












































फायदेमंदहै लौंग का तेल
सालों से आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में प्रयोग किया जाने वाले प्रभावी उपायों में से एक लौंग का तेल है। लौंग के तेल का प्रयोग कई तरह की आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने में किया जाता है, और यह स्वयं भी एक दवाई के रूप में काम करता है। इसे लौंग के पेड़ों से प्राप्त किया जाता है। वहीं इसमें मौजूद सभी पोषक तत्व कई स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते है लौंग के तेल के फायदे क्या-क्या हैं-
लौंग के तेल के ये है फायदे- These are the benefits of clove oil
इम्यूनिटी करे बूस्ट- boost immunity
लौंग के तेल का इस्तेमाल करने से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट हो सकती है। इस तेल में मौजूद गुण आपकी इम्यून प्रतिक्रिया को बेहतर करता है, जिससे आप संक्रमण और बैक्टीरियल समस्याओं को दूर कर सकते हैं।
दांत दर्द को करता है दूर- removes toothache
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार लौंग का तेल दांतो में होने वाले इरोजन को रोकता है। यह इरोजन आगे चल कर कैविटी का कारण बनते हैं। 2016 में पब मेड सेट्रल द्वारा किए गए एक अध्ययन में ओरल कैविटी पैदा करने वाले कीटाणुओं को खत्म करने के लिए 10 प्राकृतिक पौधों से अलग-अलग प्रकार के पदार्थों को लिया गया। इन सभी पदार्थों में से लौंग का तेल सबसे ज्यादा प्रभावी साबित हुआ।
कैंसर से करे बचाव- protect against cancer
लौंग का तेल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को रोकने में असरदार साबित हो सकता है। इस तेल में यूजेनॉल नामक एक खास तत्व पाया जाता है जो कैंसर से बचाव कर सकता है अगर आपको कैंसर होने का जोखिम है तो आप इस तेल का इस्तेमाल करें।
सर्दी जुकाम जैसी समस्या में फायदेमंद- Beneficial in problems like colds
लौंग के तेल में मौजूद हाई एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टी गले की खराश, सर्दी, खांसी और साइनस जैसी समस्या में काफी ज्यादा फायदेमंद होती हैं। यदि आपको लगातार खांसी आ रही है, तो लौंग का तेल मुह में लें। खांसी खुद-ब-खुद शांत हो जाएगी।
दिल को रखे स्वस्थ- keep heart healthy
दिल को स्वस्थ रखने के लिए लौंग के तेल का इस्तेमाल करेँ। यह कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर की समस्याओं को दूर करके दिल को हेल्दी रखने में आपकी मदद कर सकता है।
इंफेक्शन से राहत पाने में मददगार- Helpful in getting relief from infection
लौंग में मौजूद एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टी (antiseptic property) लौंग के तेल को काफी ज्यादा खास बना देती हैं। इसे स्किन कट हो जाने पर और घाव, फंगल इनफेक्शन (fungal infection) और कीड़ा-मकोड़ा काटने पर भी इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, घाव पर सीधा लौंग का तेल न लगाएं। यह आपके लिए काफी ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। परंतु इसे कोकोनट मिल्क (Coconut Milk) के साथ मिलाकर लगा सकती हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1295
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1169
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 777
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 686
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6657
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1540
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1456
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1393
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1295
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1267
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10290
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6657
एस. के. राणा February 01 2026 0 6559
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5908
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5782
एस. के. राणा January 13 2026 0 5334
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87666
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35932
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38839
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36337
लेख विभाग March 19 2022 0 35910
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73904
स्वास्थ्य निदेशक ने अखनूर का दौरा कर नवनिर्मित अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान आदेश जारी किया कि
लैंसेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के 58% से अधिक मामले एशिया में हैं।
17 से 35 साल की 40 महिलाओं पर यह अध्ययन किया गया था। हर सैंपल में यूरेनियम की मात्रा पाई गई, अर्थात
भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र पर अपनी कुल जीडीपी का लगभग 3.8 प्रतिशत खर्च करता है. यह विश्व स्वास्थ्य सं
मेदांता अस्पताल के मेडिकल निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि अस्पताल के सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मी समेत
ऑल इंडिया पयाम इंसानियत फोरम ने केजीएमयू के सहयोग से एक विशाल नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन कुतुब
डिप्टी सीएम ने बताया कि जिले में दवाओं और एक्सरे प्लेट की कोई कमी नहीं है।
इसकी पहुंच दूर दराज़ और दुर्गम क्षेत्रों तक है। रोगी को डॉक्टर तक पहुंचने वाले बहुमूल्य समय की बचत हो
अमेरिकी स्टडी में हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना महामारी के बाद के बाद अमेरिका में दिल की
कोविड-19 पाबंदियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले समूह 'फ्रीडम फाइटर्स कनाडा' द्वारा आयोजित 'रोलिंग थंडर'

COMMENTS