देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मेदांता ने मरीज़ के तीसरे किडनी ट्रांसप्लांट को बनाया सफल

मेदांता अस्पताल में हाल ही में हुई यह अत्यंत दुर्लभ और जटिल किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिसने न केवल मेडिकल साइंस के लिए एक मिसाल पेश की, बल्कि मरीज़ और उसके परिवार के लिए ज़िंदगी की एक नई आस जगाई है।

हुज़ैफ़ा अबरार
July 12 2025 Updated: July 12 2025 09:17
0 20267
मेदांता ने मरीज़ के तीसरे किडनी ट्रांसप्लांट को बनाया सफल किडनी ट्रांसप्लांट करने वाली डॉक्टरों की टीम

लखनऊ। बढ़ते शहरीकरण की वजह से एकाकी होते परिवारों में एक परिवार ऐसा भी है, जो अपनों की जीवनरक्षा के लिए हर मुश्किल से लड़ जाने को तैयार हैं। ऐसा ही उदाहरण लखनऊ में देखने को मिला, जहां एक 43 साल के रेलवे कॉन्ट्रैक्टर की किडनी खराब होने पर परिवार के तीन सदस्यों द्वारा किडनी देकर मरीज को जीवनदान दिया गया। परिवार में सबसे पहले मरीज के सबसे बड़े भाई, उसके बाद पत्नी और तीसरी बार मरीज से 16 साल बड़े भाई द्वारा किडनी दी गया।

मेदांता अस्पताल में हाल ही में हुई यह अत्यंत दुर्लभ और जटिल किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिसने न केवल मेडिकल साइंस के लिए एक मिसाल पेश की, बल्कि मरीज़ और उसके परिवार के लिए ज़िंदगी की एक नई आस जगाई है।

लखनऊ निवासी 43 वर्षीय मरीज़ को पहली बार किडनी के फ़ेल होने का पता 2013 में चला था। इसके बाद मरीज की डायलिसिस शुरू हुई। 2016 में उनके सबसे बड़े भाई ने किडनी दी, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली में किडनी ट्रांसप्लांट कराई गई। इससे डायलिसिस बंद हुई और ज़िंदगी सामान्य हो गई लेकिन यह किडनी 2023 तक ही चल पाई। इसके बाद पत्नी ने 2024 में मरीज को अपनी किडनी दी लेकिन दुर्भाग्य से वह ट्रांसप्लांट महज़ एक महीने में फेल हो गया और वे फिर से डायलिसिस पर आ गए। इस दौरान उनका दैनिक जीवन फिर से प्रभावित होने लगा।

दिल्ली में रहकर उन्होंने फिर से परामर्श लिया लेकिन सभी बड़े अस्पतालों ने तीसरे ट्रांसप्लांट से मना कर दिया क्योंकि दो असफल ट्रांसप्लांट के बाद तीसरे की सर्जरी मुश्किल मानी जाती है और उसके फेल होने का खतरा बहुत अधिक होता है। लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ के डायरेक्टर, यूरोलॉजी, रेनल केयर डॉक्टर मनमीत सिंह से परामर्श लिया। यहां पूरी जांच के बाद उन्हें बताया गया कि तीसरा ट्रांसप्लांट संभव है। इस दौरान मरीज से 16 वर्ष बड़े भाई ने किडनी देने का फ़ैसला लिया।

यह सर्जरी कई मायनों में जटिल थी। मरीज़ की पांचवी किडनी, यानी दो जन्म से, दो ट्रांसप्लांट की गई और अब यह पांचवी। डॉक्टर्स के सामने सवाल यह था कि यह नई किडनी कहां लगेगी? 

ऐसे में तय किया कि ऑपरेशन के दौरान पहली ट्रांसप्लांट किडनी को हटाकर नई किडनी उसी स्थान पर लगाई जाएगी। यह काम आसान नहीं था क्योंकि पहले लगी किडनी नसों से चिपक चुकी थी और उन्हीं नसों में दोबारा जोड़ बनाना एक बड़ी चुनौती थी। 

कई बार ऐसा होता है कि पहले पुरानी किडनी निकाली जाती है, फिर तीन महीने बाद नई किडनी लगाई जाती है। इससे मरीज़ को डायलिसिस पर लंबे समय तक रहना पड़ता है और खर्चा भी बढ़ जाता है लेकिन इस केस में, बिना समय गंवाए, उसी सर्जरी के दौरान एक्स-प्लांटेशन कर पांचवीं किडनी को मरीज़ की ओरिजिनल किडनी के यूरेटर से जोड़ा गया। यह इस केस की विशेषता रही। नसों की मरम्मत कर उसी जगह नई किडनी का ट्रांसप्लांट पूरी तरह से सफल रहा।

वर्तमान में पेशेंट और डोनर दोनों स्वस्थ हैं और मरीज़ का क्रिएटिनिन 0.9 है, जो इस सर्जरी की सफलता का संकेत है। मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ के डायरेक्टर, यूरोलॉजी, रेनल केयर डॉक्टर मनमीत सिंह ने कहा कि यह केस हमें सिखाता है कि कभी हार नहीं माननी चाहिए। अगर मरीज़ की स्थिति और मेडिकल पैरामीटर्स अनुमति दें और डोनर उपलब्ध हो तो तीसरा क्या चौथा ट्रांसप्लांट भी संभव है। ट्रांसप्लांट मेडिसिन में अब ऐसी तकनीकी और क्लिनिकल प्रगति हो चुकी है कि हम पहले असंभव माने जाने वाले मामलों में भी आशा की किरण देख सकते हैं।

