











































गोरखपुर। जिला प्रशासन द्वारा सील किए गए अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा खोले जाने के मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट करेंगें। इस सम्बन्ध में कमिश्नर ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। इस प्रकरण की शिकायत गोरखनाथ स्थित एक व्यक्ति ने मंडलायुक्त से किया था।
आरोप है कि भटहट क्षेत्र के निजी अस्पताल (private hospital) को एडीएम ने सील किया था। इस दौरान संचालक मरीजों (patients) के वार्ड में ताला लगाकर भाग गया था। बताया गया कि मामला हाईकोर्ट (High Court) में लंबित है लेकिन विभागीय अधिकारियों (departmental officers) की मिलीभगत से उसे भी खोल दिया गया।
कूड़ाघाट में डायग्नोस्टिक सेंटर (diagnostic center) को डीएम के निर्देश पर सील किया गया था। इसी तरह कई अस्पतालों को भी सील करने के बाद दूसरे नाम से अस्पताल से खुलवा दिया गया है। मामले की जांच पहले सीएमओ (CMO) को दी गई थी, लेकिन इस पर शिकायतकर्ता (complainant) को आपत्ति थी।
आपत्ति पर संज्ञान लेते हुए कमिश्नर (Commissioner) ने नए सिरे से जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी सिंह ने बताया कि जांच का निर्देश मिला है। सोमवार से मामले की जांच शुरू की जाएगी।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3472
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1281
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 749
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 490
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 441
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 427
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9177
एस. के. राणा January 20 2026 0 5656
एस. के. राणा February 01 2026 0 5432
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5320
एस. के. राणा January 13 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35400
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35945
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73267
उपचार में उपहार को लेकर डॉक्टर्स और दवा व्यापारी आमने-सामने है। अब इसका निर्णय सुप्रीम कोर्ट को करना
मरीजों को क्वालिटी हेल्थ सर्विस देने के मकसद से डॉक्टरों की देश के अन्य राज्यों के मशहूर हेल्थ इन्स्
कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पलंग पर लेटते ही नींद आ जाती है। लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो घंटो
आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि प्रेग्नेंसी प्लान करते समय आपको दूसरी किसी बीमारी का इलाज न करव
बचपन में मोटापा का मूल कारण कैलोरी खपत और खर्च की गई ऊर्जा के बीच असंतुलन है। भारतीय आनुवंशिक रूप से
दिल्ली के नरेला में निर्मित यह संस्थान देश का सबसे बड़ा होम्योपैथिक संस्थान होने के साथ ही उत्तरी भा
Both SWAL and SWAL plus desk were associated with a reduction in sitting time, although the addition
डा वासिफ रज़ा ने कहां कि मल में खून आने को अधिकतर लोग बवासीर मानक इलाज करते हैं या इसे अंदेखा कर देत
दो महीने से अधिक समय से दवा की देशव्यापी कमी के साथ, विशेषज्ञों ने कहा कि पॉसकोनाज़ोल के उपयोग पर सल
अंडे में कई पोषक तत्व होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और बीमारियों से बचाव करते हैं।

COMMENTS