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नयी दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकी पॉक्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि यह बीमारी कई देशों में फैल चुकी है और भारत के केरल में भी तीन मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन मंकी पॉक्स को लेकर एडवाइजरी भी जारी कर चुका है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख डॉ टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस (World Health Organization chief Dr Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने बताया कि ताजा आंकड़ों की समीक्षा करने के बाद मंकी पॉक्स (monkey pox) अंतर्राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है इसलिए इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (public health emergency) घोषित किया जा रहा है। अब तक 75 देशों में मंकी पॉक्स संक्रमण फैल चुका है (monkeypox infection spread in 75 countries) और 16 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं तथा पांच मौतें हुई हैं।
डॉ टैड्रॉस (WHO) ने कहा कि आपातकालीन समिति की बैठक में सर्वसम्मति से माना गया कि मंकी पॉक्स (monkeypox virus) को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित (monkeypox a public health emergency) किया जाए। हालाँकि समिति के कई सदस्य अभी इसे आपात स्तिथि नहीं मानते हैं लेकिन बढ़ रहे वाइरस के प्रकोप ने चिन्ता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (International Health Regulations) के तहत पांच कारणों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
यूरोपीय क्षेत्र को छोड़कर मंकी पॉक्स का वायरस फैलता जा रहा है (monkeypox virus spreading) और लगातार मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। लगातार फैल रहे संक्रमण का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैलाव हो सकता है और इस वायरस के बारे में हम बहुत कम जानते हैं। इन सभी कारणों से मैंने तय किया है कि वैश्विक मंकीपॉक्स का प्रकोप सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने योग्य है।







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