











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। केजीएमयू में डायबिटिक रेटीनोपैथो का इलाज आसान हो गया है। लेजर तकनीक से डायबिटिक रेटीनोपैथी पीड़ित का ऑपरेशन संभव हो गया है। आधे घंटे वाला आंख का ऑपरेशन महज पांच मिनट में होगा। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सफलता दर में भी इजाफा होने की बात कही है। सरकार की ओर से केजीएयमू में एडवांस डायबिटिक रेटीनोपैथी सेंटर स्वीकृत किया गया है। इसके तहत कई नई सुविधाएं शुरू की जा रही हैं। आधुनिक मशीनों से विभाग को लैस किया जा रहा है।

नेत्र रोग विभाग के डॉ. संदीप सक्सेना ने बताया कि अनियंत्रित डायबिटिक पीड़ित मरीजों को आंख संबंधी बीमारी का खतरा कई गुना अधिक रहता है। चिकित्सा विज्ञान में इसे डायबिटिक रेटीनोपैथी कहते हैं। इसमें आंख के पर्दे में सूजन आ जाती है। कई बार मरीज की आंख में रक्त का थक्का जम जाता है। इसका ऑपरेशन से सटीक इलाज होता है। अभी तक ऑपरेशन में आधे घंटे का वक्त लगता था।

अब विभाग में हाई एंड मल्टी स्पॉट लेजर मशीन आ गई है। साथ ही स्टेट ऑफ आर्ट लेजर मशीन भी खरीदी गई है। लेजर मशीन से सटीक व और सफल ऑपरेशन संभव हो गया है। अब तक हमारे पास जो मशीन थी वो वन स्पॉट थी। यानी एक बार में एक स्पॉट ही लेजर का कवर करती थी। जबकि इस मशीन के माध्यम से एक बार में 20 स्पॉट लेजर के मारती है। महज पांच से सात मिनट में ऑपरेशन संभव है। वहीं विट्रेक्टमी मशीन भी खरीदी गई है। इससे आंख के पर्दे की अब और बेहतर सर्जरी हो सकेगी।







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