किडनी फेल होने के लक्षणों में सबसे पहले पेशाब बनना बहुत कम हो जाता है। इसके कारण शरीर से विषैले पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते, जिससे खून में यूरिया बढ़ने लगता है और पानी शरीर में इकट्ठा होने लगता है। यह आंखों के नीचे सूजन, फेफड़ों में पानी भरना, पेट फूलना जैसी समस्याएं लाता है। साथ ही भूख कम लगना, मितली आना, अनीमिया और कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद यदि पेशाब का प्रवाह सही हो और तीन महीने में क्रिएटिनिन सामान्य स्तर पर आ जाए तो इसे सफल ट्रांसप्लांट माना जाता है। दवा समय पर लेने और नियमित फॉलोअप से किडनी लम्बे समय तक काम कर सकती है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

आगरा में मिला डेंगू का एक और नया केस

आगरा में मिला डेंगू का एक और नया केस

श्वेता सिंह October 13 2022 41281

स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से बचने के लिए लोगों को दिवाली तक सावधान रहने की जरूरत है। पूरी बाजू के कपड

आज विश्‍व एड्स दिवस,जानिए क्या है इस साल की थीम

आज विश्‍व एड्स दिवस,जानिए क्या है इस साल की थीम

एस. के. राणा December 01 2022 33595

इस साल एक्युलाइज 'Equalize' थीम रखी गई है। इसका अर्थ 'समानता' होता है। इस साल की थीम से हमारे समाज म

ड्राइवर्स की आंखों की मुफ्त जांच और चश्मे वितरित किए गए

रंजीव ठाकुर May 21 2022 32870

शिविर में लगभग 85 ड्राइवर्स की आंखों की नि: शुल्क जांच करके 77 लोगों को चश्मा दिया गया। ड्राइवर्स को

2030 तक मैनिंजाइटिस को खत्म करने तथा मौतों की संख्या 70% तक कम करने का लक्ष्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन 

2030 तक मैनिंजाइटिस को खत्म करने तथा मौतों की संख्या 70% तक कम करने का लक्ष्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन 

एस. के. राणा September 29 2021 29840

कई टीके विकसित किये जा चुके हैं, जो मेनिन्जाइटिस से बचाव करते हैं। जिनमें मेनिंगोकोकल, हीमोफिलस इन्फ

गर्भावस्था के दौरान आहार संतुलित ।

गर्भावस्था के दौरान आहार संतुलित ।

लेख विभाग May 27 2021 68898

अक्सर गर्भवती महिलाओं के साथ ये समस्या रहती हैं कि वे गर्भावस्था‍ में क्या खाएं और क्या ना खाएं। प्र

डा. सूर्यकान्त कोविड-19 लीडरशिप पुरस्कार से सम्मानित।

डा. सूर्यकान्त कोविड-19 लीडरशिप पुरस्कार से सम्मानित।

हुज़ैफ़ा अबरार June 05 2021 27627

डा. सूर्यकान्त ने चिकित्सा विज्ञान सम्बंधित विषयों पर 16 किताबें भी लिखी हैं। एलर्जी, अस्थ्मा, टी.ब

कानपुर में अनजान वायरस से हड़ंकप

कानपुर में अनजान वायरस से हड़ंकप

विशेष संवाददाता April 24 2023 27491

इस वायरस के लक्षण अलग तरह के हैं। पहले बहुत तेज बुखार (high fever) आता और फिर फेफड़े संक्रमित होते ह

कोरोना संक्रमण की चौथी लहर घातक होने की आशंका

कोरोना संक्रमण की चौथी लहर घातक होने की आशंका

एस. के. राणा March 03 2022 30032

शोधकर्ताओं ने भविष्यवाणी की है कि देश जल्द ही कोविड-19 की चौथी लहर की चपेट में आ सकता है। शोध में सा

ब्लड प्रेशर को रखना है सही तो जमीन पर बैठकर खाएं खाना

ब्लड प्रेशर को रखना है सही तो जमीन पर बैठकर खाएं खाना

लेख विभाग October 16 2022 64351

जमीन पर बैठकर भोजन करने हमारे शरीर की रक्त नलिकाएं सही तरह से कार्य कर पाती हैं। इससे हमारे शरीर में

लोहिया अस्पताल में बिना डोनर के रक्त व रक्त अवयव उपलब्ध तथा रक्तदान शिविर का आयोजन

लोहिया अस्पताल में बिना डोनर के रक्त व रक्त अवयव उपलब्ध तथा रक्तदान शिविर का आयोजन

रंजीव ठाकुर August 15 2022 41452

आजादी के अमृत महोत्सव पर, विभाजन विभीषिका स्‍मृति दिवस के उपलक्ष्‍य में लोहिया अस्पताल में बिना डोनर

Login Panel