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लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ ने संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह के नेतृत्व में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (Department of Health Research - DHR) के अंतर्गत सेंटर फॉर एविडेंस-बेस्ड गाइडलाइन्स (Centre for Evidence-based Guidelines) द्वारा तकनीकी संसाधन केंद्र (Technical Resource Centre - TRC) की स्थापना हेतु देशभर से चयनित केवल 16 संस्थानों में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ को स्थान प्राप्त हुआ है। गत 24 जुलाई को जारी परिणामों के अनुसार डॉ. शिव कुमार मुद्गल प्राचार्य-सह-प्रोफेसर कॉलेज ऑफ नर्सिंग डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ को इस परियोजना का प्रधान अन्वेषक (Principal Investigator - PI) नामित किया गया है। इस परियोजना के सह-प्रधान अन्वेषक (Co-Principal Investigators) के रूप में निम्नलिखित संकाय सदस्य शामिल हैं।
प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह, निदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (डॉ. आरएमएलआईएमएस), लखनऊ
प्रो. (डॉ.) अमित कौशिक, एसोसिएट डीन (अनुसंधान) एवं प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा विभाग, डॉ. आरएमएलआईएमएस, लखनऊ
प्रो. (डॉ.) अजय वर्मा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष श्वसन रोग चिकित्सा विभाग डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ
प्रो. (डॉ.) अर्पिता सिंह, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फार्माकोलॉजी विभाग डॉ. आरएमएलआईएमएस, लखनऊ
डॉ. मिली सेंगर, एसोसिएट प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा विभाग डॉ. आरएमएलआईएमएस, लखनऊ
देश के केवल 16 चयनित संस्थानों में डॉ. आरएमएलआईएमएस लखनऊ का चयन होना संस्थान के लिए अत्यंत गौरव एवं सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि संस्थान की उत्कृष्ट अनुसंधान क्षमता, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-based Medicine) तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति एवं उपचार दिशानिर्देशों के विकास में उसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। यह तकनीकी संसाधन केंद्र वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित राष्ट्रीय स्तर के क्लीनिकल एवं जनस्वास्थ्य दिशानिर्देशों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे देश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं एवं बेहतर रोगी देखभाल को बढ़ावा मिलेगा। संस्थान के निदेशक एवं समस्त संकाय सदस्यों ने इस उपलब्धि पर परियोजना के प्रधान अन्वेषक तथा समस्त अनुसंधान दल को हार्दिक बधाई दी तथा इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।







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