देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में सिर और गर्दन कैंसर के बढ़ते मामले चिंता का विषय : डॉ. कमलेश वर्मा

सिर और गर्दन के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू सेवन है, चाहे वह सिगरेट और बीड़ी के रूप में हो या गुटखा, खैनी और पान मसाला के रूप में हो। बिना धुएं वाला तंबाकू ज्यादा नुकसानदायक होता है, क्योंकि यह सीधे पूरे मुंह को प्रभावित करता है। साथ ही शराब का सेवन जोखिम को और बढ़ा देता है। तंबाकू और शराब का एक साथ उपयोग कैंसर होने की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
April 30 2026 Updated: May 02 2026 17:51
0 1260
पूर्वी उत्तर प्रदेश में सिर और गर्दन कैंसर के बढ़ते मामले चिंता का विषय : डॉ. कमलेश वर्मा सिर दर्द और गर्दन दर्द से पीड़ित महिला

बहराइच। सिर और गर्दन का कैंसर भारत में एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य चिंता के रूप में उभर रहे हैं, विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में। ये कैंसर मुंह, गले, स्वरयंत्र और नाक जैसे हिस्सों को प्रभावित करते हैं और अब अधिकतर मामलों में एडवांस्ड स्टेज में सामने आ रहे हैं, जिससे इलाज जटिल हो जाता है और परिणाम भी कम अनुकूल होते हैं। इसका असर खास तौर पर पुरुषों और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है, जिसका मुख्य कारण लाइफ़स्टाइल से जुड़ी आदतें और जागरूकता की कमी है।

डॉ. कमलेश वर्मा डायरेक्टर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने कहा बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। तंबाकू के सभी रूपों से दूर रहना, शराब का सीमित सेवन करना, मुंह की साफ-सफाई बनाए रखना और एचपीवी से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरूकता फैलाना इन सभी कदमों से इन कैंसरों के मामलों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सिर और गर्दन के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है। चाहे वह सिगरेट और बीड़ी के रूप में हो या गुटखा खैनी और पान मसाला के रूप में हो। बिना धुएं वाला तंबाकू खासतौर से ज्यादा नुकसानदायक होता है, क्योंकि यह सीधे पूरे मुंह को प्रभावित करता है। साथ ही शराब का सेवन जोखिम को और बढ़ा देता है। तंबाकू और शराब का एक साथ उपयोग कैंसर होने की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है। इसके अलावा मुंह की ढंग से सफ़ाई न करना, दांतों की धार से होने वाली लगातार चोट और ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) जैसे संक्रमण भी इसके कारणों में शामिल हैं। विशेष रूप से एचपीवी-16 का संबंध गले, टॉन्सिल और जीभ के कैंसर से तेजी से जुड़ता जा रहा है।

ऐसे लक्षण जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है वो बड़ी समस्या खड़ी करते हैं। कैंसरों के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती देर से पहचान होना है, क्योंकि शुरुआती लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर मुंह में दो हफ्ते से ज्यादा समय तक घाव ठीक नहीं हो रहा हो मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे दिखाई दें, आवाज में लगातार भारीपन बना रहे, निगलने में दिक्कत हो बिना वजह खून आए या गर्दन में गांठ महसूस हो तो ये सभी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से बीमारी चुपचाप गंभीर अवस्था तक पहुंच सकती है।

समय पर पहचान होना जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाता है। अगर शुरुआती अवस्था में ही सिर और गर्दन के कैंसर का पता चल जाए तो इसका इलाज असरदार तरीके से किया जा सकता है और सफलता की संभावना भी काफी अधिक रहती है। खासकर तंबाकू या शराब का सेवन करने वाले लोगों को नियमित रूप से मुंह की जांच करानी चाहिए जिससे किसी भी असामान्यता का समय रहते पता चल सके। खुद से समय-समय पर जांच करना और किसी भी लगातार बने रहने वाले लक्षण पर डॉक्टर से सलाह लेना भी उतना ही जरूरी है।

