देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

लोहिया में पहली बार आईपीसी प्रक्रिया सफल, फेफड़ों के मरीजों को बड़ी राहत

पारंपरिक उपचार में मरीज को बार-बार अस्पताल आकर द्रव निकालने की आवश्यकता पड़ती है, जबकि आईपीसी के माध्यम से एक विशेष कैथेटर को प्लूरल कैविटी में स्थापित कर दिया जाता है, जिससे आवश्यकता अनुसार द्रव को आसानी से निकाला जा सकता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
June 17 2026 Updated: June 17 2026 23:43
0 1120
लोहिया में पहली बार आईपीसी प्रक्रिया सफल, फेफड़ों के मरीजों को बड़ी राहत Dr. Ajay Kumar Verma and specialist doctors Dr. Hemant Kumar Dr. Mrityunjay Singh Dr. Sulakshana Gautam


लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने फेफड़ों के कैंसर एवं अन्य घातक रोगों से संबंधित बार-बार होने वाले प्लूरल इफ्यूजन के उपचार में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विभाग में पहली बार इंडवेलिंग प्लूरल कैथेटर प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई। विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार वर्मा एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. हेमंत कुमार डॉ. मृत्युंजय सिंह डॉ. सुलक्षणा गौतम तथा डॉ. पुलकित गुप्ता के मार्गदर्शन एवं सहयोग से यह प्रक्रिया सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। संस्थान के निदेशक ने इस उपलब्धि पर पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा यह कदम उन्नत श्वसन चिकित्सा सेवाओं को मरीजों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार वर्मा ने कहा यह प्रक्रिया ऐसे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है जिनके फेफड़ों के आसपास बार-बार द्रव एकत्रित हो जाता है, जिससे उन्हें सांस लेने में गंभीर तकलीफ होती है। पारंपरिक उपचार में मरीज को बार-बार अस्पताल आकर द्रव निकालने की आवश्यकता पड़ती है, जबकि आईपीसी के माध्यम से एक विशेष कैथेटर को प्लूरल कैविटी में स्थापित कर दिया जाता है, जिससे आवश्यकता अनुसार द्रव को आसानी से निकाला जा सकता है। डॉ. हेमंत कुमार ने बताया मरीज स्टेज-4 कैंसर से पीड़ित था तथा उसे बार-बार होने वाले प्लूरल इफ्यूजन (फेफड़ों के आसपास पानी भरना) की समस्या थी। सांस फूलने की शिकायत के कारण हर 4-5 दिन में उसके फेफड़ों के आसपास जमा द्रव को निकालना पड़ता था, जिससे उसे अस्थायी राहत मिलती थी।

मरीज गोंडा का निवासी था और बार-बार लखनऊ आकर द्रव निकलवाना उसके लिए अत्यंत कठिन था। उन्होंने बताया आईपीसी तकनीक अतिरिक्त लाभ ऑटोप्ल्यूरोडेसिस है। इस प्रक्रिया में फेफड़ों को घेरे रहने वाली दोनों झिल्लियां, जिनके बीच द्रव बनता है, समय के साथ आपस में चिपक सकती हैं। इससे द्रव बनने की प्रक्रिया स्थायी रूप से रुक सकती है और मरीज को बार-बार प्लूरल इफ्यूजन की समस्या से दीर्घकालिक राहत मिल सकती है।  

इस नवीन तकनीक से मरीजों की जीवन-गुणवत्ता में सुधार होगा अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम होगी तथा बार-बार होने वाली चिकित्सीय प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। आरएमएलआईएमएस निरंतर नवीनतम चिकित्सा तकनीकों को अपनाकर प्रदेश के मरीजों को उच्च स्तरीय एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

admin May 31 2023 40374

यूपी के आगरा जिले में इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन एंड आर्ट्स ने कुछ नए तरीके से वर्ल्ड एंटी टुबैक

MP नीट पीजी राउंड 1 का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी

MP नीट पीजी राउंड 1 का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी

विशेष संवाददाता October 15 2022 25437

छात्र ध्यान दें कि उन्हें एडमिशन के लिए 14 अक्टूबर से 1 अक्टूबर तक अलॉट किए गए स्कूल में विजिट करना

स्किन से तिल को हटा देगी ये ख़ास चीज

स्किन से तिल को हटा देगी ये ख़ास चीज

श्वेता सिंह September 04 2022 32039

कुछ प्रकार के तिल बाद में धीरे-धीरे कैंसर बन जाते हैं। यही कारण है कि कुछ लोग अपनी त्वचा से तिल को न

कोरोना मुक्त हुआ उत्तराखंड, स्वास्थ्य मंत्री ने जताई खुशी

कोरोना मुक्त हुआ उत्तराखंड, स्वास्थ्य मंत्री ने जताई खुशी

विशेष संवाददाता February 25 2023 30941

प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च 2020 को मिला था। इसके बाद से प्रदेश में संक्रमण का

6 सेंटीमीटर ‘लंबी पूंछ’ के साथ पैदा हुई बच्ची

6 सेंटीमीटर ‘लंबी पूंछ’ के साथ पैदा हुई बच्ची

हे.जा.स. November 27 2022 25811

एक बच्ची लंबी पूंछ के साथ पैदा हुई। इस पूंछ की लंबाई करीब 6 सेंटीमीटर थी। डॉक्टर भी इसे देख कर हैरान

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

आरती तिवारी August 18 2022 38529

खून पतला करने की दवा ले रहीं करीब एक चौथाई प्रेगनेंट महिलाओं की हालत गंभीर हो रही हैं। इन्हें डिलीवर

जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में डेंगू का आंकड़ा 8 हजार के पार

जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में डेंगू का आंकड़ा 8 हजार के पार

विशेष संवाददाता November 27 2022 24501

प्रदेश में शुक्रवार को 5 बच्चों समेत 42 लोग डेंगू से पीड़ित मिले। इससे जम्मू कश्मीर में अब तक 8013 ल

गोरखपुर के 21 स्वास्थ्य केंद्रों में लगाया जाएगा हेल्थ एटीएम

गोरखपुर के 21 स्वास्थ्य केंद्रों में लगाया जाएगा हेल्थ एटीएम

आरती तिवारी September 14 2022 29771

स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा को हाईटेक करने की तैयारी में है। इसके लिए जिले क

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हृदय के वाल्व का ऑपरेशन नए साल से शुरू होगा

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हृदय के वाल्व का ऑपरेशन नए साल से शुरू होगा

अनिल सिंह December 09 2022 41936

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल सुपर स्पेशियलिटी सेवा की शुरुआत की गई थी। सुपर स्पेशियलिटी में हृद

COVID-19 के 28,903 नए मामले आए सामने।  

COVID-19 के 28,903 नए मामले आए सामने।  

रंजीव ठाकुर March 18 2021 21956

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, भारत में कल तक कोरोना वायरस के लिए कुल 22,92,49,784

Login Panel