











































लखनऊ। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों को लेकर प्रांतीय चिकित्सा सेवा ऑफिसर्स (रि०) वेलफेयर एसोसिएशन यूपी लगातार डॉक्टर्स के पक्ष में आवाज़ बुलन्द करता रहा हैं। महामंत्री डॉ आर के सैनी ने बार-बार बड़े पदों पर बैठे दोषियों के ऊपर कार्यवाही ना होने को लेकर आक्रोश जताया है।
डॉ सैनी (Dr RK Saini) कहते है कि डॉक्टर्स का तबादला (transfer of doctors) निरस्त किया जा रहा हैं और असली दोषियों को छोड़ बेगुनाहों पर जाँच और मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे है। बलि का बकरा बने निर्दोष डॉक्टर्स की तरफ से रिट दाखिल करने हेतु डॉ सैनी लखनऊ हाईकोर्ट पहुंचे, जहाँ हेल्थ जागरण से उन्होंने खास बातचीत की।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा ऑफिसर्स (रि.) वेलफेयर एसोसिएशन (Provincial Medical Service Officers (Retd) Welfare Association) के महामंत्री डॉ आर के सैनी ने हेल्थ जागरण (health jagaran) से कहा कि जिन लोगों का तबादला निरस्त किया गया वे हाई प्रोफ़ाइल आदमी हैं। संभव है ये लोग प्रमुख सचिव, अमित मोहन प्रसाद, रविंद्र नायक या निदेशक प्रशासन के हितैषी हो।
नीतिगत स्थानांतरण (Policy transfers) कदापि नहीं किए गए हैं। लोग 20-25 साल से एक ही सीट पर जमें हैं लेकिन ट्रांसफर में पिकअप चूज़ मैथेड अपनाया गया। इसको लेकर एसोसिएशन की तरफ से याचिका डाली थी जिसको आज हाई कोर्ट (Lucknow High Court) ने डिस्पोज कर दिया है। आदेश पढ़ने के बाद इस पर प्रतिक्रिया देंगे लेकिन बात ना बानी तो सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक जाएंगे।
महामंत्री डॉ आर के सैनी ने बार-बार तबादला निरस्त होने पर कहा कि ये जिसको चाहते है उसे बलि का बकरा बना देते है। डॉक्टर्स सीधे होते हैं जो बोल नहीं पाते, कुछ कर नहीं पाते। संयुक्त निदेशकों को पता नहीं होता और ऊपर वाले अधिकारी लिपिकों से मिल कर तबादले कर देते है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) से अपील करते हुए डॉ आर के सैनी ने कहा कि योगी इस मामले में परसनल इंट्रेस्ट लेकर निति के अनुसार स्थानांतरण करवाए, असली दोषियों पर कार्यवाही की जाए। यदि यहाँ सुनवाई ना हुई तो फिर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। निदेशक प्रशासन गणपति राजा (Ganpati Raja), सचिव रविंद्र नायक (Ravindra Nayak) और अपर चीफ सेक्रेटरी अमित मोहन प्रसाद (Amit Mohan Prasad) इस षडयंत्र में शामिल है इनकी उच्च स्तरीय जाँच हो लेकिन उससे पहले डॉक्टर्स को बहाल किया जाए। एक तरफ तो आप इनको करोना वारियर्स (Corona Warriors) कहते हैं और दूसरी तरफ इनका मनोबल तोड़ देते है।







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