











































प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली (भाषा)। उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का मानना है कि भारत उच्च गुणवत्ता वाली होम्योपैथिक दवाओं का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। भारत पारंपरिक ज्ञान को उन्नत तकनीक, उच्च गुणवत्ता मानदंडों और सरकारी नीतिगत समर्थन के साथ जोड़कर इस क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहा है।
विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान ने होम्योपैथिक दवा (homeopathic medicine) निर्माण में बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण को गति दी है और देश इस मामले में विश्व में अग्रणी बनने की ओर अग्रसर है।
एक विशेषज्ञ ने कहा कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमों की अनुसूची एम-1 के तहत जीएमपी (Good Manufacturing Practices) अनुपालन को लागू करके और आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना जैसी योजनाओं को शुरू करके सरकार यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक निर्माता अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करे।
उन्होंने कहा कि इन पहलों ने वैश्विक बाजारों (global markets) में भारत की विश्वसनीयता को मजबूत किया है और भारतीय होम्योपैथिक उत्पादों में उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाया है।
आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि राजेश्वर तिवारी ने कहा, ”हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक, निर्यातोन्मुखी उद्योगों के रूप में पुनर्परिभाषित कर रहा है।”
उन्होंने कहा, ”हमारा ध्यान होम्योपैथिक चिकित्सा के क्षेत्र में ‘मेड इन इंडिया’ को गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रामाणिकता का पर्याय बनाना है। सख्त जीएमपी मानकों, आयुष प्रीमियम प्रमाणन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से, हम समग्र स्वास्थ्य सेवा में भारत के वैश्विक नेतृत्व की नींव रख रहे हैं।”
होम्योपैथिक दवा बनाने वाली कंपनी एडवेन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ आदेश शर्मा ने इस क्षेत्र में भारत की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, ”भारत होम्योपैथिक निर्माण में विश्वसनीयता और क्षमता के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। हमारे प्रधानमंत्री का मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का दृष्टिकोण हमें अपनी पारंपरिक जड़ों से समझौता किए बिना वैश्विक स्तर का बुनियादी ढांचा बनाने के लिए प्रेरित करता है।”







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 399
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3752
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72455
भरतपुर के 5 मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में अगले वित्तीय वर्ष में जल्दी ही एमआरआई की मशीन लगेगी। राज
मौसम में अगर गर्मी ज्यादा हो तो प्यास बार-बार लगना लाजमी होता है लेकिन अगर मौसम सामान्य होने के बाद
याचिका में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन की सुविधा की बहाली उनकी व
अध्ययन में मंकीपॉक्स संक्रमण के नए लक्षण सामने आएं हैं। शोधकर्ताओं ने मंकीपॉक्स के दो नए लक्षण पाए ह
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार भारत देश में हर वर्ष सात से दस हजार थेलेसीमिया पीडि़त बच्चों क
डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में लीवर कैंसर से पीड़ित दो साल की बच्ची को नई जिंदगी मिली
सभी अधिकारी कम से कम एक-एक टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लें और इस कार्य से स्वंय सेवी संस्थाएं भी जुड़े।
मैनकाइंड फार्मा ने एक बयान में कहा, ‘‘चूंकि ब्लैक फंगस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए
निर्माण क्षेत्र में कार्यरत हों या फिर कचरा रिसाइकिल, स्ट्रीट वेंडर, किसान या फिर प्लास्टिक के क्षे

COMMENTS