











































प्रो. सूर्यकांत, KGMU लखनऊ में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। 16 जनवरी को लखनऊ में कोरोना वैक्सीनेशन के प्रथम चरण की शुरुआत हुई। डॉ. सूर्यकांत KGMU के पहले व्यक्ति थें जिनको टीका लगाया गया। वैक्सीनेशन के तौर तरीके और उसके बाद शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी लेने हमारी उपसंपादक हुज़ैफ़ा अबरार ने प्रो. सूर्यकांत से मिलकर इन विषयों पर बातचीत की।
हुज़ैफ़ा अबरार- डॉक्टर साहब कोरोना से बचाव के लिए सरकार क्या कर रही है ?
प्रो. सूर्यकांत- 2020 में कोविड, चिकित्सकों के लिए और आमजन मानस के लिए एक प्रमुख समस्या बना रहा। वर्ष 2021 के शुरुआत से ही समाधान शुरू हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री ने 16 जनवरी से वैक्सीनेशन की शुरुआत करवाया है।
हुज़ैफ़ा अबरार- क्या आपको कोरोना का टीका लगा ?
प्रो. सूर्यकांत- आप सब लोगों को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि मैं किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय पहला चिकित्सा हूँ, जिसको 16 जनवरी यानि लॉन्चिंग डे पर पहला टीका लगा।
हुज़ैफ़ा अबरार- क्या कोरोना का टीका सुरक्षित है ?
प्रो. सूर्यकांत- मैं आपके सामने रूबरू हूँ बातचीत कर रहा हूँ। यह स्वयं में एक प्रमाण है कि वैक्सीन कितनी सुरक्षित है। इससे किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
हुज़ैफ़ा अबरार- क्या कोरोना टीका लगवाने के बाद आपको किसी प्रकार की कोई समस्या आयी ?
प्रो. सूर्यकांत- 16 जनवरी को टीका लगवाने के पश्चात जहाँ भी मेरी ड्यूटी होती है वो मैं बराबर कर रहा हूँ। किसी प्रकार के कोई भी साइड इफेक्ट की दवा नहीं लेनी पड़ी है। जहाँ टीका लगा था वहां थोड़ा दर्द हुआ थोड़ा सूजन आयी थी इसके सिवाय कुछ नहीं हुआ।
हुज़ैफ़ा अबरार- टीकाकरण की व्यवस्था कैसी है ?
प्रो. सूर्यकांत- टीकाकरण की बहुत चाक चौबंद व्यवस्था है। जैसे ही मुझे टीका लगा, मुझे एक वैक्सीनेशन कार्ड मिला, इसके साथ ही अगले टीकाकरण की तारीख मिल गयी 15 फरवरी। इस पर दो फ़ोन नम्बर लिखे हुए हैं। एक यहाँ की साइट दूसरा टीका लगाने वाले का। किसी भी समस्या के लिए इन दोनों नंबरों पर फ़ोन करके अपनी समस्या बताई जा सकती है।
हुज़ैफ़ा अबरार- टीकाकरण के बाद क्या सरकार द्वारा किसी प्रकार की मॉनिटरिंग की जा रही है?
प्रो. सूर्यकांत- हेल्थ मंत्रालय से कॉल करके हालचाल पूछा गया कि कोई दिक्कत तो नहीं हुई ? तात्पर्य है कि टीकाकरण प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो रही है।
हुज़ैफ़ा अबरार- कोविड से बचने के लिए क्या करें ?
प्रो. सूर्यकांत- कोविड से बचने के लिए टीका ज़रूर लगवाएं। किसी भ्रम या अफवाह में ना पड़ें। टीका लगवाने से शरीर की इम्युनिटी बढ़ जाती है और कोविड नहीं होगा।
हुज़ैफ़ा अबरार- क्या टीका लग जाने के बाद कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश नहीं करता है ?
प्रो. सूर्यकांत- कोरोना वायरस नाक के माध्यम से फेफड़े में नहीं जाएगा ये गारंटी नहीं होती है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोरोना का वायरस शरीर में जा सकता है और आप दूसरों को वायरस से संक्रमित कर सकतें हैं।
हुज़ैफ़ा अबरार- फिर बचाव के क्या उपाय है ?
प्रो. सूर्यकांत- मिलने पर नमस्ते करते रहिये, हाथ धोते रहिये, बाहर निकलने पर मास्क लगते रहिये और दो गज़ की दूरी बना कर रखिए। टीका लगवाने के बाद भी पूरे 2021 में ये एहतियात बरतने पड़ेंगें और Covid prevention protocol का पालन करना पडेगा।
हुज़ैफ़ा अबरार- क्या कोविड का टीका पूर्णरूप से सुरक्षित है ?
प्रो. सूर्यकांत- टीका के बारे में कोई भ्रान्ति मत रखिए, डॉक्टर सूर्यकांत ने लगवाया है, जब आपकी बारी आये तब आप भी लगवाइये ।
हुज़ैफ़ा अबरार- आम आदमी को कैसे पता चलेगा कि उसको टीका कब लगना है ?
प्रो. सूर्यकांत- कोविन एप्प लांच किया जाना है, जिसकी जानकारी आपको मिलेगी। उसमें रजिस्ट्रेशन होगा, उसके बाद बताया जाएगा कि कब और कहाँ टीका लगना है। उसके अनुसार सभी लोग टीका लगवाएंगे।







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