देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मेदांता लखनऊ ने बनाया रोबोटिक सर्जरी का नया कीर्तिमान, एक साल में कीं 509 सर्जरी

गायनकॉलजी विभाग ने 219 सर्जरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) सर्जरी विभाग ने 137, यूरोलॉजी विभाग ने 109, कार्डियक विभाग ने 23 और अन्य विभागों ने 21 सर्जरी रोबोटिक तकनीक से कीं।

हुज़ैफ़ा अबरार
September 25 2025 Updated: September 25 2025 09:17
0 7558
मेदांता लखनऊ ने बनाया रोबोटिक सर्जरी का नया कीर्तिमान, एक साल में कीं 509 सर्जरी

लखनऊ। 23 सितंबर 2025: चिकित्सा के क्षेत्र में मेदांता लखनऊ हॉस्पिटल ने एक नया कीर्तिमान बनाया है। बीते एक साल में हॉस्पिटल ने कुल 509 रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की हैं, जो भारत में किसी भी निजी अस्पताल द्वारा इस समय में की गई सबसे ज़्यादा रोबोटिक सर्जरी हैं।

यह उपलब्धि मेदांता लखनऊ के चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीक का इस्तेमाल और विशेषज्ञ डॉक्टर्स की दक्षता का प्रमाण है। इन सर्जरी में विभिन्न विभागों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। गायनकॉलजी विभाग ने 219 सर्जरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) सर्जरी विभाग ने 137, यूरोलॉजी विभाग ने 109, कार्डियक विभाग ने 23 और अन्य विभागों ने 21 सर्जरी रोबोटिक तकनीक से कीं। इस अवसर पर मेदांता द्वारा मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मेडिकल डायरेक्टर व डायरेक्टर यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट डॉ. राकेश कपूर, डॉ. अनीश श्रीवास्तव, डॉ. मनमीत सिंह, डायरेक्टर गायनकोलॉजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स डॉ. नीलम विनय, डायरेक्टर जीआई सर्जरी डॉ. आनंद प्रकाश और डॉ. संदीप वर्मा, डायरेक्टर कैंसर केयर एंडोक्राइन एंड ब्रेस्ट सर्जरी डॉ. अमित अग्रवाल, और डॉ रोमा प्रधान, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. गौरंगा मजूमदार, सीनियर कंसल्टेंट लिवर ट्रांसप्लांट विवेक गुप्ता, कंसल्टेंट पीडीयाट्रिक सर्जरी एंड यूरोलॉजी डॉ. अन्वेषा चक्रवर्ती और डॉ श्यामेदंर शर्मा शामिल रहे।

इस उपलब्धि पर मेदांता लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि 509 रोबोटिक सर्जरी का यह रिकॉर्ड मेदांता की बेहतरीन व्यवस्था और इनोवेशन के लिए हमारा कमिटमेंट दिखाता है। हमारी मॉडर्न रोबोटिक तकनीक और चिकित्सकों की कुशल टीम ने मरीजों को सटीक, सुरक्षित और तेजी से रिकवर करने वाली वाली सेवाएं दी हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर मरीज को बेहतर उपचार मिले और हम इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं। 

रोबोटिक सर्जरी से आसान हुईं मरीजों की राहें

स्त्री रोगों में रोबोटिक सर्जरी की बात की जाए तो यह संख्या सबसे अधिक है। इसमें महिलाओं के गर्भाशय, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब आदि से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए मिनिमली इनवेसिव तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यूटरीन फाइब्रॉइड्स, एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स, हैवी ब्लीडिंग/मेनोरेजिया, एडनेक्सल डिजीज, एडनेक्सल डिजीज और गायनिक कैंसर की समस्या से ग्रसित महिलाओं की रोबोटिक सर्जरी से न सिर्फ तेजी रिकवरी होती है।

इसके अलावा रोबोट की मदद से प्रोस्टेट कैंसर, किडनी कैंसर और किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को ट्रीट किया जाता है। अक्सर लोगों में यह धारणा होती है कि प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी के बाद यूरिन लीकेज होता है या पूरी तरह से प्रोस्टेट नहीं निकल पाता है लेकिन रोबोटिक सर्जरी की मदद से प्रोस्टेट में न सिर्फ सटीक टांके लगाने में मदद मिलती है बल्कि तेजी से रिकवरी भी होती है। ठीक ऐसे ही किडनी के ट्यूमर में पहले पूरी किडनी निकालनी पड़ती थी लेकिन अब रोबोटिक तकनीक से किडनी बचा पाना संभव हो गया है।


