देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मस्तिष्क स्वास्थ्य के भारत में बढ़ रहे मामलों पर डा जयंत ने चिंता जताई

जैसे लोग अपने हृदय की सेहत ब्लड शुगर लेवल पर नज़र रखते हैं, वैसे ही उन्हें उन बातों पर भी ध्यान देना चाहिए जो कॉग्निटिव सेहत पर असर डालती हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि, योग मेडिटेशन पढ़ने और नंबर-बेस्ड पज़ल्स से मेंटल स्टिम्युलेशन साथ ही क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रभावी इलाज़, मस्तिष्क स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
June 18 2026 Updated: June 18 2026 14:16
0 1036
 मस्तिष्क स्वास्थ्य के भारत में बढ़ रहे  मामलों पर डा जयंत ने चिंता जताई Dr. Jayant Verma, Senior Director of Neurosurgery at Regency Health Kanpur

कानपुर। भारत में कुछ दशकों से डिमेंशिया यानि मस्तिष्क स्वास्थ्य के मामलों में तेज़ वृद्धि चिंता का विषय है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रीजेंसी हेल्थ कानपुर के विशेषज्ञों ने मस्तिष्क स्वास्थ्य की सुरक्षा और संज्ञानात्मक क्षमताओं में गिरावट (कॉग्निटिव डिक्लाइन) की समय रहते पहचान के प्रति जागरूकता पर जोर दिया है। हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञों ने कहा 40 वर्ष से ज़्यादा आयु के लोगों ख़ास कर उन लोगों को जो किसी दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं या जिनके परिवार में न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का इतिहास रहा है, उन्हें ऐसे उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं जो लंबे समय तक मस्तिष्क और याददाश्त को बेहतर बनाए रखने में मदद करें। विशेषज्ञों ने कहा किसी भी शुरुआती लक्षण या समस्या के दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

 

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब देश में डिमेंशिया के मामले सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उभर रहे हैं। अनुमान के मुताबिक लगभग 5.3 मिलियन भारतीय डिमेंशिया से पीड़ित हैं। यह आंकड़ा लोगों के बीच इस बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी और जांच न होने से बहुत कम है। जब जीवन प्रत्याशा यानी औसत उम्र बढ़ती है तो लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां जैसे हाइपरटेंशन डायबिटीज मोटापा और हृदय की बीमारियां ज्यादा होती हैं। कॉग्निटिव डिसऑर्डर का खतरा बढ़ने का खतरा रहता है। इसके बावजूद मस्तिष्क स्वास्थ्य के बारे में बातचीत कम होती है, और कई लोग स्पेशल केयर तभी लेते हैं जब लक्षण रोज़ाना के काम में रुकावट डालने लगते हैं।

रीजेंसी हेल्थ कानपुर के न्यूरोसर्जरी के सीनियर डायरेक्टर डॉ जयंत वर्मा ने कहा डिमेंशिया खुद पता नहीं चलता। जब तक परिवार को इसके लक्षण दिखते हैं, तब तक यह बीमारी अक्सर सालों से चुपचाप बढ़ रही होती है। हमारा उद्देश्य बातचीत को इलाज से बचाव की ओर ले जाना और लोगों को ज़िंदगी में बहुत पहले ही मस्तिष्क स्वास्थ्य के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करना है। जैसे लोग अपने हृदय की सेहत ब्लड शुगर लेवल पर नज़र रखते हैं, वैसे ही उन्हें उन बातों पर भी ध्यान देना चाहिए जो कॉग्निटिव सेहत पर असर डालती हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि, योग मेडिटेशन पढ़ने और नंबर-बेस्ड पज़ल्स से मेंटल स्टिम्युलेशन साथ ही क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रभावी इलाज़ मस्तिष्क स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसकी जागरूकता लोगों को खतरों को जल्दी पहचानने और उम्र बढ़ने के साथ अपनी ज़िंदगी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सही कदम उठाने में मदद कर सकती है।

 

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार डिमेंशिया का खतरा कई ऐसे कारणों से जुड़ा होता है जिन्हें स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाकर और मौजूदा बीमारियों का सही इलाज कर कम कर सकते है। जैसे नियमित व्यायाम योग, ध्यान, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और लोगों के साथ जुड़े रहना दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करता है। साथ ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना भी जरूरी है। विशेषज्ञ पढ़ने नई चीजें सीखने और दिमागी खेल या पहेलियां हल करने जैसी गतिविधियों की सलाह दी हैं, क्योंकि ये दिमाग को सक्रिय और मजबूत बनाए रखने में मदद करती हैं। याददाश्त या सोचने-समझने से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती संकेतों को पहचानकर समय पर डॉक्टर से जांच करवाने से सही देखभाल और मदद मिल सकती है।

 

