











































जिले में वायरल का वार
शाहजहांपुर। बदलते मौसम के साथ फिर लोग बीमार पड़ रहे है। मरीजों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग (health Department) ने भी तैयारी पूरी कर ली है। इन दिनों अस्पतालों में सबसे ज्यादा बुखार, पेट में संक्रमण औऱ डायरिया (diarrhea) के मरीज अस्पताल पहुंच रहे है। चिकित्सकों के मुताबिक, मानसून के दस्तक देने से पानी भरने और मच्छरजनित रोगों (mosquito borne diseases) का खतरा मंडराने लगेगा। ओपीडी में बुखार से पीड़ित 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। इसी तरह डायरिया के आठ से दस मरीज (Patient) पहुंचते हैं। साथ ही लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शाहजहांपुर जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज (Government Medical College) की ओपीडी में मंगलवार को 1552 मरीजों ने पर्चा बनवाए गए। सरकारी अस्पतालों के साथ प्राइवेट हॉस्पिटल (private hospital) में मरीजों की कतार बढ़ रही है। गंभीर मरीजों को एडमिट भी किया जा रहा है। बता दें कि फिजिशियन (physician) को दिखाने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा वायरल बुखार (viral fever) से पीड़ित रोगी थे। इसी तरह पेट में दर्द (stomach ach), उल्टी आदि से जूझ रहे मरीज भी पहुंचे। ट्रामा सेंटर में 24 घंटे में 150 लोगों को भर्ती किया गया। इसमें भी सर्वाधिक इन्हीं रोगों के मरीज शामिल थे।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3346
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मामलों की संख्या में 10,183 की कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को 1
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को फाइलेरिया की दवा नह
पशुओं के रोग लम्पी स्किन की उत्तर प्रदेश में दस्तक के बाद सरकार ने एडवाइजरी जरूर जारी की लेकिन जमीनी
माइग्रेन का अटैक आने के दौरान कुछ लोगों को मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है, जबकि कुछ लोगों में ते
इंदौर में एक और बड़े अस्पताल की शुरुआत हुई है। बांबे अस्पताल, अपोलो, मेंदाता जैसे बड़े अस्पतालों के
कैंसर जैसी जटिल बीमारी से लड़ने के लिए एक अच्छे डॉक्टर के साथ-साथ एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित टीम, परि
मिली जानकारी के अनुसार एम्स के आसपास के मेट्रो स्टेशन से ही शटल सेवा मिलेगी, जो मरीजों को ओपीडी एवं
जब आप मु्ल्तानी मिट्टी में शहद मिलाकर लगाते हैं तो इससे स्किन की कई समस्याओं में छुटकारा मिलता है। च
वाणिज्यिक रूप से इसकी बिक्री 2डीजी ब्रांड नाम से की जाएगी। इस दवा के एक सैशे का अधिकतम खुदरा मूल्य (
मानसिक रोगियों की इतनी बड़ी संख्या के बावजूद भी अब तक भारत में इसे एक रोग के रूप में पहचान नहीं मिल प

COMMENTS