











































A team led by Dr. Anand Mishra Head of the Surgery Department at Dr. Shyama Prasad Mukherjee (Civil) Hospital
लखनऊ। पित्ताशय में गांठ को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का संकेत हो सकती है। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह न मिलने पर दर्द पित्त नली में रुकावट और संक्रमण जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक गांठ के प्रकार और आकार के आधार पर इसके खतरे अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते जांच कराना जरूरी है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय लखनऊ के शल्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आनंद मिश्रा की टीम ने पित्ताशय की सफल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्धि हासिल की है। बछरावां रायबरेली निवासी 35 वर्षीय पुरुष का पित्ताशय सफलतापूर्वक निकाला। मरीज एक माह से पेट दर्द के साथ मितली एवं उल्टी की समस्या से परेशान था। 09 सितंबर को चिकित्सालय के शल्य विभाग की ओपीडी में दिखाया। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जाँच के बाद मरीज में पित्ताशय में मवादपथरी एवं सूजन ( क्रोनिक कोलेसिस्टाइटिस एवं एम्पोईमा ऑफ गॉल ब्लैडर पाई गई और उसी दिन शल्य विभाग में भर्ती कर लिया गया और आवश्यक तैयारी के बाद सर्जरी कर मरीज का गाल ब्लैडर निकाल दिया (Cholecystectomy) मरीज अब स्वस्थ है।
ऑपरेशन के दौरान शल्य टीम के सामने सामान्य पित्ताशय की अपेक्षा कहीं अधिक जटिल स्थिति सामने आई। पित्ताशय मवाद से पूरी तरह भरा हुआ था और अपने असामान्य रूप से बड़े आकार के कारण लिवर के पीछे तथा बड़ी आंत सहित आसपास की संरचनाओं से अत्यधिक मजबूती से चिपका हुआ था। इसलिए पित्ताशय के आसपास मौजूद महत्वपूर्ण अंगों तथा कॉमन बाइल डक्ट (CBD) की सुरक्षित पहचान कर सर्जरी करना एक चुनौती थी। थोड़ी सी असावधानी से महत्वपूर्ण पित्त मार्ग अथवा रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंचने का गंभीर खतरा हो सकता था। शल्य टीम ने सावधानी अनुभव और जेंटल डिसेक्शन तकनीक का उपयोग करते हुए पित्ताशय के आसपास की संरचनाओं से अलग किया। पित्ताशय को सफलतापूर्वक निकाला और रक्तस्राव को रोकते हुए ऑपरेशन सुरक्षित रूप से पूरा किया गया।
सर्जरी टीम में डॉ. आनंद मिश्रा के साथ जूनियर रेजिडेंट डॉ. विनोद कुमार वर्मा एवं डॉ. सचिन कुमार एनेस्थीसिया टीम से डॉ. डी. के. गुप्ता तथा ओटी असिस्टेंट डॉ. सुदेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निदेशक डॉ जी पी गुप्ता ने टीम को बधाई देते हुए कहा समय पर सही निदान उचित प्री-ऑपरेटिव तैयारी अनुभवी शल्य टीम एनेस्थीसिया टीम और ऑपरेशन थिएटर के समन्वित प्रयास से सिविल चिकित्सालय में ऐसे जटिल मामलों में भी मरीज को सुरक्षित उपचार दिया जा रहा है। डॉ आनंद मिश्रा ने आमजन से अपील की कि लंबे समय तक रहने वाले पेट दर्द, मितली, उल्टी, अपच अथवा पीलिया जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।







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