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लीड्स। ओमिक्रॉन के नया वैरिएंट XBB इन दिनों चिंता का सबब बना हुआ है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने अक्टूबर के अंत में ओमिक्रॉन के दो नए वेरिएंट्स को बीक्यू 1 और एक्सबीबी का नाम दिया। इसका मतलब है कि स्वास्थ्य अधिकारी इनपर नजर रखेंगे। हालांकि फिलहाल इन्हें चिंताजनक वेरिएंट नहीं माना जा रहा है। अगर ओमिक्रॉन के विभिन्न वेरिएंट्स को एक परिवार के रूप में देखें, इस साल वसंत में ब्रिटेन में प्रभावी रहा बीए 2 वेरिएंट बीए.5 का जनक है और बीक्यू.1 उसका वंशज है दूसरे शब्दों में कहें तो बीक्यू. 1 बीए. 5 का सब-वेरिएंट है।
एक्सबीबी ओमिक्रॉन (XBB Omicron) के बीए 2 के दो सब-वेरिएंट्स (sub-variants) बीए.2.10.1 और बीए.2.75 का एक संकर (हाइब्रिड) वेरिएंट है। लिहाजा एक्सबीबी बीए.2 का दूसरा वंशज है। इस तरह एक्सएक्सबी (XXB) और बीक्यू.1 एक ही परिवार से आते हैं और ‘चचेरे भाई’ हैं। जब दो अलग-अलग उप-वेरिएंट्स की आनुवंशिक सामग्री के कुछ हिस्से आपस मिलते हैं तो एक संकर वेरिएंट (Variants) बनता है. हमने पहले भी कोरोना वायरस के साथ ऐसा होते देखा है, जिसे “एक्स” (जैसे एक्सडी, एक्सई और एक्सएफ) से शुरू होने वाले भिन्न नाम से दर्शाया गया है।
बता दें कि एशिया में एक्सबीबी का प्रकोप अधिक नजर आता है। ओएनएस के आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में एक्सबीबी से संक्रमण के 0.7 प्रतिशत मामले सामने आए हैं। सिंगापुर में हाल ही में संक्रमण के जितने मामले सामने आए थे, उनमें से 58 प्रतिशत एक्सबीबी वेरिएंट (XBB Variant) के थे, लेकिन एक ओर जहां दुनिया भर में एक्सबीबी मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।







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