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कानपुर। उत्तर प्रदेश में H1N1 (स्वाइन फ्लू) को लेकर सावधानी जरूरी है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने छींकने या निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। बुखार खांसी गले में खराश बदन दर्द और कमजोरी इसके सामान्य लक्षण हैं। बुजुर्गों छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। बचाव के लिए हाथों को बार-बार साबुन से धोएं खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें बीमार व्यक्ति से अनावश्यक नजदीकी से बचें और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लें। तेज बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। उत्तर प्रदेश में इन्फ्लूएंजा A (H1N1) के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने लोगों को सतर्क रहने और इसे फैलने से रोकने के लिए समय पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ज़्यादातर मामलों में इसका हल्का असर रहता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर असर का खतरा ज्यादा होता है। रीजेंसी ने लोगों से सावधानी बरतने और फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है। राज्य में अभी तक 680 से ज़्यादा H1N1 मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। इस महीने कानपुर में पहले स्वाइन फ्लू से संबंधित मौत हुई है। कई जिलों में सक्रिय मामले देखने को मिल रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने पुष्टि की है कि अभी फैल रहा वायरस वही पुराना सीज़नल H1N1 स्ट्रेन है। इसमें कोई नया जेनेटिक बदलाव (म्यूटेशन) नहीं पाया गया है। यह पैटर्न भारत में मानसून और मानसून के बाद के महीनों में हर साल देखे जाने वाले सामान्य पैटर्न जैसा ही है।
डॉ अर्जुन भटनागर सलाहकार पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर ज़्यादातर मामलों में संक्रमण हल्का होता है और अपने आप ठीक हो जाता है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना, कमज़ोरी और थकान शामिल हैं। छोटे बच्चों गर्भवती महिलाओं बुज़ुर्गों और पहले से सांस या दिल से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत है। ऐसे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखते ही जल्द से जल्द डॉक्टर से दिखाना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवाएं न लें। सही जांच और डॉक्टर की सलाह के बाद ही इलाज शुरू करें। अफवाहें सोशल मीडिया की सलाह और सुनी-सुनाई बातों पर आधारित इलाज न करके सही मेडिकल जांच वाले इलाज़ को प्राथमिकता देनी चाहिए।
रोकथाम के उपाय
साबुन और पानी या एल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र से बार-बार हाथ धोना भीड़भाड़ वाले या बंद स्थानों पर मास्क पहनना लक्षण वाले व्यक्तियों के साथ निकट संपर्क से बचना बिना धुले हाथों से अपनी आँखें नाक और मुँह को छूने से बचना और खांसते या छींकते समय मुँह और नाक को ढकना शामिल है। जिन लोगों में फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्हें आराम करना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। साफ़ सफाई बनाए रखनी चाहिए। बीमार व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचें। रीजेंसी हेल्थ कानपुर में H1N1 की जांच और इलाज की पूरी सुविधा मौजूद है। अगर तेज़ बुखार लगातार बना रहे सांस लेने में तकलीफ़ हो सीने में दर्द हो या खांसी 3 से 4 दिन से ज़्यादा बढ़ती जाए तो डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें। वहीं अगर सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो कमज़ोरी महसूस हो दिमागी उलझन हो या सीने की तकलीफ़ बढ़ती जाए तो तुरंत मेडिकल मदद लें। रीजेंसी हेल्थ कानपुर की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं समय पर इलाज के लिए हमेशा उपलब्ध हैं।







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