जैसे-जैसे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के बारे में जागरूकता बढ़ रही है, एक्सपर्ट्स इस बात पर ज़ोर देते हैं कि मस्तिष्क स्वास्थ्य की रोकथाम रूटीन हेल्थकेयर का  ज़रूरी हिस्सा बन जानी चाहिए। रीजेंसी हेल्थ कानपुर का मानना है कि डिमेंशिया के रिस्क फैक्टर्स और शुरुआती लक्षणों के बारे में ज़्यादा समझ लोगों और परिवारों को सोच-समझकर फ़ैसले लेने में मदद कर सकती है, जिससे स्वस्थ उम्र बढ़ने (हेल्दी एजिंग) और बेहतर जीवन की गुणवत्ता  में मदद मिल सके।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

राजभवन में सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन का तीसरा कैम्प आयोजित

राजभवन में सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन का तीसरा कैम्प आयोजित

रंजीव ठाकुर September 08 2022 23528

सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु राजभवन में किशोरियों के वैक्सीनेशन का तीसरा कैम्प आयोजित हुआ। प्रमुख स

एक दिवसीय वैक्सीनेशन में अलीगढ़ ने वाराणसी, लखनऊऔर गोरखपुर जैसे वीआईपी ज़िलों को पिछाड़ा।

एक दिवसीय वैक्सीनेशन में अलीगढ़ ने वाराणसी, लखनऊऔर गोरखपुर जैसे वीआईपी ज़िलों को पिछाड़ा।

हुज़ैफ़ा अबरार December 27 2021 30939

सीएमओ डॉ. आनंद कुमार उपाध्याय ने बताया कि एक दिवसीय कोविड-19 वैक्सीनेश में अलीगढ़ पूरे उत्तर प्रदेश म

लंपी वायरस का कहर, पशु चिकित्सकों के 3 माह तक अवकाश पर रोक

लंपी वायरस का कहर, पशु चिकित्सकों के 3 माह तक अवकाश पर रोक

आरती तिवारी September 08 2023 42933

गोवंश में फैलने वाले लंपी रोग (lumpy disease) का प्रकोप फिर से शुरू हो गया है। इससे निपटने के लिए पश

लोहिया संस्थान में होगा किडनी, लिवर और बोन मैरो प्रत्यारोपण

लोहिया संस्थान में होगा किडनी, लिवर और बोन मैरो प्रत्यारोपण

आरती तिवारी September 04 2023 26875

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब एक छत के नीचे किडनी,लिवर और बोन मैरो का प्रत्यारोप

होम्योपैथी दवा पर फ़ैली धारणाओं का समाधान।

होम्योपैथी दवा पर फ़ैली धारणाओं का समाधान।

हुज़ैफ़ा अबरार May 10 2021 37648

होम्योपैथिक दवाइयाँ मेडिकल ऑक्सीजन का विकल्प नहीं हो सकती है परंतु यदि मेडिकल ऑक्सीजन के साथ प्रयोग

हार्ट अटैक के बाद ब्रेन डेड के मामले तेजी से बढ़े हैं: डॉ स्वप्निल पाठक

हार्ट अटैक के बाद ब्रेन डेड के मामले तेजी से बढ़े हैं: डॉ स्वप्निल पाठक

हुज़ैफ़ा अबरार November 12 2022 34860

मुख्य धमनी जो हृदय को रक्त की सप्लाई करती है अगर उस धमनी में अचानक ब्लाकेज आ गया जिसकी वजह से खून हृ

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित, योजनाओं का लाभ उठाएं, गर्भावस्था को सुरक्षित बनाएं

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित, योजनाओं का लाभ उठाएं, गर्भावस्था को सुरक्षित बनाएं

हुज़ैफ़ा अबरार February 12 2022 48452

पहली बार गर्भवती होने पर तीन किश्तों में 5000 रूपये दिए जाते हैं।सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने पर

जानिये त्वचा के प्रकार और निखार बढ़ाने के घरेलू नुस्खे।

जानिये त्वचा के प्रकार और निखार बढ़ाने के घरेलू नुस्खे।

सौंदर्या राय September 12 2021 44642

आप चेहरे की चमक लाना चाहती हैं, तो आपको यह जरूर जानना चाहिए कि मेलाज्मा क्या है, और इससे कैसे बचना ह

Thalassemia ग्रसित बच्चों के लिए दिल्ली एम्स में निःशुल्क MRI camp का आयोजन।

Thalassemia ग्रसित बच्चों के लिए दिल्ली एम्स में निःशुल्क MRI camp का आयोजन।

हुज़ैफ़ा अबरार March 20 2021 38792

Thalassemia ग्रसित बच्चों के लिएAIIMS हॉस्पिटल दिल्ली के सहयोग से मुफ्त MRI T2 star टेस्ट कैम्प का आ

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, कोरोना काल में भी नहीं थमी रफ़्तार।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, कोरोना काल में भी नहीं थमी रफ़्तार।

हुज़ैफ़ा अबरार March 04 2021 27536

​योजना से सम्बंधित कोई भी जानकारी फोन पर नहीं मांगी जाती, जैसे- आधार कार्ड नम्बर, सीवीवी या ओटीपी नं

Login Panel