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मेदांता फर्स्ट एड और सीपीआर की ट्रेनिंग देगा सुरक्षा गार्ड सफाई कर्मचारियों और सोसायटी स्टाफ को

इलाज सिर्फ अस्पताल पहुंचने के बाद शुरू नहीं होता। दिल की धड़कन रुकने डूबने या ज्यादा खून बहने जैसी स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बहुत अहम होते हैं। उस समय आसपास मौजूद लोगों की मदद बहुत काम आ सकती है। हर घर हर सोसायटी सुरक्षित के जरिए हम लोगों को यही जरूरी जानकारी और ट्रेनिंग दे रहे हैं, ताकि एंबुलेंस के पहुंचने तक वे सही तरीके से मदद कर सकें।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 17 2026 Updated: October 17 2026 11:10
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मेदांता फर्स्ट एड और सीपीआर की ट्रेनिंग देगा सुरक्षा गार्ड सफाई कर्मचारियों और सोसायटी स्टाफ को first aid CPR training to security guards at Lucknow by Medanta

लखनऊ। किसी मेडिकल इमरजेंसी में शुरुआती कुछ मिनट बहुत जरूरी होते हैं। इस दौरान अगर सही मदद मिल जाए तो मरीज की हालत बिगड़ने से रोकी जा सकती है और कई बार जान भी बचाई जा सकती है। इसी सोच के साथ मेदांता लखनऊ ने हर घर हर सोसायटी सुरक्षित पहल शुरू की है। इसका मकसद लोगों को ऐसी जरूरी बातें सिखाना है, जिनकी मदद से डॉक्टर या एंबुलेंस के पहुंचने तक वे किसी जरूरतमंद की मदद कर सकें। इस पहल के तहत सोसायटी में रहने वाले लोगों के साथ सुरक्षा गार्ड सफाई कर्मचारी और दूसरे स्टाफ को फर्स्ट एड और सीपीआर की ट्रेनिंग दी जाएगी। सोसायटी में फर्स्ट एड का जरूरी सामान भी रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सके।

इसकी लखनऊ के शालीमार वनवर्ल्ड विस्टा टावर-ए के हॉल में हुई। यह मेदांता के हर एक जान अनमोल’ विचार का हिस्सा है। इसके तहत सोसायटी में फर्स्ट एड जोन बनाए जाएंगे, जहां जरूरत के समय तुरंत मदद मिल सकेगी। इस मॉडल को लखनऊ की दूसरी सोसायटी में भी शुरू किया जाएगा। आगे इसे देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाने की योजना है। मेदांता लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने कहा किसी इमरजेंसी के लिए तैयारी सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं होनी चाहिए। लोगों को यह पता होना चाहिए कि जरूरत पड़ने पर उन्हें क्या करना है। 

हर घर हर सोसायटी सुरक्षित के जरिए हम सोसायटी आरडब्ल्यूए और वहां काम करने वाले स्टाफ के साथ मिलकर लोगों को जरूरी ट्रेनिंग और सुविधाएं दे रहे हैं। हमारा मकसद है कि हर सोसायटी में कुछ ऐसे लोग जरूर हों, जो डॉक्टर या एंबुलेंस के पहुंचने तक जरूरतमंद की मदद कर सकें। इस पहल के तहत सोसायटी में इमरजेंसी फर्स्ट एड हब बनाए जाएंगे। यहां फर्स्ट एड का जरूरी सामान रखा जाएगा। स्विमिंग पूल जिम और बच्चों के खेलने की जगह जैसी जगहों पर जरूरी जानकारी वाले पोस्टर भी लगाए जाएंगे। पहल के तहत सुरक्षा चैंपियंस भी तैयार किए जाएंगे।

सुरक्षा गार्ड सफाई कर्मचारी और दूसरे स्टाफ को सीपीआर बेसिक लाइफ सपोर्ट डूबने की स्थिति में मदद जिम में लगने वाली चोट, आग लगने पर शुरुआती मदद और जानवर के काटने या डंक मारने पर क्या करना है, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मेदांता के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सोसायटी के लोगों और स्टाफ को ‘सुरक्षा जोन’ में इन सभी चीजों की जानकारी दी। लोगों को सीपीआर का अभ्यास कराया गया। जानवर के काटने या डंक मारने पर फर्स्ट एड डूबने पर बचाव आग बुझाने वाले यंत्र के इस्तेमाल और शरीर में पानी की कमी से बचने के तरीके भी बताए गए। कार्यक्रम में शामिल परिवारों को मेदांता की सेफ होम गाइड इमरजेंसी बुकलेट और फर्स्ट एड किट भी दी गईं।

मेदांता लखनऊ में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. महिम मित्तल ने कहा इलाज सिर्फ अस्पताल पहुंचने के बाद शुरू नहीं होता। दिल की धड़कन रुकने डूबने या ज्यादा खून बहने जैसी स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बहुत अहम होते हैं। उस समय आसपास मौजूद लोगों की मदद बहुत काम आ सकती है। ‘हर घर, हर सोसायटी सुरक्षित’ के जरिए हम लोगों को यही जरूरी जानकारी और ट्रेनिंग दे रहे हैं, ताकि एंबुलेंस के पहुंचने तक वे सही तरीके से मदद कर सकें। 

इस पहल को लगातार जारी रखने के लिए हर सप्ताह व्हाट्सऐप पर छोटे-छोटे संदेश भेजे जाएंगे। हर महीने दोबारा ट्रेनिंग दी जाएगी और हर 3 महीने में अभ्यास कराया जाएगा। अच्छा काम करने वाले लोगों को ‘सोसायटी हीरोज’ के तौर पर सम्मानित भी किया जाएगा। मेदांता का मानना है कि लोगों की देखभाल सिर्फ अस्पताल में इलाज करने तक नहीं है। लोगों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने की कोशिश भी इसका हिस्सा है। लखनऊ की सोसायटी और आरडब्ल्यूए इस पहल से जुड़ने के लिए मेदांता की सामुदायिक स्वास्थ्य टीम से 8542-9997958 पर संपर्क कर सकते हैं।

• फर्स्ट एड और सीपीआर की ट्रेनिंग देकर लोगों को इमरजेंसी में तुरंत मदद के लिए तैयार किया जाएगा
• सुरक्षा गार्ड सफाई कर्मचारियों और सोसायटी के दूसरे स्टाफ को भी दी जाएगी खास ट्रेनिंग

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