











































Awareness Program Held at Lohia on World ORS Day
लखनऊ। राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मदर एंड चाइल्ड रेफरल हॉस्पिटल ओपीडी परिसर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में निदेशक प्रो. डॉ. सीएम सिंह के मार्गदर्शन में बुधवार को बाल रोग विभाग एवं सामुदायिक चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। प्रो. डॉ. दीप्ति अग्रवाल विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। डॉ. पीयूष उपाध्याय ने विश्व ओआरएस दिवस की पृष्ठभूमि पर जानकारी दी। प्रो. डॉ. श्रीकेश सिंह चिकित्सा अधीक्षक आरपीजीपीएमसीएसआरएच प्रो. डॉ. एस. डी. कांडपाल, विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा विभाग; तथा डॉ. संजय त्रिपाठी, लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने अतिसार की रोकथाम सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता तथा प्रत्येक अतिसार प्रकरण में ओआरएस एवं जिंक के उपयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
संशोधित रिपोर्ट का संबंधित अनुच्छेद इस प्रकार होगा-जनजागरूकता को प्रभावी बनाने के लिए एमबीबीएस विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। जिसमें अतिसार की रोकथाम, स्वच्छता एवं ओआरएस के सही उपयोग का संदेश सरल एवं प्रभावी ढंग से दिया गया। इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए जागरूकता प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई, जिसका संचालन डॉ. अनामिका चंद्रा, सहायक आचार्य एवं डॉ. विदुषी वर्मा वरिष्ठ रेजिडेंट सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा किया गया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के समापन पर नुक्कड़ नाटक में प्रतिभाग करने वाले एमबीबीएस विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। डॉ. पीयूष उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इसके उपरांत डॉ. शांभवी मिश्रा एवं डॉ. शशांक सिंह, सहायक आचार्य, बाल रोग विभाग द्वारा ओआरएस घोल तैयार करने एवं उसके सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन बाल रोग विभाग एवं सामुदायिक चिकित्सा विभाग के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों एमबीबीएस विद्यार्थियों मेडिकल सोशल वर्कर के सहयोग से संपन्न हुआ। यह आयोजन अतिसार की रोकथाम एवं उपचार के प्रति जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों में होने वाली रोके जा सकने वाली मृत्यु एवं जटिलताओं को कम करने की दिशा में अत्यंत सफल एवं प्रभावी सिद्ध हुआ।







हुज़ैफ़ा अबरार July 30 2026 0 147
हुज़ैफ़ा अबरार July 30 2026 0 133
हुज़ैफ़ा अबरार July 30 2026 0 126
हुज़ैफ़ा अबरार July 21 2026 0 889
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 728
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 588
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 553
हुज़ैफ़ा अबरार July 23 2026 0 392
हुज़ैफ़ा अबरार July 24 2026 0 273
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4886
एस. के. राणा January 20 2026 0 4872
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4753
एस. के. राणा January 13 2026 0 4536
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4480
एस. के. राणा February 01 2026 0 4228
एस. के. राणा February 04 2026 0 3920
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86994
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34882
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38062
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35532
लेख विभाग March 19 2022 0 35154
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72700
दो बार सर्जरी होने के बाद तीसरी बार कैंसर होने के मामले कम ही होते हैं। डॉक्टर भी सफलता की दर काफी क
योगी मंत्रिमंडल के समक्ष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेक्टर की चरणबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इस सेक्
डब्ल्यूएचओ के अनुसार कैंसर की घटनाओं की रिपोर्ट में यदि इसी प्रकार वृद्धि जारी रही तो 2040 तक कैंसर
देश में लाखों मौतें महज इसलिए हो जाती हैं कि नवजात शिशु को जन्म के आधे घंटे के भीतर मां का दूध नहीं
प्रस्ताव के अनुसार एक्यूपंचर चिकित्सा पद्धति को केंद्र सरकार केे अनुरूप प्रदेश में भी मान्यता दी जाए
एक दिन की हड़ताल और कार्य बहिष्कार के बाद किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कर्मचारी काम पर वापस ल
जहरीला फल खाने से बच्चों की तबीयत खराब हो गई। आपको बता दें कि मिर्जापुर के चुनार थाना क्षेत्र के कां
नावों से पेट्रोलिंग करते हुए जवान यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नदियों में शवों को ना बहाए। जरूरी हो त
आधुनिक विज्ञान का मानना है कि उम्र के साथ दोनों हड्डियों के बीच की लिक्विडिटी खराब हो जाती है। इससे
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जब हॉस्पिटल पर छापा मारने पहुंची तो वहा पर कई अनियमितताएं सामने आयी

COMMENTS