











































सैलून में हेयर वॉश कराना महिला को पड़ा महंगा
तेलंगाना। हैदराबाद की एक महिला को ब्यूटी पार्लर में बाल धुलवाते वक्त स्ट्रोक का सामना करना पड़ा है। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि सैलून में मसाज करते वक्त महिला के मस्तिष्क की नसों को दबाया गया, जिससे रक्त आपूर्ति पर प्रभाव पड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह के स्ट्रोक को “ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम” के नाम से जाना जाता है।
खबरों के मुताबिक, महिला की उम्र करीब 50 साल है, इलाज कर रहे डॉक्टरों (doctors) ने बताया कि सैलून में महिला (woman in salon) के सिर की मसाज की गई, इसके बाद उसके बालों को धोने के लिए जैसे ही अपनी गर्दन को पीछे झुकाया तो उसके मस्तिष्क (Brain) की नस दब गईं जिससे रक्त आपूर्ति पर प्रभाव पड़ा स्ट्रोक आ गया।
1993 के दौरान अमेरिका में ब्यूटी सैलून beauty parlor) में बाल धोने के बाद करीब पांच महिलाओं को मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उनको चक्कर आना, संतुलन में दिक्कत और चेहरे सुन्न जैसी समस्याएं हुई थीं। जब डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि पांच में से चार महिलाओं को स्ट्रोक हुआ था। तब इस स्ट्रोक को अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में डॉ माइकल वेनट्राब द्वारा ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम (stroke syndrome) नाम दिया था।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 791
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3619
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
जीवनशैली से संबंधित बीमारियों के बढ़ते मामले स्वास्थ्य जागरूकता में वृद्धि विश्वसनीय उपचार विकल्पों
केजीएमयू में कई सरकारी योजनाओं से इलाज कराने वालों का ग्राफ तेज से बढ़ रहा है। महज एक साल में ही यहा
सर्दियों में भले ही ठंड और प्रदूषण की वजह से आपको बाहर निकलने का मन ना हो तो आप घर में ही कुछ देर के
मौजूदा समय में इंटीग्रेटेड मेडिसिन का दौर आ गया है। इसमें योग, ध्यान अहम है। इन्हें मॉडर्न मेडिसिन क
नगर विकास मंत्री ए0के0 शर्मा आहयामऊ गांव पहुंचकर वहां की साफ-सफाई, फागिंग, एंटी लार्वा दवा का छिड़काव
वर्ष 1987 में मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम (MHA-87) लागू किया गया। भारत सरकार द्वारा वर्ष 1996 में मानसि
स्मोकी आँखों को बनाने के लिए किसी भी कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि आपको एक जैसी रंगत के क
स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के चलते चार बच्चों में एचआईवी होने का खतरा बन गया है। यहां वार्ड में भ
अस्पतालों में भर्ती बहुत से ऐसे मरीज होते हैं, जिनके इलाज में खून की जरूरत होती है। समय पर अगर उन्हे
वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में पिछले वर्ष 15.63 अरब डॉलर की तुलना में 18.07 अरब डॉलर का दवा

COMMENTS