











































डा. संजय पाठक
लखनऊ। प्रदेश में पिछले बीस वर्षो से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अवैधानिक आरक्षण नीति से सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को धोखा दिया जा रहा है। न्यायालय को डीजीएमई की भ्रामक दलील देकर न्याय से रोका ही नहीं जा रहा बल्कि इसकी आड़ में आर्थिक भ्रष्टाचार किया जा रहा है। यह बातें नमो सेना इंडिया के महासचिव एवं अखिल भारतीय सनातन परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा. संजय पाठक ने कहीं उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा इस असंवैधानिक प्रकिया पर रोक लगाने की मांग की है।
श्री पाठक ने बताया कि 2006 से चला आ रहा आरक्षण घोटाला डीजीएमई की भ्रामक दलीलों ने न्याय से वंचित है। हर साल सैकडों सामान्य वर्ग के विद्यार्थी इसका अभिशाप झेलने तथा अपने हक पाने से वंचित है। उत्तर प्रदेश की मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में लगभग एक दशक से जारी अवैधानिक आरक्षण नीति ने आखिरकार न्यायपालिका को हस्तक्षेप करने पर मजबूर कर दिया है। लेकिन डीजीएमई की भ्रामक दलीलों ने अदालत को गुमराह कर इस साल भी सामान्य वर्ग के दर्जनों योग्य विद्यार्थियों के साथ अन्याय करवा दिया। उनके अनुसार आरक्षण को लेकर कानून स्पष्ट है। उत्तर प्रदेश शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश हेतु आरक्षण अधिनियम, 2006 के अनुसार आरक्षण की सीमा एसी 21 प्रतिशत, एसटी 2 प्रतिशत और ओबीसी 27 प्रतिशत यानि आरक्षण कुल 50 प्रतिशत और शेष 50 प्रतिशतसीटें सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए खुली रहनी चाहिए। इसको दरकिनार कर मनमानी और आर्थिक लूट के लिए 2010 से 2015 के बीच राज्य सरकार ने अम्बेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर में चार नए मेडिकल - कॉलेज स्थापित किए। चूँकि ये कॉलेज स्पेशन कम्पोनेट प्लान से आंशिक रूप से वित्तपोषित थे। इस पर सरकार ने आदेश जारी कर दिया कि इनमें 70 प्रतिशत सीटें एसीएसटी 15 प्रतिशत ओबीसी को और मात्र 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग को मिलेंगी।
इससे आरक्षण की सीमा 79 प्रतिशत तक पहुंच गई जो न केवल अधिनियम 2006 बल्कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा का भी उल्लंघन था / उदाहर के तौर पर इन चार कॉलेजों में कुल 340 राज्य-कोटा सीटें थीं। इनमें से सामान्य वर्ग के लिए केवल 28 सीटें छोडी गई, जबकि अधिनियम के अनुसार कम से कम 170 सीटें सामान्य वर्ग को मिलनी चाहिए थीं। यानी हर साल लगभग 140 सीटें सामान्य वर्ग से छीनकर गलत तरीके से एसटीएससी को दी गईं। पिछले 10 वर्षों में इसका खामियाजा हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों पर पडा। यही नहीं, ओबीसी को भी 27 प्रतिशत के बजाय केवल 15 प्रतिशत दिया गया, जिससे हर साल लगभग 30 सीटें ओबीसी वर्ग से छिनती रहीं।
डा संजय पाठक ने बताया कि इसका खुलासा तब हुआ जब नीट एवं यूजी 2025 में 523 अंक लाने वाली छात्रा सबराह अहमद ने इस अवैध व्यवस्था को चुनौती दी। 25 अगस्त को एकल पीठ ने राज्य सरकार के सभी आदेशों को अवैध घोषित करते हुए कहा कि डीजीएमई ने कानून की गलत व्याख्या कर आरक्षण सीमा का उल्लंघन किया है। जब मामला अपील में गया, तो डीजीएमई ने अदालत को बताया कि पहला राउंड पूरा हो चुका है। लगभग सभी सीटें भर गई हैं। अब प्रक्रिया दोबारा करने से राज्यभर में अफरा-तफरी मच जाएगी। इस पर श्री पाठक ने बताया कि लेकिन सच यह है कि केवल पहला राउंड हुआ था। दूसरा और तीसरा राउंड अभी लंबित थे। अगर पहला राउंड फिर से किया जाता है, तो आरक्षण से अधिक दाखिला पाए हुए एसी छात्रों को अन्य कॉलेजों में समायोजित किया जा सकता था और कम से कम 90 सामान्य और ओबीसी विद्यार्थियों को इस साल सीमा का उल्लंघन हुआ है।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3052
एस. के. राणा January 20 2026 0 2674
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2611
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2492
एस. के. राणा February 01 2026 0 2142
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102012
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106386
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106695
admin January 04 2023 0 106718
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97026
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85470
आयशा खातून December 05 2022 0 140147
लेख विभाग November 15 2022 0 109239
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158519
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109417
लेख विभाग October 23 2022 0 94163
लेख विभाग October 24 2022 0 97642
लेख विभाग October 22 2022 0 103351
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106256
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100616
शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने के कई कारण बताये गएँ हैं, जैसें साथी को यौन संचारित रोग हो, उसका क
सीओपीडी का सबसे सही इलाज इन्हेलर है इससे दवा सिर्फ आपके फेफडों में जाती है और मुहं में जो दवा का इफे
Tavaborole टॉपिकल सॉल्यूशन ऐंटिफंगल है जिसे पैर की उँगलियों में होने वाले फंगल उपचार के लिए प्रयोग क
केसर पानी का सेवन वजन को घटाने में मददगार माना जाता है। इतना नहीं इससे पाचन को बेहतर करने और मेटाबॉल
उबली मूंग दाल में विटामिन बी, फोलेट मैगनीज, फास्फोरस, आयरन होता है। इससे वह स्वास्थ्य में लाभदायक ह
प्रो. मणींद्र ने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर ही दूसरी लहर के बाद ही नए म्यूटेंट के आने से तीसरी लहर
उन्नाव जिलें में विचित्र बुखार से एक और बच्चे की मौत हो गई है। पुरवा तहसील के दलीगढ़ी मोहल्ले में वि
भारत में हर साल एक लाख से अधिक हृदय रोगियों की एंजियोप्लास्टी होती है लेकिन छह से नौ महीने बाद 3 से
डॉक्टर आरएन सिंह इंसेफेलाइटिस उन्मूलन अभियान के चीफ कैंपनर हैं और मेडिकल फील्ड में उन्हें 50 साल हो

COMMENTS