











































Dr M Gupta Dr Rajender prashad Dr Shiv Gupta
लखनऊ। प्रोफेसर डॉक्टर शिव सागर गुप्ता की संस्था सागर हेल्थ केयर फाउंडेशन स्वच्छ श्वास को बचाने और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए 17 भी को होटल ताज में एक जागरूकता सेमीनार का आयोजन कर रही है। यह जानकारी देते हुए यहां सागर हेल्थ केयर में आयोजित प्रेस वार्ता में डा राजेश प्रसाद दी। उन्होंने बताया कि 17 को लखनऊ में पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन की नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ चिकित्सक, शिक्षाविद्, क्लिनिशियन एवं स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। डॉक्टर एम गुप्ता सेक्रेटरी सागर फाउंडेशन ने बताया लोगों को श्वास के रोगों की उचित जानकारी होना इसके विषय में जागरूकता होना एवं उचित खर्च या कम से कम खर्च पर कैसे लोगो को सुविधा उपलब्ध हो हमने यही सोचकर सागर फाउंडेशन की स्थापना की। डॉक्टर शिव सागर ने बताया कि मरीज से बात करके कुछ साधारण टेस्ट कर हम आधे से अधिक बीमारी को सही से कैसे डायग्नोज कर सकते हैं और मरीज़ पर आर्काथिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। इन्हीं सब जानकारियों को लेकर पल्मोनरी का आयोजन किया जा रहा है।
उद्देश्य चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को ज्ञानवर्धन, वैज्ञानिक विचार-विमर्श तथा आधुनिक निदान एवं उपचार पद्धतियों की जानकारी प्रदान करने हेतु एक उत्कृष्ट मंच उपलब्ध कराना है। CME के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चा, केस आधारित शिक्षण सत्र एवं इंटरेक्टिव अकादमिक चर्चाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें श्वसन रोगों, क्रिटिकल केयर, स्लीप डिसऑर्डर एवं संबंधित विषयों की समकालीन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होगी। डॉक्टर शिव सागर जिन्हें चिकित्सा जगत में कई वर्षों का अनुभव है जो एमडी एवं एफसीसीपी है। अपने अनुभव से मरीजों को सही एडवाइज फिर से जिंदादिली से सिखा रहे हैं। इन्हीं विषयों पर देशभर से आये डाक्टर अपने अनुभव साझा करेंगे। यह कार्यक्रम पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति एवं आधुनिक उपचार पद्धतियों पर केंद्रित होगा।
आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम चिकित्सकों की नैदानिक दक्षता को सुदृढ़ करने तथा साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ वैज्ञानिक सत्रों में अपने अनुभव एवं ज्ञान साझा करेंगे।यह आयोजन सागर हेल्थकेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य श्वसन एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन के क्षेत्र में अकादमिक उत्कृष्टता एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करना है।
सेमीनार में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के चिकित्सकों, पल्मोनोलॉजिस्ट, इंटेंसिविस्ट, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता अपेक्षित है। इस सेमिनार में डॉक्टर सूर्यकांत त्रिपाठी, डॉक्टर खुशबू पिलानिया, प्रोफेसर डॉक्टर ऋचा गुप्ता, प्रोफेसर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, प्रोफेसर डॉक्टर अरविंद कुमार, डॉक्टर रणंजय चंद्रा, डॉक्टर जे के सैनी, डॉक्टर बीपी सिंह, डॉक्टर मनोज गोयल, डॉक्टर एके सिंह, डॉक्टर सुमित राय, डॉ आशीष टंडन, डॉ के बी गुप्ता, डॉ संजय सिंघल इस विषय पर अपने अनुभव से सभी का मार्ग प्रशस्त करेंगे।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 119
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 308
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3801
एस. के. राणा January 13 2026 0 3766
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3647
एस. के. राणा January 20 2026 0 3605
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3325
एस. के. राणा February 01 2026 0 3017
एस. के. राणा February 04 2026 0 2856
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86266
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33874
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37124
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71559
देश में लगातार कोरोना वायरस के मामले कम हो रहे हैं। वहीं टीकाकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत
गर्मी के मौसम में बच्चों में पानी की कमी होना काफी सामान्य होता है, जिसे डिहाइड्रेशन, कहा जाता है। य
बुधवार सुबह आठ बजे जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार संक्रमण से देश में 17 और लोगों की मौत हो गयी है। इन 1
एम्स अस्पताल में 5 साल के एक बच्चे की सफल एन-ब्लॉक किडनी ट्रांसप्लांट की गई। हालांकि यह काफी चुनौतीप
देश में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 1,45,654 हो गई है जो कि कल की तुलना में 2000 अधिक है। इस दौरान
अपर जिलाधिकारी अब्दुल बासित ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अपर जिला अधिकारी ने डॉक्टरों की उप
इस बार कोरोना का वायरस काफी अलग है। साथ ही इसकी चपेट में आने वाले गंभीर मरीज पहले की तुलना में भी अल
वैज्ञानिकों का मानना है कि उच्च टीकाकरण दर वाले देशों में भी, संक्रमण अधिक फैल सकता है, क्योंकि समय
शिविर में विभिन्न प्रकार के रोगियों के अलावा कुछ जटिल रोगों से पीड़ित मरीज भी उपस्थित हुए। शिविर में
टीला गांव के लोगों द्वारा बताया गया कि ग्रामीणों को तेज बुखार, सीने में दर्द, उल्टी, हाथ- पैर के जोड

COMMENTS