देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मानसून में लगातार बढ़ रहे डायरिया के मामले:डा वैभव

मानसून के दौरान दूषित भोजन और पानी डायरिया संक्रमण का सबसे बड़ा कारण हैं। अक्सर लोग डायरिया को सामान्य बीमारी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर शरीर में पानी की कमी को पूरा न किया जाए तो यह छोटे बच्चों बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डायरिया होने पर सबसे पहला उपचार ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन और समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना है। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।

हुज़ैफ़ा अबरार
July 24 2026 Updated: July 24 2026 00:34
0 483
मानसून में लगातार बढ़ रहे डायरिया के मामले:डा वैभव Diarrhea cases rising during the monsoon

 कानपुर। मानसून की शुरुआत पर रीजेंसी हेल्थ कानपुर में डायरिया (दस्त) के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेष रूप से छोटे बच्चों बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) वाले लोगों में इसके अधिक मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मौसम में होने वाले जल एवं खाद्य जनित संक्रमणों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।

डायरिया की पहचान
डायरिया की पहचान एक दिन में तीन या उससे अधिक बार पतले या पानी जैसे दस्त होने से होती है। इसके साथ पेट में ऐंठन उल्टी बुखार और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) जैसे लक्षण हो सकते हैं। अधिकांश मामलों में यह बीमारी हल्की होती है और कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन समय पर अगर उपचार न मिला तो डायरिया शरीर में पानी और आवश्यक लवणों (इलेक्ट्रोलाइट्स) की खतरनाक कमी का कारण बन सकता है।

डॉ. वैभव गुप्ता सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन रीजेंसी हेल्थ कानपुर ने कहा मानसून के दौरान दूषित भोजन और पानी डायरिया संक्रमण का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। अक्सर लोग डायरिया को सामान्य बीमारी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर शरीर में पानी की कमी को पूरा न किया जाए तो यह छोटे बच्चों बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डायरिया होने पर सबसे पहला उपचार ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन और समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना है। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।  क्योंकि हर मामले में इनकी आवश्यकता नहीं होती और कई बार यह नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

 

बारिश के दौरान पीने के पानी के स्रोत और खाद्य पदार्थ आसानी से दूषित हो जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। खराब स्वच्छता सड़क किनारे मिलने वाले अस्वच्छ भोजन का सेवन तथा भोजन का सही तरीके से भंडारण न होना संक्रमण के खतरे को और बढ़ा देता है। डायरिया से बचाव के लिए स्वच्छता और सुरक्षित खान-पान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। केवल उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या शुद्ध पानी ही पिएं। भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं। हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन करें। खुले में रखा भोजन बासी खाना कटे हुए फल कच्चे सलाद और अस्वच्छ स्थानों पर मिलने वाले स्ट्रीट फूड से बचें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें। रसोई और भोजन तैयार करने वाले स्थान की नियमित सफाई रखें। मानसून में फंगस होने लगता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

ये हैं गर्मियों में टैनिंग दूर भगाने के घरेलू रामबाण उपाय

ये हैं गर्मियों में टैनिंग दूर भगाने के घरेलू रामबाण उपाय

आरती तिवारी August 17 2022 33037

सूरज की यूवी किरणों के कारण त्वचा पर टैन हो जाता है और इस कारण त्वचा सुस्त और बेजान नजर आने लगती है,

उत्तर प्रदेश नीट काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जल्दी करें अप्‍लाई

उत्तर प्रदेश नीट काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जल्दी करें अप्‍लाई

admin September 27 2022 34181

छात्र ध्यान दें कि काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करते समय उन्हें एप्लीकेशन फीस के रूप में 3,000 रुपये

बारिश में मुल्तानी मिट्टी बन सकती है वरदान, ऐसे बनाएं फेस पैक।

बारिश में मुल्तानी मिट्टी बन सकती है वरदान, ऐसे बनाएं फेस पैक।

लेख विभाग August 01 2021 25289

बारिश में चेहरे पर ब्‍लैक और वाइट हेड्स नजर आने लगते हैं। ऐसे में चेहरे के लिए मुल्तानी मिट्टी वरदान

टला नहीं है निपाह का खतरा, चमगादड़ों में मिला एंटीबॉडी

टला नहीं है निपाह का खतरा, चमगादड़ों में मिला एंटीबॉडी

admin April 06 2022 39092

ICMR ने 573 चमगादड़ों पर किया था शोध जिनमें से 51 में एंडीबाडी मिले थे। वैज्ञानिकों ने देश भर में नि

स्वास्थ्य विभाग को मिले 384 नये चिकित्सक

स्वास्थ्य विभाग को मिले 384 नये चिकित्सक

आरती तिवारी September 01 2023 26874

आयुष विभाग के जरिए स्वास्थ्य विभाग को 384 नये चिकित्सक और मिल गए हैं। इससे प्रदेश के प्राथमिक और सा

साइनोसाइटिस, कारण, लक्षण और बचाव

साइनोसाइटिस, कारण, लक्षण और बचाव

लेख विभाग January 07 2022 61212

साइनस के श्लेष्मा झिल्ली में सूजन आने से उस जगह पर बैक्टीरिया, वायरस एवं कवक विकसित हो सकते हैं। इस

लखनऊ में भी पाँव पसार रहा कोरोना, छात्र हो रहे शिकार

लखनऊ में भी पाँव पसार रहा कोरोना, छात्र हो रहे शिकार

हुज़ैफ़ा अबरार April 30 2022 28708

इससे पहले लामाटीनियर की दो छात्राएं संक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं। कैथेड्रल और डीपीएस के छात्र भी स

बालों के लिए ऑयलिंग ​क्यों जरूरी है?

बालों के लिए ऑयलिंग ​क्यों जरूरी है?

सौंदर्या राय September 11 2021 40369

स्टाइल के चक्कर में आप अपने बालों की सेहत को खराब कर लेते हैं। इसी कारण से आजकल बालों में रूखापन, सफ

गर्मी आते ही चमकी बुखार का कहर

गर्मी आते ही चमकी बुखार का कहर

विशेष संवाददाता February 26 2023 31875

श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पीकू वार्ड में भर्ती सकरा बिद्दीपुर गांव के 3 वर्षीय बच्चे मो

गाजियाबाद के 103 अस्पतालों को नोटिस

गाजियाबाद के 103 अस्पतालों को नोटिस

श्वेता सिंह September 20 2022 36622

स्वास्थ्य विभाग ने पहले 154 अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किया था। इनमें से कुछ अस्पताल संचालकों ने

Login Panel