











































. Ishwar Ram Dhayal (Lead Surgeon), Dr. Alok Srivastava, Dr. Sanjit Kumar Singh, Dr. Anurag Pawar, Dr. Prudhvi, and Dr. Sarvagya; anesthesiologists Dr. P.K. Das and Dr. Prakriti
लखनऊ। लोहिया आयुर्वेद संस्थान के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. ईश्वर राम धायल प्रोफेसर और विभाग के प्रमुख यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट के नेतृत्व में विश्व की सबसे दुर्लभ रोबोट-सर्जरी सफलतापूर्वक की। 55 वर्ष के मरीज़ में रोबोट की मदद से दाहिना गुर्दा निकालना और शरीर की मुख्य नस (IVC) और गोनैडल वेन में फैले खून के थक्के को भी साथ निकाला गया। किडनी कैंसर के इस मामले में थक्का दिल से मात्र 3.5 सेंटीमीटर तक फैल गया था, दूसरी नस में एक और थक्का कमर की नसों तक पहुँच गया था। ऐसा संयोजन बहुत कम मामलों में देखा गया है।
इतनी जटिलता के बावजूद पूरी सर्जरी रोबोट से की गई और बड़ा ऑपरेशन करने की ज़रूरत नहीं पड़ी। केवल 350 मिलीलीटर खून बहा और खून चढ़ाने की नौबत नहीं आई। मरीज़ को 8 दिन में छुट्टी मिल गई और दो हफ़्ते बाद जांच में वह पूरी तरह ठीक मिला। यह उपलब्धि उस वक्त आई है जब संस्थान में सभी विभागों को मिलाकर 490 रोबोट-सर्जरी पूरी हो चुकी हैं, जिनमें से 382 (यानी लगभग 78 प्रतिशत) अकेले यूरोलॉजी विभाग ने की हैं, जिससे यह विभाग रोबोट-सर्जरी में अस्पताल का सबसे अग्रणी विभाग बन गया है। यह उत्तर प्रदेश के मरीज़ों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
निदेशक प्रो. डॉ. सीएम सिंह ने इसे संस्थान की मेहनत और मरीज़-केंद्रित सोच का प्रतिबिंब बताते हुए कहा यह साबित करता है कि सरकारी अस्पताल भी देश के किसी भी बड़े अस्पताल के बराबर इलाज कर सकते हैं। डॉ. ईश्वर राम धायल प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट विभाग संस्थान के दूरदर्शी नेतृत्व में विभाग ने अपनी नैदानिक (Clinical) क्षमताओं तथा शैक्षणिक (Academic) उपलब्धियों में उल्लेखनीय एवं परिवर्तनकारी विस्तार किया है। उनके मार्गदर्शन में विभाग उत्तर भारत के अग्रणी तृतीयक (Tertiary Care) स्वास्थ्य संस्थान के रूप में स्थापित हुआ है। 490 कुल रोबोट-सर्जरी 382 यूरोलॉजी विभाग द्वारा सम्पन्न किया है।
उन्नत शल्य चिकित्सा (Advanced Surgical) तकनीकों को अपनाने, अनुसंधान एवं वैज्ञानिक प्रकाशनों (Research and Publications) की सुदृढ़ संस्कृति विकसित करने तथा अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं को आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित मरीजों तक सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी भूमिका निभाई है। इस सर्जरी को करने वाली टीम में डॉ. ईश्वर राम धायल मुख्य सर्जन डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. संजीत कुमार सिंह डॉ. अनुराग पवार डॉ. पृधवी और डॉ. सर्वज्ञ बेहोशी के डॉक्टर डॉ. पी.के. दास और डॉ. प्रकृति, तथा नर्सिंग स्टाफ जेनिफर रवि और ऋषभ। इस मामले की उपलब्धता को अंतरराष्ट्रीय यूरोलॉजी पत्रिका में प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा।







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