











































प्रतीकात्मक चित्र
जेनेवा। योरोप में 10 में से कम से कम एक डॉक्टर मनोविकार से पीड़ित है। वह आत्महत्या तक करने के विचारों का सामना कर रहा है। WHO के एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि योरोप में डॉक्टर और नर्स लगातार तनावपूर्ण व असुरक्षित परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गम्भीर असर पड़ रहा है।
10 अक्टूबर को 'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' के पर जारी इस सर्वेक्षण के नतीजों के अनुसार, चिन्ताजनक संख्या में स्वास्थ्यकर्मी, आत्महत्या के विचारों या स्वयं को नुक़सान पहुँचाने की प्रवृत्ति का अनुभव कर रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन - WHO की योरोप इकाई ने एक सर्वे किया है जिसमें पाया गया कि बहुत से स्वास्थ्यकर्मी अवसाद (Depression), चिन्ता (Anxiety) और आत्महत्या (Suicide) के विचारों से जूझ रहे हैं, जबकि कामकाज के लम्बे घंटे, आसपास हिंसा की घटनाएँ और अस्थाई रोज़गार, इन पर दबाव को और बढ़ा रहे हैं।

इस सर्वे में पाया गया कि हर 3 में से 1 डॉक्टर और नर्स अवसाद से ग्रस्त हैं और हर 10 में से 1 डॉक्टर, आत्महत्या के विचारों से ग्रसित होता है। योरोप में डॉक्टर और नर्स ऐसे हालात में काम कर रहे हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य और रहन-सहन पर गम्भीर असर डाल रहे हैं। ‘नर्सों और डॉक्टरों का मानसिक स्वास्थ्य’(MeND) सर्वेक्षण अब तक का सबसे बड़ा विश्लेषण है, जिसमें योरोपीय संघ के सभी 27 देशों के साथ-साथ, आइसलैंड और नॉर्वे से 90 हज़ार से अधिक जवाबों का विश्लेषिण किया गया है।
रिपोर्ट में देशों के अनुसार आँकड़े दिए गए हैं जिनमें यह भी उजागर किया गया है कि योरोप के स्वास्थ्य तंत्र और स्वास्थ्यकर्मियों में, वर्षों से संसाधन निवेश की कमी ने, कितना बड़ा मानसिक और मानवीय मूल्य चुकाया है।
मुख्य निष्कर्ष -Key Findings
पिछले एक वर्ष में हर 3 में से 1 डॉक्टर (doctors) या नर्स (nurses) ने कार्यस्थल पर धमकियों या हिंसा का सामना किया, जबकि 10 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों को शारीरिक हिंसा या यौन उत्पीड़न (sexual harassment) का सामना करना पड़ा।
WHO के अनुसार, योरोपीय देशों में विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर व नर्स पर निर्भरता बढ़ रही है। जो डॉक्टर और नर्सें हिंसा का अनुभव करते हैं, लगातार लम्बे घंटे काम करते हैं, या रात की पारियों में काम करते हैं, उनमें अवसाद, चिन्ता और आत्महत्या के विचार आने की सम्भावना कहीं अधिक होती है। वास्तव में, डॉक्टरों और नर्सों में आत्महत्या सम्बन्धी विचारों की दर सामान्य आबादी की तुलना में लगभग दोगुनी पाई गई है।
WHO योरोप के क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर हैंस हेनरी क्लूगे कहते हैं कि MeND सर्वे के नतीजे याद दिलाते हैं कि योरोप की स्वास्थ्य व्यवस्था तभी मज़बूत हो सकती है जब उसे सम्भालने वाले लोग मज़बूत हों। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की यह स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती।
डॉक्टर हैंस हेनरी ने कहा कि अब ठोस क़दम उठाने की ज़रूरत है, जैसे कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हिंसा और उत्पीड़न के लिए शून्य-सहनशीलता नीति लागू करना, अत्यधिक कार्य घंटों और थकावट के चलन को ख़त्म करना, डिजिटल तकनीकों जैसे AI का इस्तेमाल कर कामकाज को सरल बनाना और हर स्वास्थ्यकर्मी को गोपनीय व सम्मानजनक मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना।
उन्होंने आगाह किया कि स्वास्थ्यकर्मियों में बढ़ता मानसिक स्वास्थ्य संकट, दरअसल स्वास्थ्य सुरक्षा का संकट है, जो पूरे स्वास्थ्यतंत्र की स्थिरता को ख़तरे में डाल सकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 28
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1939
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1694
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1582
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
एस. के. राणा January 20 2026 0 5271
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5173
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4781
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4725
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87183
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38272
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35763
लेख विभाग March 19 2022 0 35392
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73001
सीएमओ डॉ. वाइके राय ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। बता दें कि 23
देश में 3,403 और लोगों की वायरस के संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,63,079 हो गई। उपचाराधीन
इसे पानी में मिलाकर नहाने से शरीर की चमक बनी रहती है। इसमें मौजूद विटामिन-ई, पालीफेनोल और सायटोस्टेर
अभ्यर्थियों की डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है, जोकि 18 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
क्या आप छोटा सा काम काम करके ही थक जाते हैं। सीढ़ियों से चढ़ने-उतरने में सांस फूलने लगता है और वर्कआ
कई लोग मानते हैं कि सर्दी के मौसम में बीमारियाँ दूर हो जाती हैं, लेकिन यही वह समय होता है जब शरीर सब
टोमैटो फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। ट
अयोध्या के मिल्कीपुर में निर्मित 50 बेड के अस्पताल में इलाज शुरू होने से आसपास के मरीजों के साथ ही स
आईवीएफ की प्रक्रिया में प्रायवेट अस्पतालों में लाखों का खर्च होता है। ऐसे में प्रदेश के गरीब दंपती ज
डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में वार्षिक शोध दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य सचिव द

COMMENTS