











































डॉक्टर को मिली सफलता
नयी दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट (heart transplant) कराने के बाद बिहार में समस्तीपुर के 44 वर्षीय एक व्यक्ति को नया जीवन मिला है। अधिकारियों ने गुरूवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Ministry of Health) द्वारा संचालित सफदरजंग अस्पताल में पहली बार किसी व्यक्ति का हृदय प्रत्यारोपण किया गया है।
सफदरजंग अस्पताल में हृदय रोग विभाग (Department of Cardiology) के प्रमुख डॉ. अनुभव गुप्ता ने कहा, ‘‘सबसे पहले चिकित्सकों की टीम हृदय लेने के लिए निजी अस्पताल (private hospital) में गई। इसे सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) लाए जाने के बाद प्रत्यारोपण की प्रक्रिया रात करीब 8 बजे शुरू हुई और बृहस्पतिवार सुबह तक चली।
अधिकारियों ने बताया कि मरीज की चिकित्सा जांच (medical check up) की गयी थी और मार्च में पता लगा कि गंभीर ‘कोरोनरी’ धमनी रोग के कारण उसका हार्ट काम नहीं कर रहा है. बाद में मरीज को राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) की प्राप्तकर्ता सूची में शामिल किया गया। एनओटीटीओ ने बुधवार को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल से वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं सफदरजंग अस्पताल को एक दानकर्त्ता का हृदय आवंटित किया।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 182
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3619
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3017
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71566
जनपद के सभी नगरीय व ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य म
मथुरादास माथुर अस्पताल के इलाज कराने आए 4 मरीजों को चूहों ने कुतर दिया। ये सभी रोगी मनोचिकित्सा वार्
वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने और इस बारे में लोगों क
ठंड के साथ सर्दी-जुकाम के मरीज भी बढ़ गए है, लेकिन अब अस्पताल आने वाले सर्दी-जुकाम और खांसी वाले लोग
गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्या से पीड़ित महिलाओं को चिन्हित करते हुए डाक्टर उन शिशुओं की पहचान कर सकते है
चीन के निंगबो विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले 147 याचिकाकर्ता छात्रों ने अदालत को बताया
वैज्ञानिक चिंता जता चुके हैं कि आने वाले वर्षों में कोरोना की ही तरह और भी महामारियां आ सकती हैं, जि
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक अमेरिका में हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण है जबकि देश की अश्वेत म
अपर आयुक्त अरुण कुमार ने फोर्टिफाइड चावल को लेकर भ्रांतियों का भी निराकरण किया। 'प्लास्टिक चावल' जैस
अगर आप अपने छोटे बच्चों के लिए जॉनसन एंड जॉनसन की बेबी पावडर का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक मह

COMMENTS