











































Diarrhea cases rising during the monsoon
कानपुर। मानसून की शुरुआत पर रीजेंसी हेल्थ कानपुर में डायरिया (दस्त) के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेष रूप से छोटे बच्चों बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) वाले लोगों में इसके अधिक मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मौसम में होने वाले जल एवं खाद्य जनित संक्रमणों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।
डायरिया की पहचान
डायरिया की पहचान एक दिन में तीन या उससे अधिक बार पतले या पानी जैसे दस्त होने से होती है। इसके साथ पेट में ऐंठन उल्टी बुखार और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) जैसे लक्षण हो सकते हैं। अधिकांश मामलों में यह बीमारी हल्की होती है और कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन समय पर अगर उपचार न मिला तो डायरिया शरीर में पानी और आवश्यक लवणों (इलेक्ट्रोलाइट्स) की खतरनाक कमी का कारण बन सकता है।
डॉ. वैभव गुप्ता सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने कहा मानसून के दौरान दूषित भोजन और पानी डायरिया संक्रमण का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। अक्सर लोग डायरिया को सामान्य बीमारी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर शरीर में पानी की कमी को पूरा न किया जाए तो यह छोटे बच्चों बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डायरिया होने पर सबसे पहला उपचार ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन और समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना है। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि हर मामले में इनकी आवश्यकता नहीं होती और कई बार यह नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
बारिश के दौरान पीने के पानी के स्रोत और खाद्य पदार्थ आसानी से दूषित हो जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। खराब स्वच्छता सड़क किनारे मिलने वाले अस्वच्छ भोजन का सेवन तथा भोजन का सही तरीके से भंडारण न होना संक्रमण के खतरे को और बढ़ा देता है। डायरिया से बचाव के लिए स्वच्छता और सुरक्षित खान-पान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। केवल उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या शुद्ध पानी ही पिएं। भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं। हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन करें। खुले में रखा भोजन बासी खाना कटे हुए फल कच्चे सलाद और अस्वच्छ स्थानों पर मिलने वाले स्ट्रीट फूड से बचें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें। रसोई और भोजन तैयार करने वाले स्थान की नियमित सफाई रखें। मानसून में फंगस होने लगता है।







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