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शरीर में रक्त प्रवाह ठीक तरह से नहीं हो पाता है तो खून एक ही जगह पर जमा हो जाता है। इसकी वजह से उस हिस्से की नसें फूल जाती हैं और उभरी हुई नजर आती हैं। इसी स्थिति को वैरिकोज वेन्स के रूप में जाना जाता है। इसकी वजह से खासतौर पर पैरों में नीली या बैंगनी रंग की उभरी हुई नसें नजर आ सकती हैं। इसके अलावा, पैरों में जलन, दर्द ऐंठन और भारीपन आदि लक्षण भी नजर आ सकते हैं। आइए जानते हैं इन जड़ी-बूटियों के बारे में-
मुलेठी- Muleti
इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसमें मौजूद गुण रक्त से विषाक्त पदार्थों को हटाते हैं और बल्ड सर्कलेशन में सुधार करते हैं। इसकी जड़ के पेस्ट में ताजा एलोवेरा जेल मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाने से वैरिकोज वेंस की स्थिति में जल्द सुधार हो सकता है।
अनंतमूल- infinity
इसकी जड़ों का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे रक्त शुद्ध होता है। साथ ही ये ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसकी जड़ों को पीसकर प्रभावित हिस्से पर नियमित लगाने से पैरों की नीली नसों और जलन की समस्या से राहत मिल सकती है।
चिलबिल- Chilbil
यह जड़ी-बूटी एक प्राकृतिक ब्लड-प्यूरीफायर है। आयुर्वेद में इसका उपयोग त्रिदोषों से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है। यह वैरिकोज नसों के कारण पैरों में रक्त के थक्कों को ठीक करने के लिए लाभकारी होती है।
परहेज- abstinence







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