












































प्रतीकात्मक फोटो
- डा. सुधीर श्रीवास्तव, एम.एस., एम. सी. एच. ऑप्थल्मोलॉजी
मेडिकल डायरेक्टर, सन आई हॉस्पिटल, लखनऊ
इम्प्लांटेबल कोलामर लेंस या आईसीएल दृष्टिदोष को सुधारने के लिए 15 मिनट की एक आउट पेशेंट प्रक्रिया है। इक्साइमर लेजऱ तकनीक की तुलना में आईसीएल प्रक्रिया अपरवर्तक दृष्टिद दोष त्रुटियों को ठीक करने में अधिक कारगार है। आँखों को चश्में से दूर रखने के लिए यह नवीनतम व सुरक्षित तकनीक है। तुरन्त प्रतिलाभ, सहज उपचार और आँखों के उत्तकों में न्यूनतम बदलाव जैसे बिंदु इस चिकित्सकीय प्रक्रिया के मुख्य और शीर्ष गुण हैं। ऑपरेशन के दौरान बिना वास्तविक लेंस को हटाए, आंख में सूक्ष्म चीरा लगाकर एक आर्टिफिशियल लेंस डाला जाता है। इससे आंख में स्थित कॉर्निया की मोटाई पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस प्रक्रिया से आँखों मे कम से कम जटिलता होती है। कई बार लेजऱ प्रक्रिया से ऑपरेशन के बाद रोगियों को रात में धुंधला दिखना या फ्लैप संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जो युवा इस प्रक्रिया से अपनी आंखों का उपचार कराते है उन्हें भी उम्र बढऩे के साथ मोतियाबिंद जैसी बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
आईसीएल तकनीक इस प्रकार की किसी भी समस्या से निदान सुनिश्चित करती है। साथ ही यह प्रक्रिया बहुत आसान और कोलामर लेंस आँखों को सूर्य की पराबैंगनी किरणों से सुरक्षित रखती है। इस बीमारी के लक्षणों पर बचपन से ध्यान रखा जा सकता है। बच्चों के स्कूल में एडमिशन के समय उनका नजऱ परीक्षण टेस्ट करवाना चाहिए, 5-6 वर्ष की आयु में नियमित जांच बेहद लाभकारी होती है। समय से पहले जन्में शिशुओं को और कम वजन वाले नवजात शिशुओं को डॉक्टर की सलाह और रेगुलर चेकअप से रेटिनोपैथी आफ प्रीमच्युरिटी नामक बीमारी से बचा सकते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3472
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1281
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 749
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 490
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 441
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 427
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9177
एस. के. राणा January 20 2026 0 5656
एस. के. राणा February 01 2026 0 5432
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5320
एस. के. राणा January 13 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35400
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35945
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73267
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिए हैं कि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है एवं कुछ जनपदों में अ
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अब भी न चेते तो बहुत देर हो जाएगी। इन संकेतों को गंभीरता से लेते हुए जल, ज
चीन के शंघाई शहर में कोविड-19 से आठ और लोगों की मौत के बाद पूर्वी महानगर में संक्रमण से मौत के मामले
वेबिनार और जागरुकता शिविर निकाल कर एम्स में मनाया गया विश्व स्वास्थ्य दिवस, समाज के विभिन्न वर्गों म
गर्भावस्था में पीएम 2.5 के अधिक संपर्क में आने से समय से पहले डिलीवरी का जोखिम लगभग 70 प्रतिशत तक बढ
देश के औषधि महानियंत्रक ने कोविड-19 के प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए टीको को मंजूरी दी है। अब 5 स
इस कारण बच्चों को पिछले साल आवश्यक टीका नहीं मिल पाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ द्वारा जा
साल 2002 में सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पैच मार्केट में आया था। 17 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इस
अगर उत्सर्जन को तेजी से समाप्त नहीं किया गया वैश्विक स्तर पर गर्मी और आर्द्रता मानव सहनशीलता से परे
दवाईयों के साथ यदि आप रोजाना एक कप प्याज की चाय पीतें हैं तो बीपी कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। प

COMMENTS