इलाज कैंसर की अवस्था और उसके स्थान पर निर्भर करता है। इसमें सर्जरी रेडिएशन थेरेपी कीमोथेरेपी या इनका संयोजन शामिल हो सकता है। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की इसमें अहम भूमिका होती है, जिसमें ट्यूमर को आस-पास के स्वस्थ टिशू के एक हिस्से के साथ हटाया जाता है ताकि दोबारा होने की संभावना कम हो सके। हाल के वर्षों में रोबोटिक सर्जरी जैसी नई तकनीकों ने इलाज को और अधिक सटीक बनाया है जटिलताओं को कम किया है और मरीजों की रिकवरी को बेहतर बनाया है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में सिर और गर्दन के कैंसर के बढ़ते मामले चिंता का विषय जरूर हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि इन्हें काफी हद तक रोका जा सकता है। जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच के लिए प्रेरित करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, यह सभी कदम इस बोझ को कम करने में मदद कर सकते हैं। सही समय पर उठाया गया कदम न केवल जीवन बचा सकता है बल्कि प्रभावित लोगों के जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बना सकता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

बढ़ती उम्र के साथ नज़दीक की दृष्टि खराब होने की संभवाना रहती है।

रंजीव ठाकुर February 07 2021 23867

बुज़ुर्ग मरीज़ मोतियाबिंद के कारण उत्पन्न समस्याओं को सही से बता नहीं पाते हैं। हम लोग परीक्षण के उपरा

विदेश से एमबीबीएस पास करने वाले छात्र कुछ शर्तों के साथ  भारत में इंटर्नशिप पूरी कर सकेंगे

विदेश से एमबीबीएस पास करने वाले छात्र कुछ शर्तों के साथ भारत में इंटर्नशिप पूरी कर सकेंगे

एस. के. राणा March 05 2022 27672

यूक्रेन-रूस में चल रहे भयंकर युद्ध में से बचकर भारत लौटे छात्रों को कई दिनों से अपने भविष्य को लेकर

WHO ने दी चेतावनी, ठंड के मौसम में एक बार फिर कहर ढ़ा सकता है कोरोना वायरस

WHO ने दी चेतावनी, ठंड के मौसम में एक बार फिर कहर ढ़ा सकता है कोरोना वायरस

हे.जा.स. September 03 2022 31703

कोविड-19 के साथ जीने का मतलब यह नहीं कि हम यह मान लें कि महामारी ख़त्म हो चुकी है। इसी तरह यह मान ल

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर केंद्र सरकार चिंतित, 9 राज्यों की समीक्षा बैठक

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर केंद्र सरकार चिंतित, 9 राज्यों की समीक्षा बैठक

एस. के. राणा July 21 2022 24979

केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, असम, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश

चीन में कोरोना से हाहाकार, रिपोर्ट में आए चौंकाने वाले आकड़े

चीन में कोरोना से हाहाकार, रिपोर्ट में आए चौंकाने वाले आकड़े

हे.जा.स. January 18 2023 25479

दुनिया के विशेषज्ञों का दावा है कि चीन अभी भी सही आंकड़ा छिपा रहा है। माना जा रहा है कि चीन में मौतो

ठंड में होने वाली जुकाम के लिए रामबाण साबित होगा ये आयुर्वेदिक काढ़ा

ठंड में होने वाली जुकाम के लिए रामबाण साबित होगा ये आयुर्वेदिक काढ़ा

श्वेता सिंह November 05 2022 34668

इसके सेवन से पेट की गैस, अपच और आव की दिक्कत दूर हो जाती है। खांसी और कफ में यह आपको आराम देता है। द

कोरोना संक्रमण ने तोड़ा आठ महीने पहले का रिकॉर्ड, एक दिन में आये 3 लाख 17 हज़ार से ज्यादा संक्रमण के नए मामले

कोरोना संक्रमण ने तोड़ा आठ महीने पहले का रिकॉर्ड, एक दिन में आये 3 लाख 17 हज़ार से ज्यादा संक्रमण के नए मामले

एस. के. राणा January 20 2022 25457

देश में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 9,287 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ओमिक्रॉन केस में लगभग

कोरोना मरीजों को निःशुल्क सेवा उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस भेंट की।

कोरोना मरीजों को निःशुल्क सेवा उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस भेंट की।

रंजीव ठाकुर May 12 2021 26859

“लाल जी टण्डन फ़ाउण्डेशन” के अध्यक्ष आशुतोष टण्डन गोपाल जी ने ‘एक कोशिश ऐसी भी’ संस्था की अध्यक्ष श्

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में खाली बेड की सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में खाली बेड की सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं

रंजीव ठाकुर August 16 2022 42920

केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में मरीज आते है लेकिन खाली बेड ना मिलने की व

छत्तीसगढ़ में जापानी बुखार की आहट

छत्तीसगढ़ में जापानी बुखार की आहट

आरती तिवारी June 26 2023 27134

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जापानी बुखार के मामले सामने आए है।

Login Panel