











































Deputy CM Brajesh Pathak
लखनऊ। योगी सरकार द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोडल स्टेट हेल्थ एजेंसी ‘साचीज’ द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए मरीजों के अनुभव और उनकी राय को महत्वपूर्ण आधार बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि साचीज आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एआई आधारित वाइस बॉट विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए मरीजों से फोन पर सीधे उनके इलाज और अस्पताल में मिले अनुभव की जानकारी ली जाएगी।
मरीजों से फोन पर सीधे पूछा जाएगा अनुभव
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप एआई आधारित वाइस बॉट का उद्देश्य केवल मरीजों से फीडबैक लेना नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिक्रियाओं का तकनीक की मदद से विश्लेषण कर ऐसी जानकारी सामने लाना है, जिस पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। इससे अस्पतालों की निगरानी, शिकायतों के समाधान, ऑडिट और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि एआई वाइस बॉट के माध्यम से इलाज करा चुके मरीजों से फोन पर बातचीत कर उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली जाएगी। मरीज से यह पूछा जा सकेगा कि उसे अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत उपचार मिला या नहीं। इलाज के दौरान उसे किसी तरह की परेशानी हुई या नहीं, अस्पताल में उपलब्ध सेवाएं कैसी रहीं और अस्पताल के कर्मचारियों का व्यवहार कैसा रहा। यह भी पता लगाया जा सकेगा कि योजना के तहत मिलने वाले उपचार के लिए मरीज या उसके परिवार से कोई अनधिकृत राशि तो नहीं ली गई। इलाज के बाद मरीज कितना संतुष्ट है, इसकी जानकारी भी फीडबैक के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। इस तरह मरीज की आवाज सीधे स्वास्थ्य महकमे तक पहुंचेगी और उसके अनुभव के आधार पर कमियों की पहचान करना आसान होगा।
फीडबैक से सामने आएंगे कार्रवाई योग्य मामले
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि पहल का उद्देश्य मरीजों की प्रतिक्रियाओं में से उन मामलों की पहचान करना है, जिनमें आगे कार्रवाई की जरूरत है। एआई आधारित विश्लेषण के जरिए बड़ी संख्या में प्राप्त फीडबैक को व्यवस्थित किया जा सकेगा। यदि किसी मरीज द्वारा उपचार न मिलने, अनधिकृत शुल्क लेने, खराब व्यवहार या किसी अन्य समस्या की जानकारी दी जाती है, तो ऐसे मामलों को संबंधित संचालन टीमों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे शिकायतों पर कार्रवाई करने और अस्पतालों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इस व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मरीज के वास्तविक अनुभव को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीमित संख्या में मरीजों से मैनुअल कॉल के माध्यम से फीडबैक लिया जाता है। इसमें समय और मानव संसाधन अधिक लगता है। एआई वाइस बॉट के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों तक पहुंचकर उनसे फीडबैक लेने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे कम समय में अधिक मरीजों से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। बड़ी संख्या में प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर बेहतर डेटा तैयार होगा। इस डेटा का विश्लेषण कर अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं की पहचान की जा सकेगी।
मरीज के अनुभव को स्वास्थ्य व्यवस्था में मिलेगा अधिक महत्व
साचीज की सीईओ ने बताया कि पहल का उद्देश्य केवल लाभार्थियों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें सही, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो। मरीजों का प्रत्यक्ष अनुभव स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। एआई वाइस बॉट के माध्यम से प्राप्त फीडबैक का व्यवस्थित विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार August 30 2026 0 119
हुज़ैफ़ा अबरार August 30 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 31 2026 0 56
हुज़ैफ़ा अबरार August 31 2026 0 49
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8393
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1988
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1757
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1652
हुज़ैफ़ा अबरार August 29 2026 0 1183
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8393
एस. के. राणा January 20 2026 0 5362
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5222
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5138
एस. के. राणा February 01 2026 0 5075
एस. के. राणा January 13 2026 0 4823
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4774
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87204
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35232
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38307
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35819
लेख विभाग March 19 2022 0 35441
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73064
सिविल अस्पताल में चर्म रोग विभाग में केवल ही एक विशेषज्ञ डॉक्टर कार्यरत है। जिसके सहारे पूरा अस्पताल
विश्व जनसंख्या दिवस पर सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झण्डी दिखाकर जनजागरूकता बाइक रैली को
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक योजना के चौथे चरण के तहत अगले पांच वर्षों (2027 तक) में जिला अस्पत
देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा
आपको असफलता से निराश नहीं होना है। आप अपनी गलतियों से सीखिएं और कोशिश करिए कि कहां चूक हुई है, क्यों
लड़कियाँ अपने कमर को शेप में रखने के लिए अधिक जागरूक होतीं हैं। कमर को शेप में लाने के लिए हेल्दी डाइ
कल के इस सम्मान समारोह में कास मेहमानों में अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अखिल कुमार, पुलिस उपमहा
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला कैंसर है। यह कैंसर यौन संचारित वायरस एचपीवी के संक्रमण के कारण
साइनस के श्लेष्मा झिल्ली में सूजन आने से उस जगह पर बैक्टीरिया, वायरस एवं कवक विकसित हो सकते हैं। इस
यौन और प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा से सुरक्षित यौन संबंध, यौन साथी तय करने की स्वतंत्रता, विभिन्न गर्भनि

COMMENTS