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लखनऊ। राष्ट्रीय एलर्जी दिवस पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान एवं विद्यालय में जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इसमें 200 विद्यार्थियों को एलर्जी से बचाव की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय एलर्जी दिवस(11 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के एलर्जी एंड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी चैप्टर के तत्वावधान में स्टैम्प आउट एलर्जी अभियान के अंतर्गत लखनऊ में अस्पताल एवं विद्यालय स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में बुधवार को रेड रोज सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोमतीनगर लखनऊ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 200 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीतांशु श्रीवास्तव एवं लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की अध्यक्ष डॉ. शालिनी भसीन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की चेयरपर्सन स्मिता मिश्रा एवं प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली मखीजा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बच्चों को अस्थमा एलर्जिक राइनाइटिस खाद्य एलर्जी त्वचा संबंधी एलर्जी तथा इनके लक्षणों कारणों बचाव एवं उपचार के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी गई। विशेष रूप से एनाफिलैक्सिस जैसी गंभीर एवं जानलेवा एलर्जिक प्रतिक्रिया की शीघ्र पहचान इसके चेतावनी संकेतों तथा आपातकालीन उपचार के महत्व के बारे में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूक किया। डॉ. शीतांशु श्रीवास्तव प्रोफेसर बाल रोग विभाग डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ ने बताया बच्चों में एलर्जी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है। समय पर पहचान उचित उपचार एवं एलर्जी उत्पन्न करने वाले कारकों से बचाव द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रियाओं की पहचान तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
डॉ. शीतांशु श्रीवास्तव प्रोफेसर बाल रोग विभाग, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ ने बताया कि बच्चों में एलर्जी एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है। समय पर पहचान उचित उपचार एवं एलर्जी उत्पन्न करने वाले कारकों से बचाव द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रियाओं की पहचान तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ की विभिन्न ओपीडी में भी विशेष एलर्जी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से मरीजों एवं अभिभावकों को बच्चों में होने वाली विभिन्न प्रकार की एलर्जी अस्थमा एलर्जिक राइनाइटिस खाद्य एलर्जी तथा एनाफिलैक्सिस के लक्षणों, रोकथाम और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही एलर्जी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने, सही उपचार एवं नियमित फॉलोअप के प्रति जागरूक किया। डॉ. शालिनी भसीन अध्यक्ष लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने बच्चों अभिभावकों एवं शिक्षकों में एलर्जी संबंधी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। दो दिवसीय जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य अस्पताल से विद्यालय तक एलर्जी के प्रति जागरूकता फैलाना तथा एलर्जी की सही पहचान, समय पर उपचार और गंभीर प्रतिक्रियाओं से बचाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा।
स्टैम्प आउट एलर्जी (Stamp Out Allergy) क्या है?
आपने जिस स्टैम्प आउट एलर्जी के बारे में पूछा है, उसका सही अर्थ समझने के लिए थोड़ा स्पष्ट करना ज़रूरी है। हो सकता है कि आप किसी खास प्रकार की एलर्जी, त्वचा पर होने वाले दाने या एलर्जी से बचाव के किसी अभियान के बारे में पूछ रहे हों। आमतौर पर एलर्जी तब होती है, जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली किसी चीज़ के प्रति ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया करती है। इसके कारण ये लक्षण हो सकते हैं- छींक आना और नाक बहना।
त्वचा पर लाल चकत्ते या खुजली होना। आँखों में खुजली या पानी आना। साँस लेने में परेशानी होना। एलर्जी से बचाव कैसे करें?
एलर्जी का कारण पहचानें: धूल, परागकण, फफूँद, कुछ खाद्य पदार्थ या दवाएँ कारण हो सकते हैं। धूल से बचें: घर की नियमित सफाई करें और बिस्तर को साफ रखें। खाने-पीने में सावधानी रखें: जिस खाद्य पदार्थ से एलर्जी होती है, उससे बचें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें: एलर्जी की दवाएँ लक्षणों और उम्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। गंभीर लक्षणों पर तुरंत मदद लें: यदि गले या जीभ में सूजन हो, साँस लेने में कठिनाई हो या चक्कर आने लगें, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।







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