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लखनऊ। मलेरिया प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होने वाली एक स्वास्थ्य स्थिति है जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छरों (anopheles mosquitoes) से मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलती है। वहीं यूपी में स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया की जांच दर जहां लगभग दोगुनी कर दी है, वहीं इस बीमारी से संक्रमित होने वालों की संख्या एक चौथाई रह गई है। साथ ही प्रदेश में मलेरिया से बचाव (prevent malaria) के लिए गुरुवार से अभियान शुरू होगा। यह अभियान 30 जून तक चलेगा। लोगों को मलेरिया से बचाने के लिए साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया जाएगा।
डॉ. विकास सिंघल, संयुक्त निदेशक, वीबीडी ने बताया कि वर्ष 2020 में 27,76,349 लोगों की मलेरिया की जांच हुई। वहीं जांच की संख्या दोगुनी बढ़ाते हुए वर्ष 2022 में 83,22,741 लोगों की जांच की गई। बता दें कि बीते चार वर्षों में प्रदेश में मलेरिया के रोगियों (malaria patients) की संख्या 92 प्रतिशत कम हुई है। वहीं जांच में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2019 में मलेरिया के 92,732 रोगी थे और अब इस समय 7,039 मरीज हैं।
मलेरिया के लक्षण- Symptoms of malaria







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