











































सांकेतिक चित्र
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के दो बड़ी सरकारी अस्पतालों (government hospitals) समेत 19 सीएचसी पर बिना पैथोलॉजिस्ट के ही मरीजों के खून की जांच हो रही है। पैथोलॉजिस्ट (pathologist) के ही मरीजों के खून की जांच हो रही है। पैथोलॉजिस्ट की निगरानी के बिना लैब टेक्नीशियन जांच करके मरीजों (patients) को रिपोर्ट थमा रहे हैं। ऐसे में इन पर संशय भी है। उधर, कई अस्पतालों में सात-सात तक पैथोलॉजिस्ट हैं।
अफसरों का कहना है जिन अस्पतालों में पैथोलॉजिस्ट नहीं हैं, वहां एनएचएम के जरिए तैनाती की जाएगी। ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय (combined hospital) की ओपीडी में रोजाना 700-800 मरीज आते हैं। चिकित्सकों की सलाह पर इनमें से 150-200 के खून की जांच होती है। हालांकि, अस्पताल में काफी समय से पैथोलॉजिस्ट की मांग भेजी गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमित ने बताया कि यहां माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट तैनात है, जिसके जरिए पैथोलॉजी जांच (pathology test) की निगरानी होती है।
बता दें कि अलीगंज, इंदिरानगर, चिनहट, रेडक्रॉस, चंदननगर, गुडंबा, गोसाइगंज,नगराम, हजरतगंज एनके रोड टुडियागंज समेत 19 सीएसी में एक भी पैथोलॉजिस्ट नहीं हैं। जहां कई अस्पतालों में एक भी पैथोलॉजिस्ट नहीं है तो बलरामपुर अस्पताल में 7 पैथोलॉजिस्ट है।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72469
एक स्त्री के मां बनने के बाद उसका फिगर तो बिगड़ता ही है लेकिन मातृत्व दबाव के कारण उसे अन्य भी कई परे
इस योजना का उद्देश्य बाल चिकित्सा देखभाल सहित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर
मांसाहार करने वाली महिलाओं के दूध में कीटनाशक की मात्रा साढ़े तीन गुना तक ज्यादा मिली। इसी तरह अधिक
अगले दो हफ्ते चुनौतीपूर्ण, सभी प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन जरूरी। जिस संयम से मनाई ईद, उसी सादगी से हो
कई बार मरीजों द्वारा दी गई गलत या अधूरी जानकारी के कारण भी नुकसान का कारण बनती है, इन सभी को रोका जा
कोरोना महामारी फैलने के बाद भारत लौटने को मजबूर मेडिकल छात्र तब से देश और राज्य के सरकारी और निजी अस
दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में H3N2 वायरस खतरा बढ़ गया है। वहीं अब इस वायरस
अगर आप अपने चेहरे को कम मोटा दिखाना चाहते हैं, तो आपको अपने पूरे शरीर की चर्बी को कम करने की जरूरत प
भारतीय दर्शन में कलाओं का बड़ा महत्व है और स्वस्थ जीवन के लिए 16 कला सम्पूर्ण होने की बात कही जाती। भ
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 2,00,000 टन से अधिक चिकित्सा अपशिष्ट दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी के परिण

COMMENTS