











































भारी मात्रा में सरकारी दवाएं मिली कूड़े की ढेर पर
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग का एक और कारनामा उजागर हुआ है। जहां भारी मात्रा में सरकारी दवाएं (government drugs) कूड़े की ढेर पर फेंकी गई। फेंकी गई दवाएं साल 2022 में एक्सपायर हो गई थीं। भले ही यूपी सरकार अपने स्वास्थ्य व्यवस्था (health care) को चमकाने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही हो लेकिन इसका असर अस्पतालों में देखने को नहीं मिल रहा है। लापरवाही के आलम तो देखिए इन एक्सपायरी दवाओं को यूं ही फेक दिया गया, और एक्सपायरी दवाओं (expiry drugs) को बच्चें गांव में लेकर घूम रहे थे। बता दें कि भानपुर तहसील के सलतौआ ब्लॉक का पूरा मामला है।
योगी सरकार एक ओर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अलग ही तस्वीर नजर आ रही है। सवाल ये उठता है कि सरकार जिन जीवन रक्षक दवाओं (life saving drugs) को लाखों रुपये खर्च करके खरीदती है, ताकि गरीब लोगों के स्वास्थ्य को सुधारा जा सके, उनकी जान को बचाया जा सके, वहीं जीवन रक्षक दवाएं बस्ती के अस्पताल में कूड़े के ढेर की तरह फेंक दी जाती हैं। ये दवाएं गरीबों को मिल तक नहीं पाती और विभागीय जिम्मेदार लोग इन दवाईयों को कूड़े की तरह पटक देते हैं।.







हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 952
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 273
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 238
हुज़ैफ़ा अबरार August 06 2026 0 217
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार August 06 2026 0 182
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1260
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 952
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 273
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 273
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 238
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5026
एस. के. राणा January 20 2026 0 4963
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4851
एस. के. राणा January 13 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4543
एस. के. राणा February 01 2026 0 4326
एस. के. राणा February 04 2026 0 3983
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87057
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34945
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38118
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35609
लेख विभाग March 19 2022 0 35238
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72777
हावड़ा के उदयनारायणपुर की रहने वाली 9 महीने की बच्ची की डॉ. बीसी रॉय पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ प
अस्पताल के जिम्मेदारों ने बताया कि जिस समय की फोटो लगाई गईं। उस वक्त रिंकू सिंह ही सिस्टर इंचार्ज थी
बेल कई रोगों की रोकथाम कर सकता है तो कई रोगों को ठीक करने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है। आप कफ-व
ओमिक्रॉन कोरोना वायरस वैरिएंट पहले के प्रमुख डेल्टा वैरिएंट की तुलना में अधिक तेजी से प्रसारित होता
हर साल 24 मार्च को हम विश्व टी.बी. दिवस के रूप में मनाते हैं। इस साल ‘विश्व टीबी दिवस 2022’ की थीम ‘
देश में 10,500 दवा फैक्टरियों में 8,500 फैक्टरियां के पास यह प्रमाणपत्र एमएसएमई श्रेणी के तहत आती है
एक रिसर्च के मुताबिक एंटीबायोटिक की ज्यादा खुराक लेना शरीर में बैक्टीरिया के खतरे को और बढ़ा सकता है
इस जागरूकता पहल के माध्यम से रीजेंसी हॉस्पिटल लखनऊ लंबे समय से कब्ज की समस्या से ग्रसित खासकर वे लोग
एम्स दिल्ली में 2 महीने इलाज कराने के बाद मरीज ने लखनऊ के कई प्राइवेट अस्पताल से इलाज कराया। फायदा न
भारत में कोविड-19 के चरम पर होने यानी जून 2020 से सितंबर 2020 के दौरान वयस्कों को दी गयी एंटीबायोटिक

COMMENTS