












































प्रतीकात्मक
लखनऊ। डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में निजी अस्पताल का एक डाक्टर महीनों से मरीजों का आपरेशन कर था और अस्पताल प्रबंधन इस गैर कानूनी कृत्य से अनजान बना रहा। सोमवार को वही डाक्टर सिविल अस्पताल के ओटी में एक मरीज का आपरेशन करने पहुंच गया। इस बात की सूचना किसी ने अस्पताल प्रबंधन दी तब जाकर इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश हुआ। अब अस्पताल प्रबंधन ने सम्पूर्ण प्रकरण पर जांच करने का आश्वासन दिया है।
सूत्रों के मुताबिक आरोपित डाक्टर पहले सिविल अस्पताल के आर्थो विभाग में सीनियर रेजिडेंट था। उसने कोरोना काल में अस्पताल से इस्तीफा दे दिया था। तब से वह निजी प्रैक्टिस करता है। जानकारी के मुताबिक सिविल अस्पताल के सामने उसकी अपनी क्लीनिक भी है, जहां आने वाले मरीजों को आपरेशन करने के लिए सिविल अस्पताल ले जाया करता था लेकिन प्रबंधन इससे अनजान बना रहा। सोमवार को भी इस डाक्टर ने झारखंड के एक मरीज का हिप रिप्लेसमेंट किया। मरीज आयुष्मान कार्ड धारक बताया जा रहा है। इसकी शिकायत जब प्रबंधन को पहुंची तो इस मामले में जांच गठित कर दी गई है।







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