











































प्रतीकात्मक
चैत्र नवरात्र शुरू हो चुके हैं, जिसमें उपवास रखने से विशेष दैवीय प्राप्तियां होने की बात कही जाती है। घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है। इसी के साथ रमज़ान का महीना भी शुरु होने वाला है जिसके मूल में रोज़ा (उपवास ) है माना जाता है कि उपवास का जितना असर तन पर होता है, उतना ही मन भी स्वस्थ रहता है। आइए जानते हैं कि आखिर उपवास यानी फास्टिंग के क्या हैं फायदे....
उपवास वैसे तो कई प्रकार के होते हैं। कोई सुबह उपवास रखता है, कोई रात को। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि उपवास में खाद्य पदार्थों की बजाय अगर तरल पदार्थों का सेवन किया जाए, तो उससे शरीर का सही डिटॉक्सिफिकेशन होता है। इससे पाचन बेहतर होता है और साथ ही पेट संबंधी अनेकानेक परेशानियां कम होती हैं। जब पेट ठीक रहता है, तो चेहरे की चमक भी बनी रहती है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग पूरी सावधानी के साथ - Intermittent fastening with utmost care

इन दिनों देश-विदेश हर जगह मोटापे (obesity) की समस्या एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। वजन कम करने के लिए लोग तमाम तरह की उपवास विधि को अपना रहे हैं, जिसमें इंटरमिटेंट फास्टिंग एक है। इससे बढ़ती चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही शरीर हानिकारक एवं विषाक्त पदार्थों (toxic substances) से मुक्त हो जाता है। व्यक्ति ऊर्जावान महसूस करता है। डाइटिशियन (Dietician) एवं वेलनेस एक्सपर्ट कृति श्रीवास्तव बताती हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग में ठोस पदार्थ की जगह तरल पदार्थों का सेवन किया जाता है। इसमें एक निश्चित समय में ही खाना खाते हैं। हर दिन कुछ घंटों (8 से लेकर 16 घंटे) के लिए फास्ट करना या हफ्ते में एक-दो दिन सिर्फ एक बार भोजना करना होता है। इससे शरीर में स्टोर फैट (stored fat) को बर्न करने में मदद मिलती है लेकिन यह फास्टिंग कभी भी अपने मन से नहीं, बल्कि चिकित्सकों की निगरानी एवं परामर्श से करनी चाहिए। क्योंकि डाइट या जीवनशैली में बड़े बदलाव से कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। आपको सिरदर्द, थकान, चक्कर आने या भूख कंट्रोल न कर पाने की शिकायत हो सकती है। इसलिए सोच-समझकर ही इसे करें।
उपवास के दौरान शरीर की जरूरतों को सुनें - Observe to the needs of the body during fasting

जैसा कि सभी को ज्ञात है कि मानव शरीर में 70 फीसद तक पानी है। इसलिए हमें हाइड्रेटेड (hydrated) रहना जरूरी होता है। पानी पीने के कई फायदे हैं, जो उपवास के दौरान और आवश्यक हो जाता है। इससे न सिर्फ शरीर के टॉक्सिंस (toxins) बाहर निकलेंगे, बल्कि स्किन में चमक, मसल मजबूत होगी। कहना गलत नहीं होगा कि किसी भी प्रकार के उपवास के समय अपने शरीर की जरूरतों पर ध्यान दें। उसे सुनने की कोशिश करें। विशेषज्ञों के अनुसार, सही तरीके से की गई फास्टिंग से न सिर्फ वजन नियंत्रित रहता है, बल्कि इससे ब्लड शुगर (blood sugar) को बेहतर ढंग से मैनेज किया जा सकता है। हां, कई बार ऐसा हो सकता है कि फास्टिंग करने से शुगर लेवल कम हो जाए, तो उसके लिए पर्याप्त सावधानी रखनी होती है। ऐसे में डाक्टर से पहले ही सलाह ले लेना अच्छा रहेगा।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद फास्टिंग - Fasting beneficial for mental health

फास्टिंग अर्थात उपवास की एक और बड़ी विशेषता है कि इससे मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है, क्योंकि जब आप उपवास करते हैं, तब रक्त एवं लिम्फैटिक सिस्टम (lymphatic system) से विषाक्त पदार्थ का बहाव भी कम होता है और दिमाग बेहतर तरीके से सोच पाता है। मस्तिष्क को शुद्ध रक्त मिलने से वह ऊर्जा का इस्तेमाल भी कहीं अच्छे से कर पाता है। इससे याद्दाश्त (memory) अच्छी होती है। कुल मिलाकर कहें कि उपवास करना हर प्रकार से लाभकारी है, बशर्ते कि उसे सही रूप से किया जाए।
लेखक - अंशु







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3472
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1281
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 756
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 525
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 490
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 441
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 427
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9177
एस. के. राणा January 20 2026 0 5656
एस. के. राणा February 01 2026 0 5432
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5320
एस. के. राणा January 13 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35400
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35945
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73267
रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में फिलहाल कोरोना के 3 वैरिएंट्स के मामले देखे जा रहे हैं, इन तीनों की संक
कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक और प्रीकॉशन डोज के बीच के अंतर को संशोधित करने में अधिक समय लग सकता है
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर जिले में डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल तत्काल क्रिय
मढिया जानकीनगर निवासी साहब लाल की पत्नी माला के पेट में दर्द होने लगा। जिसे परिजनों ने देर रात शहर क
अमेरिका के जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के मिलकेन इंस्टीट्यूट में पब्लिक हेल्थ की प्रोफेसर डॉ लीना वेन
Intracoronary infusion of Wharton’s jelly derived mesenchymal stem cells significantly reduced the r
चार अक्टूबर को प्रभावी हुए ब्रिटेन के नए नियमों के अनुसार, कोविशील्ड टीके की दोनों खुराक लगवा चुके भ
केवल 52 प्रतिशत देश ही मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने व रोकथाम कार्यक्रमों के सम्बन्ध में लक्ष्य पू
अपोलोमेडिक्स की व्यापक लिवर सेवाएं उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में हर उम्र के लोगों के साथ-सा
राजधानी में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बीते एक दिन में कोरोन

COMMENTS