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नयी दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना ने कोहराम मचा दिया था। कोविड-19 की चपेट में आने से लाखों लोगों ने अपनी जान गंवा दी। वहीं कोरोना के खिलाफ वैक्सीन संजीवनी साबित हुई। साथ ही बूस्टर डोज ने अहम रोल निभाया है। इसी को लेकर एक नई स्टडी सामने आ गई है।
हांगकांग में एक स्टडी की गई है जिसमें 18 साल से ज्यादा उम्र के उन लोगों को शामिल किया गया जिन्हें कोई दूसरी स्वास्थ्य संबंधी बीमारी (health ailment) थी। वहां भी एक ग्रुप को तो कोरोना की सिर्फ दो वैक्सीन दी गईं तो वहीं एक ग्रुप को बूस्टर डोज (booster dose) भी मिली। अब स्टडी बताती है कि जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) की जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज दी गई, उनमें मौतें 90 प्रतिशत तक कम हुईं।
दरअसल ये स्टडी नवंबर 2021 से मार्च 2022 तक की गई थी। यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग (university of hong kong) के Esther Chan बताते हैं कि स्टडी के जो नतीजे आए हैं, उससे साफ है कि बूस्टर डोज कोरोना के खिलाफ असरदार है। ओमिक्रॉन (omicron) के बढ़ते प्रकोप के बीच में भी जिन लोगों को दूसरी बीमारियां (other diseases) हैं, उन्हें बूस्टर से मदद मिली है। अब बूस्टर डोज को लेकर ये जागरूकता चलाई गई, जमीन पर उसका असर भी दिखा।
चैन ने कहा कि, ये परिणाम ओमिक्रॉन महामारी (omicron epidemic) के बीच मल्टीमॉर्बिडिटी (multimorbidity) वाले लोगों में मृत्यु दर को कम करने में दो अलग-अलग तकनीकी प्लेटफॉर्मों के टीकों की बूस्टर खुराक की प्रभावशीलता का समर्थन करते है। साथ ही शोधकर्ताओं के मुताबिक 2021 के अंत में ओमिक्रॉन (बीए.2) वैरिएंट महामारी ने हांगकांग को प्रभावित किया।







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