गैस्ट्रो में रोबोटिक सर्जरी की बात की जाए तो पेट से जुड़ी बीमारियों में रोबोट की मदद से सर्जरी बेहद कारगर साबित हो रही है। इसमें पेट का कैंसर, ग्रासनली का कैंसर, हायटल हर्निया और एसिड रिफ्लक्स, आंतों के कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर, लिवर/बाइलरी कैंसर और गॉलब्लैडर को हटाना शामिल है। पेट से जुड़े ट्यूमर और कैंसर के प्रभावी इलाज में रोबोटिक सर्जरी बेहद कारगर साबित हो रही है। इस अलावा हृदय रोग में भारत में हर साल लगभग 2 से 2.5 लाख बायपास सर्जरी होती हैं। रोबोटिक तकनीक अब उन मरीज़ों के लिए उम्मीद बनकर आई है जो पारंपरिक ऑपरेशन से डरते हैं। इसमें डॉक्टर्स को भी शारीरिक थकावट नहीं होती और एक दिन में ज़्यादा सर्जरी कर पाना भी मुमकिन हो पाता है। इसके अलावा रोबोटिक तकनीक के माध्यम से पीडियाट्रिक और ऑर्गन ट्रांसप्लांट में भी बहुत मदद मिल रही है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

लखनऊ में औसतन 19 फीसदी व्यक्ति मिश्रित रूप से थायरॉइड से पीड़ित।

लखनऊ में औसतन 19 फीसदी व्यक्ति मिश्रित रूप से थायरॉइड से पीड़ित।

हुज़ैफ़ा अबरार July 23 2021 25080

दरअसल यह बीमारी वंशानुगत है। कुल मिलाकर थायरॉइड होने का खतरा उस व्यक्ति में ज्यादा होता है जिसके परि

एसिडिटी और पेट की जलन से तुरंत मिलेगा आराम, अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

एसिडिटी और पेट की जलन से तुरंत मिलेगा आराम, अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

आरती तिवारी October 28 2022 26499

सीजन में घर में मिठाइयों का ढेर लगा हुआ है। ऐसे में मिठाई खा-खाकर कई बार पेट का हाजमा खराब हो जाता

डॉक्टरों ने पहले महिला के हाथ पर नाक उगाई, फिर चेहरे पर किया ट्रांसप्लांट

डॉक्टरों ने पहले महिला के हाथ पर नाक उगाई, फिर चेहरे पर किया ट्रांसप्लांट

हे.जा.स. November 14 2022 25729

विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है, जिसकी हम कल्पना तक नहीं कर सकते हैं। अभी हाल ही में फ्रांस में एक

कोरोना संक्रमण के चौथी लहर पर अभी कहना ठीक नहीं: आईसीएमआर  

कोरोना संक्रमण के चौथी लहर पर अभी कहना ठीक नहीं: आईसीएमआर  

एस. के. राणा June 11 2022 28713

अभी भी जिला स्तर पर जानकारी जुटाने और उसकी समीक्षा करने की जरूरत है। कुछ जिलों में कोरोना के बढ़ते म

स्वास्थ्य पर आयोडीन का प्रभाव

स्वास्थ्य पर आयोडीन का प्रभाव

लेख विभाग October 21 2022 31727

वर्तमान समय में विश्व भर में आयोडीन अल्पता विकार प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन गई है। विश्व

एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध आधुनिक चिकित्सा को कमज़ोर कर रहा है: डब्ल्यूएचओ

एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध आधुनिक चिकित्सा को कमज़ोर कर रहा है: डब्ल्यूएचओ

हे.जा.स. December 10 2022 32311

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने बताया कि एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध आधुनिक चिकित्सा को कमज़ोर कर रहा है और ल

खोई हुई मांसपेशियों को वापस पाने के लिए प्रोटीन का सेवन बढ़ाएँ।

खोई हुई मांसपेशियों को वापस पाने के लिए प्रोटीन का सेवन बढ़ाएँ।

हुज़ैफ़ा अबरार August 19 2021 33461

आप अगर रोजाना मुट्ठी भर बादाम खाते हैं तो आप बीमारी से बचे रह सकते हैं। खोई हुई मांसपेशियों को वापस

आइजीआइ एयरपोर्ट से ग्रीन कारिडोर बनाकर 18 मिनट में हार्ट को एम्स पहुंचाया

आइजीआइ एयरपोर्ट से ग्रीन कारिडोर बनाकर 18 मिनट में हार्ट को एम्स पहुंचाया

एस. के. राणा February 03 2022 25321

सामान्य तरीके से 16 किलोमीटर की दूरी तय करने में 60-65 मिनट लगते हैं। लेकिन ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक घ

ओमीक्रोन के खतरे के बीच लखनऊ स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती।

ओमीक्रोन के खतरे के बीच लखनऊ स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती।

हुज़ैफ़ा अबरार December 13 2021 29960

ओमीक्रोन के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग के अफसर सुस्त बने हुए हैं। अभी तक ओमीक्रोन संक्रमितों के लिए

जानवरों और मानव में डिजीज ट्रान्सफर पर शोध होना चाहिए: डॉ मनसुख मांडविया

जानवरों और मानव में डिजीज ट्रान्सफर पर शोध होना चाहिए: डॉ मनसुख मांडविया

रंजीव ठाकुर September 13 2022 29834

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने कहा कि हमारी जीवन शैली में परस्पर म

Login Panel