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कानपुर। विश्व आईवीएफ दिवस पर रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने बांझपन (इन्फर्टिलिटी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए दंपतियों से समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। अस्पताल ने कहा समय पर जांच और सही निदान सफल फर्टिलिटी उपचार की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। बांझपन एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जिसका प्रभाव महिलाओं और पुरुषों दोनों पर पड़ता है। इसका प्रभावी उपचार संभव है। प्रजनन चिकित्सा (रीप्रोडक्टिव मेडिसिन) में हुई आधुनिक प्रगति व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुरूप उपचार (पर्सनलाइज्ड फर्टिलिटी केयर) तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से आज हजारों दंपति अपने माता-पिता बनने के सपने को साकार कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा फर्टिलिटी संबंधी जांच में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से सफल उपचार की संभावना काफी बढ़ जाती है।
यह अपील ऐसे समय की गई है जब बांझपन को महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया में लगभग हर छह में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में किसी न किसी समय बांझपन की समस्या का सामना करता है। इसके बावजूद सामाजिक कलंक गलत धारणाओं और जागरूकता की कमी के कारण अनेक दंपति समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से बचते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, देर से परिवार शुरू करने की प्रवृत्ति मोटापा तनाव मधुमेह थायरॉयड संबंधी समस्याएं धूम्रपान शराब का सेवन पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एंडोमेट्रियोसिस तथा अन्य जीवनशैली और चिकित्सीय कारणों से बांझपन के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। लगभग आधे मामलों में पुरुषों से संबंधित कारण जिम्मेदार होते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फर्टिलिटी मूल्यांकन दोनों साझेदारों का किया जाना चाहिए।
डॉ. युथिका बाजपेयी एसोसिएट डायरेक्टर आईवीएफ एवं रिप्रोडक्टिव मेडिसिन रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने कहा विश्व आईवीएफ दिवस लोगों को यह संदेश देने का महत्वपूर्ण अवसर है कि बांझपन का उपचार संभव है और अब दंपतियों को इस समस्या के साथ चुपचाप जीवन बिताने की आवश्यकता नहीं है। आधुनिक प्रजनन चिकित्सा ने फर्टिलिटी उपचार की दिशा पूरी तरह बदल दी है। अब प्रत्येक दंपति की चिकित्सीय स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है। विशेष रूप से 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं या एक वर्ष से अधिक समय से गर्भधारण का प्रयास कर रहे दंपतियों को समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
अक्सर यह गलत धारणा होती है कि बांझपन केवल महिलाओं की समस्या है, जबकि पुरुषों की प्रजनन क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। यदि दोनों साझेदारों की समय पर जांच की जाए तो वास्तविक कारण का पता लगाना आसान होता है और उसी के अनुरूप प्रभावी उपचार योजना बनाई जा सकती है। आईवीएफ तकनीक, आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं और व्यक्तिगत उपचार पद्धतियों में हुई प्रगति के कारण पिछले कुछ वर्षों में उपचार के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। रीजेंसी हेल्थ कानपुर में प्रजनन विशेषज्ञों एम्ब्रियोलॉजिस्ट फर्टिलिटी काउंसलर्स तथा अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं से युक्त एक बहु-विषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) टीम के माध्यम से समग्र फर्टिलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। दोनों साझेदारों के विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद उनकी आवश्यकताओं के अनुसार उपचार योजना तैयार की जाती है, जिसमें ओव्यूलेशन इंडक्शन इंट्रायूटेरिन इन्सेमिनेशन (IUI) इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (ICSI) फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन तथा आवश्यकता अनुसार उन्नत एम्ब्रियो चयन (एडवांस्ड एम्ब्रियो सेलेक्शन) जैसी सेवाएं शामिल हैं।
अस्पताल उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श (काउंसलिंग) और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराता है, ताकि दंपति फर्टिलिटी उपचार के दौरान आने वाली मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकें और पूरे उपचार के दौरान उन्हें समग्र देखभाल मिल सके। विश्व आईवीएफ दिवस पर रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने दंपतियों से अपील की कि यदि उनकी आयु 35 वर्ष से कम है और वे एक वर्ष से अधिक समय से गर्भधारण का प्रयास कर रहे हैं, या उनकी आयु 35 वर्ष से अधिक है और छह महीने के प्रयास के बाद भी गर्भधारण नहीं हुआ है, बार-बार गर्भपात हो चुका है, या उन्हें पीसीओएस एंडोमेट्रियोसिस अनियमित मासिक धर्म कम शुक्राणु संख्या (लो स्पर्म काउंट) अथवा प्रजनन अंगों से संबंधित सर्जरी का इतिहास जैसी समस्याएं हैं, तो उन्हें बिना देरी किए विशेषज्ञ फर्टिलिटी जांच करानी चाहिए।
रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने परिवारों और समाज से भी अपील की कि वे बांझपन को सामाजिक कलंक या व्यक्तिगत असफलता के रूप में देखने के बजाय एक सामान्य चिकित्सीय स्थिति के रूप में स्वीकार करें। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर चिकित्सकीय उपचार, भावनात्मक सहयोग और सही जानकारी के आधार पर लिया गया निर्णय अधिक से अधिक दंपतियों को उचित फर्टिलिटी उपचार प्राप्त करने और आत्मविश्वास के साथ मातृत्व-पितृत्व की यात्रा शुरू करने में मदद कर सकता है।







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