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बलरामपुर। अस्पताल में दो मरीजों की मौत (death of patients) के बाद अफसरों की नींद टूटी है। अस्पताल प्रशासन (hospital administration) ने इमरजेंसी में दो वेंटिलेटर लगाए है। हालांकि दोनों अभी तक बंद पड़े हैं। अहम बात यह है कि इनके संचालन के लिए किसी कुशल स्टाफ की ड्यूटी तय नहीं हई है।
बलरामपुर अस्पताल (Balrampur Hospital) को इमरजेंसी में हर दिन करीब 100-150 नए मरीज भर्ती होते हैं। इनमें तीन से चार मरीज अति गंभीर होते हैं जिन्हें मीटर दूर शिफ्ट किया जाता है। बीते दिनों शिफ्टिंग के दौरान ही दो मरीजों की मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन (hospital administration) ने इमरजेंसी में दो वेंटिलेटर के संचालन के लिए कुशल डॉक्टर और पैरामैडिकल स्टाफ (paramedical staff) की तैनाती हो रही है।
वहीं अब गंभीर मरीजों को इधर-उधर शिफ्ट करने की नौबत नहीं आएगी। अस्पताल के सीएमएस (CMS) डॉ. अतुल के मुताबिक, दो वेंटिलेटर इमरजेंसी में पीएम केयर फंड (PM Care Fund) लगाए गए हैं। डॉक्टर और स्टॉफ को भी तय हो रही है।







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