












































प्रतीकात्मक फोटो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए 1,55,270 स्वास्थ्यकर्मियों को बुलाया गया था लेकिन इसमें से केवल 1,01,006 पहुंचे। टीकाकरण के लिए प्रदेश भर में 1,537 बूथ बनाये गए थें। शुक्रवार को जिन स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया है, उन्हें अब दूसरी डोज 19 फरवरी को लगाया जाएगा।
16 जनवरी को टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। उस दिन 31,700 में से 22,643 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगवाया था। जो 71.4 फीसदी था। दूसरे चरण में कुल 65 फीसद स्वास्थ्यकर्मियों ने वैक्सीन लगवाई। जो प्रथम चरण से छह फीसद कम था। अब 28 जनवरी और 29 जनवरी को प्रदेश में डेढ़-डेढ़ लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बलरामपुर 98 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों ने टीके लगाए गए। इसके अलावा प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर व श्रावस्ती में भी 95 फीसद से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों ने वैक्सीन लगवाई। वहीं सबसे कम 39 फीसद स्वास्थ्य कर्मी इटावा में टीके लगवाने पहुंचे। इसके अलावा शाहजहांपुर, चंदौली, फिरोजाबाद, रामपुर और नोएडा में भी 50 प्रतिशत से कम स्वास्थ्य कर्मियों ने टीके लगवाए।







हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 539
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 189
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 182
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 119
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 63
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1211
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 539
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 392
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5005
एस. के. राणा January 20 2026 0 4956
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4851
एस. के. राणा January 13 2026 0 4634
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4529
एस. के. राणा February 01 2026 0 4305
एस. के. राणा February 04 2026 0 3983
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87043
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34945
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38104
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35609
लेख विभाग March 19 2022 0 35224
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72777
कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के आने के बाद धनी देशों ने गरीब देशों से नर्सों की भर्ती को तेज
कोरोना से संक्रमित होने वाले लोगों की किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा ज्यादा पाया गया है। इसके चलते
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक बार फिर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए कुछ नए निर
डेंगू की जांच का शुल्क 1200-1400 रुपये जबकि चिकनगुनिया का 1200 से 1700 और स्क्रब टाइफस का 1200-1400
शोधकर्ताओं ने यह कहा है कि इस क्षेत्र में कोरोना वर्ग के कई वायरसों की मौजूदगी हो सकती है। इनका संबं
नए प्रारूप के तहत रोगियों को उनके स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायता करने के लिए सेवा प्रदाताओं को
कैंसर संस्थान में फिलहाल एमआआई, पेट स्कैन और स्पेक्ट स्कैन जांच की सुविधा नहीं है। संस्थान के सीएमएस
जिला क्षय रोग अधिकारी ने धर्मगुरुओं से अपील की कि उनकी जब भी अपने समुदाय के लोगों से वार्ता हो तो उन
इसमें भर्ती होने वाले मरीजों को राज्य सरकार के निर्देशानुसार नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जायेगा।
भारतीय हालात में पालथी या चौकड़ी लगाकर बैठना, शौच में बैठना आदि मुख्य जरूरत हैं। पश्चिमी पैर से दुर्

COMMENTS