्षण होते हैं। कुछ कैंसर होते हैं और कुछ बेनाइन भी होते हैं। एक मिथ्या धारणा है कि ब्रेन में कुछ भी हो जाए तो उसका इलाज नहीं हो सकता है, यह आज की डेट में गलत धारणा है। विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि सर्जरी करके ट्यूमर को निकाला जा सकता है और बिना ऑपरेशन के भी ट्रीटमेंट किया जा रहा है। 

हेल्थ जागरण - डॉ साहब आम आदमी की बात करें तो ऐसे कौन से लक्षण है जिससे ब्रेन ट्यूमर की पहचान की जा सकें?

डॉ सुनील सिंह - ये लक्षण अलग अलग हिस्सों के हिसाब से होते हैं। आमतौर पर सर दर्द होना, लगातार सिर दर्द होते रहना, उल्टी आना, धुंधला दिखाई देना, निगलने में दिक्कत होना, चलने फिरने में दिक्कत होना या हाथ पैर में सामंजस्य नहीं होना भी हो सकता है।

हेल्थ जागरण - निदान (डायग्नोज) के क्या तरीके हैं?

डॉ सुनील सिंह - पहले डॉक्टर मरीज के लक्षण देखते हैं फिर रेडियोलॉजी टेस्ट जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई आदि से ब्रेन ट्यूमर की पहचान की जाती है। 

हेल्थ जागरण - आज ब्रेन ट्यूमर डे पर क्या संदेश देना चाहेंगे, आम आदमी क्या करें और क्या ना करें?

डॉ सुनील सिंह - इसकी जागरूकता बहुत जरूरी है। जल्दी लक्षणों को पहचानें और डॉक्टर के पास पहुंचे। इसके अलावा रेडिएशन यानी मोबाइल या मोबाइल टॉवर से दूरी बना कर रखनी चाहिए।

हेल्थ जागरण - डॉ साहब आपने मोबाइल की बात कही है। पहले लोग मोबाइल ऊपर की जेब में रखते थे फिर नीचे आगे की जेब में रखने लगे और अब पीछे की जेब में रखते है, इसमें क्या सही है? मोबाइल कहां रखना चाहिए?

डॉ सुनील सिंह - देखिए मोबाइल शरीर से दूर ही रहना चाहिए। कोशिश करें कि ईयर फोन या ब्लूटूथ का इस्तेमाल करें। ऊपर की जेब में रखने से हार्ट पर असर पड़ता है। हालांकि अब उच्च क्वालिटी के मोबाइल आ रहें हैं जिनमें रेडिएशन कम होता है लेकिन जितना हो सके मोबाइल शरीर से दूर रखना चाहिए। 

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

फाइलेरिया उन्मूलन की राह पर यूपी, अब साल में एक बार चलेगा एमडीए

फाइलेरिया उन्मूलन की राह पर यूपी, अब साल में एक बार चलेगा एमडीए

हुज़ैफ़ा अबरार December 10 2025 2870

इन जिलों में चलेगा एमडीए - लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, अम्बेडकरनगर, अयोध्या, भदोही, पीलीभीत, श

लोकबंधु अस्पताल में सुविधाएं बढ़ीं, कोविड़ की संभावित लहर से निपटने को तैयार - डॉ अजय शंकर त्रिपाठी

रंजीव ठाकुर May 07 2022 36739

अस्पताल में लगातार सुविधाओं में वृद्धि हो रही है। पहले 100 बेड थे जो बढ़ कर 318 हो गए हैं। ऑन लाइन र

मरीजों का मेंटल हेल्थ जानना बेहद जरूरीः डा. सौरभ सिंह

मरीजों का मेंटल हेल्थ जानना बेहद जरूरीः डा. सौरभ सिंह

आनंद सिंह March 26 2022 66559

दरअसल, होम्योपैथी की यही खासियत है। किसी भी मर्ज को तीन तरीके से जानने और समझने की कोशिश होती है। उन

गंभीर हालत में पहुंचे मरीज को सहारा हास्पिटल में मिला जीवनदान 

गंभीर हालत में पहुंचे मरीज को सहारा हास्पिटल में मिला जीवनदान 

हुज़ैफ़ा अबरार February 25 2023 35942

सहारा हॉस्पिटल में सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध हैं, इसलिए मरीज को ब्लड बैंक की सुविधा और डॉक्ट

यूपी में भी कोरोना को लेकर अलर्ट जारी

यूपी में भी कोरोना को लेकर अलर्ट जारी

आरती तिवारी December 22 2022 35017

यूपी में कोरोना को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएमओ को चौकसी बढ़ाने

फेफड़ों को अपनी सेहत का केंद्र बनाएं।

फेफड़ों को अपनी सेहत का केंद्र बनाएं।

लेख विभाग January 12 2021 32733

डॉ. बीपी सिंह एमबीबीएस एमडी चेस्ट, डायरेक्टर मिडलैंड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने कहा भारत में सीओपी

यूपी में चार माह में 1.28 लाख टीबी मरीज लिए गए गोद

यूपी में चार माह में 1.28 लाख टीबी मरीज लिए गए गोद

रंजीव ठाकुर July 22 2022 29673

उत्तर प्रदेश में क्षय रोगियों को गोद लेने की पहल रंग ला रही है। वर्ष 2019 में शुरू हुई इस पहल से अब

कोरोना टीके का हार्ट अटैक से कोई संबंध नहीं!

कोरोना टीके का हार्ट अटैक से कोई संबंध नहीं!

आरती तिवारी September 05 2023 124077

कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए भारत में इस्तेमाल टीकों कोविशील्ड,कोवैक्सीन और हार्ट अटैक के खतरे

पति ने लीवर दानकर पत्नी की बचायी जान।

पति ने लीवर दानकर पत्नी की बचायी जान।

हुज़ैफ़ा अबरार March 17 2021 38916

हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, अल्कोहल और नॉन—अल्कोहलिक फैटी लीवर जैसी बीमारियां देश में क्रोनिक लीवर

पीरियड्स के दौरान बुखार होता है, तो ऐसे रखें अपना ख्याल

पीरियड्स के दौरान बुखार होता है, तो ऐसे रखें अपना ख्याल

लेख विभाग May 14 2023 42096

पीरियड्स के दौरान अस्वस्थ महसूस करना कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन बुखार का अनुभव करने से स्थिति औ

Login Panel